जिले में पिछले 24 घंटों के भीतर पुलिस की तत्परता और सूझबूझ की दो अलग-अलग मिसालें देखने को मिलीं। जहां एक ओर पुलगांव में भीषण सड़क हादसे के बाद मलबे में फंसे चालकों को सुरक्षित निकाला गया, वहीं छावनी चौक पर पुलिस की पैनी नजर ने एक बड़े अग्निकांड को होने से रोक लिया।
पुलगांव थाना क्षेत्र के भारती कॉलेज के पास देर रात सन्नाटा उस वक्त चीख-पुकार में बदल गया, जब दो हाईवा वाहनों के बीच आमने-सामने की जबरदस्त भिड़ंत हो गई। टक्कर इतनी भयावह थी कि दोनों ट्रकों के अगले हिस्से (केबिन) पिचक कर आपस में गुंथ गए।
सटीक कार्रवाई: सूचना मिलते ही थाना प्रभारी गुरविंदर सिंह संधू अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे।
चुनौतीपूर्ण रेस्क्यू: दोनों ड्राइवर बुरी तरह लोहे के मलबे के बीच फंस चुके थे। पुलिस ने तत्काल जेसीबी मशीन बुलवाई और गैस कटर की मदद से घंटों मशक्कत के बाद चालकों को बाहर निकाला।
घायलों की स्थिति: घायलों की पहचान विजय कुमार यादव (23 वर्ष, मोहला मानपुर) और वीरेंद्र (34 वर्ष, झारखंड) के रूप में हुई है। उन्हें तत्काल अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उनकी स्थिति पर डॉक्टर नजर बनाए हुए हैं।
घटना 2: ड्यूटी पर तैनात ASI की सतर्कता ने बचाया बाजार
दूसरी घटना छावनी चौक की है, जहां गुरुवार सुबह करीब 9:30 बजे एक बड़ी अनहोनी टल गई। यातायात पुलिस के ASI सुशील पांडे अपनी टीम के साथ सड़क पर यातायात व्यवस्था दुरुस्त करने निकले थे, तभी उनकी नजर एक बंद दुकान से निकलते धुएं पर पड़ी।
त्वरित निर्णय: बिना देर किए सुशील पांडे ने मोर्चा संभाला। दुकान मालिक को सूचित करने के साथ ही आसपास के लोगों को इकट्ठा किया।
जन-सहयोग से पाया काबू: पुलिस टीम ने स्थानीय लोगों की मदद से पानी की बौछारें शुरू कीं और दुकान का शटर खुलवाकर आग को फैलने से पहले ही बुझा दिया।
बड़ा नुकसान टला: चूंकि यह इलाका काफी भीड़भाड़ वाला है, यदि आग विकराल रूप ले लेती तो आसपास की दर्जनों दुकानें इसकी चपेट में आ सकती थीं। पुलिस की इस सतर्कता की पूरे इलाके में तारीफ हो रही है।
"दुर्ग पुलिस" "सड़क पर सावधानी ही सुरक्षा है। रात के समय तेज रफ्तार और थकान हादसों का मुख्य कारण बनती है। वहीं, दुकानों और प्रतिष्ठानों में शॉर्ट सर्किट से बचाव के लिए फायर सेफ्टी उपकरणों का रखरखाव बेहद जरूरी है।"
पुलिस अब इन दोनों मामलों की विस्तृत जांच कर रही है।

