नवापारा-राजिम नगर में एक गौरवपूर्ण क्षण देखने को मिला है, जहाँ वरिष्ठ भाजपा नेता एवं सिंधी समाज के उपाध्यक्ष अशोक नागवानी की छोटी बहन ममता नागवानी ने अपनी उत्कृष्ट शैक्षणिक उपलब्धि से पूरे क्षेत्र का नाम रोशन किया है। ममता नागवानी ने दिल्ली सिंधी पी.जी. बोर्ड परीक्षा में पूरे छत्तीसगढ़ में प्रथम स्थान प्राप्त कर यह साबित किया है कि मेहनत और लगन से किसी भी लक्ष्य को हासिल किया जा सकता है। उन्होंने इस परीक्षा में 72.50 प्रतिशत अंक प्राप्त किए हैं, जो उनकी मेहनत और समर्पण का परिचायक है। उनकी इस सफलता से नगर में खुशी की लहर दौड़ गई है।
ममता नागवानी, जिन्हें नेहा पमनानी के नाम से भी जाना जाता है, शुरू से ही पढ़ाई में मेधावी रही हैं। उन्होंने अपने कॉलेज जीवन में भी बैचलर ऑफ आर्ट्स (B.A.) की परीक्षा में प्रथम स्थान प्राप्त कर अपनी प्रतिभा का परिचय दिया था। उनकी यह उपलब्धि दर्शाती है कि वे हमेशा से ही शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन करती रही हैं और लगातार बेहतर परिणाम हासिल करने के लिए प्रयासरत रही हैं। उनकी शैक्षणिक यात्रा कई विद्यार्थियों के लिए प्रेरणा का स्रोत बन रही है।
ममता नागवानी, बिलासपुर शहर के प्रतिष्ठित व्यापारी हेमंत पमनानी की धर्मपत्नी हैं। उनका परिवार सामाजिक और व्यापारिक क्षेत्र में एक सम्मानित पहचान रखता है। उनके परिवार और समाज के सहयोग ने भी उनकी सफलता में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। यह उपलब्धि केवल व्यक्तिगत नहीं बल्कि पूरे परिवार के लिए गर्व का विषय बन गई है।
समाज और नगर में खुशी का माहौल
भाजपा नेता अशोक नागवानी की बहन की इस उपलब्धि पर पूरे नवापारा क्षेत्र और सिंधी समाज में हर्ष और गर्व का वातावरण है। स्थानीय लोगों ने उनकी इस सफलता पर खुशी व्यक्त करते हुए कहा कि ममता नागवानी की यह उपलब्धि पूरे नगर के लिए प्रेरणादायक है। समाज के लोगों का मानना है कि उनकी इस सफलता से क्षेत्र की अन्य बेटियों को भी शिक्षा के क्षेत्र में आगे बढ़ने की प्रेरणा मिलेगी।
समाज के अनेक लोगों और शुभचिंतकों ने ममता नागवानी को इस शानदार सफलता पर हार्दिक बधाई दी है। सभी ने उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए कहा कि वे आगे भी इसी तरह शिक्षा और समाज के क्षेत्र में नई ऊँचाइयाँ हासिल करती रहें। उनकी यह उपलब्धि आने वाली पीढ़ियों के लिए एक प्रेरणा स्रोत बनी रहेगी।

