देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा NEET-UG 2026 को पेपर लीक के पुख्ता आरोपों के बाद मंगलवार को रद्द कर दिया गया। नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने भारत सरकार की हरी झंडी मिलने के बाद यह बड़ा फैसला लिया है। 3 मई को हुई इस परीक्षा में देश भर के 22.79 लाख छात्र शामिल हुए थे, जिन्हें अब नई तारीख का इंतजार करना होगा।
शिक्षा मंत्री की चुप्पी, केंद्र का कड़ा रुख
मामले की गंभीरता को देखते हुए केंद्र सरकार ने पूरी जांच CBI के हवाले कर दी है। एक ओर जहां छात्र सड़कों पर आक्रोशित हैं, वहीं दिल्ली में जब मीडिया ने शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से इस पर सवाल पूछा, तो वे बिना कोई प्रतिक्रिया दिए निकल गए।
लीक की टाइमलाइन: केरल से शुरू होकर 'व्हाट्सएप' तक पहुंचा खेल
जांच में सामने आया है कि पेपर लीक की पटकथा परीक्षा से दो दिन पहले ही लिखी जा चुकी थी:
1 मई: केरल में एमबीबीएस कर रहे एक छात्र ने सीकर (राजस्थान) में अपने दोस्त को एक 'क्वेश्चन बैंक' भेजा।
2 मई: यह फाइल सीकर के एक पीजी संचालक के हाथ लगी, जिसने इसे अपने छात्रों और करियर काउंसलर्स में बांट दिया।
3 मई (परीक्षा का दिन): जैसे ही पेपर सामने आया, पीजी संचालक ने पुलिस और NTA को शिकायत दी कि छात्रों के पास पहले से प्रश्न मौजूद थे।
7-10 मई: राजस्थान पुलिस की SOG और अन्य एजेंसियों को उत्तराखंड और बिहार से भी गड़बड़ी के इनपुट मिले। अब तक सीकर और आसपास के इलाकों से 13 गिरफ्तारियां हो चुकी हैं।
हैरान करने वाला खुलासा: 600 नंबर का पेपर 'हूबहू' मैच
एक्सपर्ट्स तब दंग रह गए जब उन्होंने बरामद 'क्वेश्चन बैंक' का मिलान असली पेपर से किया। लीक की भयावहता इन आंकड़ों से समझी जा सकती है:
| विवरण | आंकड़े |
| कुल सवाल (हल करने वाले) | 180 |
| लीक हुए क्वेश्चन बैंक में सवाल | 300+ (हाथ से लिखे हुए) |
| हूबहू मिले सवाल | 150 |
| लीक हुए प्रश्नों का कुल वेटेज | 600 अंक (720 में से) |
विशेषज्ञों का कहना है: "किसी गेस पेपर से 5-10 सवाल मिलना सामान्य है, लेकिन 150 सवालों का हूबहू मिलना सीधे तौर पर पेपर लीक का प्रमाण है।" व्हाट्सएप पर यह फाइल 'फॉरवर्डेड मेनी टाइम्स' मार्क के साथ घूम रही थी, जिससे आशंका है कि यह हजारों छात्रों तक पहुंची।
पुरानी यादें ताजा: 2024 का वो विवादित मंजर
यह पहली बार नहीं है जब NEET विवादों में है। 2024 में भी पेपर लीक के आरोपों के बाद मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंचा था। उस वक्त:
67 छात्रों ने 720 में से 720 अंक हासिल किए थे।
एक ही सेंटर से कई टॉपर्स निकले थे।
हालांकि, तब कोर्ट ने पूरी परीक्षा रद्द नहीं की थी, लेकिन इस बार साक्ष्यों के भारी दबाव के कारण NTA को पूरी परीक्षा निरस्त करनी पड़ी है।
छात्रों के लिए संदेश: NTA जल्द ही आधिकारिक वेबसाइट पर दोबारा परीक्षा (Re-exam) का शेड्यूल जारी करेगा। छात्रों को सलाह दी गई है कि वे केवल आधिकारिक सूचनाओं पर ही भरोसा करें।
