छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले में उस वक्त सनसनी फैल गई, जब नगर निगम कार्यालय के भीतर घुसकर प्रदर्शनकारियों ने एक कर्मचारी की जमकर धुनाई कर दी। मामला धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुँचाने से जुड़ा बताया जा रहा है। आरोप है कि नगर निगम आयुक्त के निजी सहायक (PA) के रूप में कार्यरत कर्मचारी ने सोशल मीडिया पर देवी-देवताओं और धार्मिक गुरुओं के खिलाफ अमर्यादित टिप्पणी की थी, जिसके बाद आक्रोशित भीड़ ने कानून अपने हाथ में ले लिया।
क्या है पूरा मामला?
जानकारी के अनुसार, दुर्ग नगर निगम में प्लेसमेंट कर्मचारी के तौर पर तैनात गौतम साहू, जो वर्तमान में आयुक्त के निजी सहायक की जिम्मेदारी संभाल रहा था, विवादों के घेरे में आ गया है। बताया जा रहा है कि गौतम की एक महिला सहकर्मी के साथ हुई व्हाट्सएप चैट के स्क्रीनशॉट सोशल मीडिया पर वायरल हो गए थे। इन चैट्स में कथित रूप से हिंदू देवी-देवताओं और प्रतिष्ठित धार्मिक गुरुओं के प्रति आपत्तिजनक और अपमानजनक शब्दों का प्रयोग किया गया था। जैसे ही यह स्क्रीनशॉट बजरंग दल और अन्य स्थानीय हिंदू संगठनों के पास पहुँचे, शहर में तनाव की स्थिति निर्मित हो गई।
कार्यालय में घुसकर की मारपीट
8 मई की दोपहर करीब 1 बजे, बजरंग दल के जिला संयोजक सौरभ देवांगन के नेतृत्व में बड़ी संख्या में कार्यकर्ता नगर निगम कार्यालय जा पहुँचे। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, कार्यकर्ताओं ने गौतम साहू को उसके केबिन से बाहर खींच लिया और परिसर में ही उसकी पिटाई शुरू कर दी। हंगामा इतना भीषण था कि इस दौरान कर्मचारी के कपड़े तक फट गए। अचानक हुए इस हमले से निगम कार्यालय में अफरा-तफरी मच गई और कुछ समय के लिए सरकारी कामकाज पूरी तरह ठप हो गया।
पुलिस की दखल और कार्रवाई
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस बल मौके पर पहुँचा। पुलिस ने कड़ी मशक्कत के बाद घायल कर्मचारी को भीड़ के चंगुल से छुड़ाया और सुरक्षा घेरे में लेकर पदमनाभपुर थाने पहुँची। इस बीच, पोलसाय पारा निवासी मंगल सिंह राजपूत ने मामले की गंभीरता को देखते हुए आरोपी कर्मचारी के खिलाफ लिखित शिकायत दर्ज कराई है। हिंदू संगठनों का स्पष्ट कहना है कि आस्था के साथ खिलवाड़ किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
प्रशासनिक रुख
मामले पर जानकारी देते हुए दुर्ग के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक मणिशंकर चंद्रा ने बताया कि पुलिस को धार्मिक भावनाओं को आहत करने वाली चैट के संबंध में शिकायत प्राप्त हुई है। उन्होंने कहा, "मामले की निष्पक्ष जांच की जा रही है। साक्ष्यों और वायरल चैट की सत्यता की पुष्टि होने के बाद नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी।"
फिलहाल, निगम प्रशासन ने भी इस घटना पर संज्ञान लिया है और आंतरिक स्तर पर कर्मचारी के आचरण की समीक्षा की जा रही है। शहर में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस बल तैनात है।
