बड़ा एक्शन : जांजगीर-चांपा के ठग पर शिकंजा, पीयूष जायसवाल के खिलाफ LOC जारी
जांजगीर-चांपा में शेयर ट्रेडिंग के नाम पर करोड़ों रुपये की ठगी के आरोपी पीयूष जायसवाल के खिलाफ गृह मंत्रालय ने लुक आउट सर्कुलर (LOC) जारी किया है। आरोपी लंबे समय से फरार है और कई मामलों में न्यायालय में पेश नहीं हो रहा था। पुलिस ने उसकी गिरफ्तारी के लिए देशभर में निगरानी बढ़ा दी है और आम लोगों से उसकी सूचना देने की अपील की है।
कीर्तिमान डेस्क
27 Jul 2026, 06:35 PM
जांजगीर-चांपा
जांजगीर-चांपा जिले में शेयर ट्रेडिंग के नाम पर करोड़ों रुपये की ठगी करने वाले फरार आरोपी के खिलाफ अब केंद्रीय स्तर पर बड़ी कार्रवाई की गई है। लंबे समय से कानून से बचकर घूम रहे आरोपी पीयूष जायसवाल के खिलाफ भारत सरकार के गृह मंत्रालय (Ministry of Home Affairs) ने लुक आउट सर्कुलर (LOC) जारी कर दिया है। इस कार्रवाई के बाद अब देश के सभी अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट, बंदरगाह और सीमाई चेक पोस्ट पर उसकी गतिविधियों पर नजर रखी जाएगी। पुलिस का कहना है कि आरोपी लगातार न्यायालय में पेश नहीं हो रहा था, जिसके चलते यह सख्त कदम उठाया गया है। साथ ही पुलिस ने आम लोगों से भी आरोपी के संबंध में किसी भी प्रकार की जानकारी मिलने पर तत्काल सूचना देने की अपील की है।
मुनाफे का झांसा, करोड़ों की ठगी
पुलिस जांच के अनुसार, 21 वर्षीय आरोपी पीयूष जायसवाल, पिता पारेश्वर जायसवाल, निवासी ग्राम पोडीशकर, थाना बम्हनीडीह, जिला जांजगीर-चांपा, ने खुद को शेयर ट्रेडिंग का जानकार बताकर लोगों का भरोसा जीता। उसने निवेशकों को कम समय में कई गुना मुनाफा दिलाने का लालच दिया और बम्हनीडीह, चांपा, कोरबा समेत जिले के विभिन्न इलाकों के लोगों से बड़ी रकम निवेश करवाई। शुरुआत में भरोसा कायम रखने के लिए कुछ लोगों को मुनाफे का झांसा भी दिया गया, लेकिन बाद में जब निवेशकों ने अपनी रकम वापस मांगी तो आरोपी टालमटोल करता रहा। धीरे-धीरे उसने लोगों से संपर्क करना भी बंद कर दिया और करोड़ों रुपये लेकर फरार हो गया। इस घटना के बाद बड़ी संख्या में पीड़ितों ने पुलिस से शिकायत दर्ज कराई, जिसके बाद मामले की जांच शुरू हुई।
गंभीर मामलों में केस दर्ज
मामले की गंभीरता को देखते हुए आरोपी के खिलाफ अलग-अलग थानों में धोखाधड़ी और अमानत में खयानत से जुड़े प्रकरण दर्ज किए गए हैं। बम्हनीडीह थाना में अपराध क्रमांक 87/2024 के तहत भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 420, 406 और 34 के अंतर्गत मामला दर्ज किया गया है। वहीं, चांपा थाना में अपराध क्रमांक 152/2025 के तहत भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 318(4), 316(2), 111(1) और 3(5) के तहत केस दर्ज किया गया है। पुलिस ने जांच पूरी करने के बाद आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायालय में चालान भी पेश किया था, लेकिन जमानत मिलने के बाद वह लगातार न्यायालय से अनुपस्थित रहने लगा। उसकी गैरहाजिरी को गंभीरता से लेते हुए न्यायालय ने उसके खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी कर दिया।
शेयर ट्रेडिंग फ्रॉड केस का वांछित आरोपी
आरोपी पर कई वारंट लंबित
सिर्फ जांजगीर-चांपा ही नहीं, बल्कि आरोपी के खिलाफ अन्य जिलों में भी कानूनी कार्रवाई चल रही है। बिलासपुर स्थित न्यायालय में परक्राम्य लिखत अधिनियम (Negotiable Instruments Act) की धारा 138 से संबंधित मामले लंबित हैं। वहीं कोरबा न्यायालय में प्रकरण क्रमांक 5341, 5340, 5339 और 5342 में भी आरोपी के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी किए जा चुके हैं। लगातार अलग-अलग मामलों में न्यायालय के आदेशों की अवहेलना करने और फरार रहने के कारण पुलिस की कार्रवाई और तेज कर दी गई है। अधिकारियों का कहना है कि आरोपी के खिलाफ सभी मामलों में कानूनी प्रक्रिया तेजी से आगे बढ़ाई जा रही है।
गृह मंत्रालय का बड़ा एक्शन
आरोपी के लगातार फरार रहने और अदालत में पेश नहीं होने की वजह से जांजगीर-चांपा पुलिस ने उसके खिलाफ लुक आउट सर्कुलर (LOC) जारी कराने की प्रक्रिया शुरू की थी। आवश्यक दस्तावेज और न्यायालयी आदेशों के आधार पर भारत सरकार के गृह मंत्रालय ने आरोपी के खिलाफ LOC जारी कर दिया है। इसके बाद अब देश के सभी अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट, समुद्री बंदरगाहों और अंतरराष्ट्रीय सीमाओं पर सुरक्षा एजेंसियां आरोपी की आवाजाही पर नजर रखेंगी। यदि वह देश छोड़ने की कोशिश करता है या किसी भी प्रवेश-निकास बिंदु पर पकड़ा जाता है, तो संबंधित एजेंसियां तत्काल स्थानीय पुलिस को सूचना देकर आवश्यक कानूनी कार्रवाई करेंगी।
आम लोगों से पुलिस की अपील
जांजगीर-चांपा पुलिस ने नागरिकों से सहयोग की अपील करते हुए कहा है कि यदि किसी भी व्यक्ति को आरोपी पीयूष जायसवाल के ठिकाने, गतिविधियों या उसके संपर्क में रहने वाले लोगों के संबंध में कोई भी जानकारी मिले, तो वह तुरंत पुलिस को सूचित करे। सूचना पुलिस नियंत्रण कक्ष, जांजगीर के मोबाइल नंबर 94791-93199 या थाना चांपा प्रभारी के मोबाइल नंबर 79874-60292 पर दी जा सकती है। पुलिस ने भरोसा दिलाया है कि सूचना देने वाले व्यक्ति की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी और उसकी सुरक्षा का भी पूरा ध्यान रखा जाएगा। अधिकारियों का कहना है कि जनता के सहयोग से आरोपी को जल्द गिरफ्तार कर न्यायालय के समक्ष पेश किया जाएगा।