छत्तीसगढ़ में प्री-मानसून की गतिविधियां लगातार जारी हैं। सरगुजा से लेकर बस्तर संभाग तक कई इलाकों में झमाझम बारिश हुई है। आंधी और गरज-चमक के साथ हुई बारिश ने लोगों को भीषण गर्मी से राहत दिलाई है। बिलासपुर, गरियाबंद, धमतरी और मुंगेली में तेज हवाओं के साथ अच्छी बारिश दर्ज की गई। वहीं रायपुर और दुर्ग संभाग के कई जिलों में 40 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलीं। पिछले 24 घंटों के दौरान प्रदेश के अधिकतम तापमान में 1 से 3 डिग्री सेल्सियस तक की गिरावट दर्ज की गई। उत्तरी और मध्य छत्तीसगढ़ के कई इलाकों में मेघगर्जन, वज्रपात, तेज हवाएं और बारिश की गतिविधियां देखने को मिलीं।
बारिश के बावजूद राजनांदगांव प्रदेश का सबसे गर्म शहर रहा, जहां शनिवार को अधिकतम तापमान 42 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। रायपुर के लालपुर में अधिकतम तापमान 37.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। वहीं बिलासपुर में 38 डिग्री, पेंड्रा रोड में 35.8 डिग्री, अंबिकापुर में 35.1 डिग्री, जगदलपुर में 31.7 डिग्री और दुर्ग में 38.6 डिग्री सेल्सियस तापमान रिकॉर्ड किया गया। पेंड्रा रोड प्रदेश का सबसे ठंडा स्थान रहा, जहां न्यूनतम तापमान 22.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
बस्तर संभाग के लिए यलो अलर्ट जारी
छत्तीसगढ़ में जल्द पहुंच सकता है मानसून
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार अगले 2 से 3 दिनों में दक्षिण-पश्चिम मानसून मध्य अरब सागर, महाराष्ट्र, कर्नाटक के शेष हिस्सों, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश, पश्चिम बंगाल, ओडिशा, झारखंड, बिहार और छत्तीसगढ़ के कुछ हिस्सों में आगे बढ़ सकता है। इसके लिए परिस्थितियां अनुकूल बनी हुई हैं।
प्रमुख शहरों का तापमान
रायपुर के लालपुर में अधिकतम तापमान 37.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। वहीं बिलासपुर में 38 डिग्री, पेंड्रा रोड में 35.8 डिग्री, अंबिकापुर में 35.1 डिग्री, जगदलपुर में 31.7 डिग्री और दुर्ग में 38.6 डिग्री सेल्सियस तापमान रिकॉर्ड किया गया। पेंड्रा रोड प्रदेश का सबसे ठंडा स्थान रहा, जहां न्यूनतम तापमान 22.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
