जिले में यूरिया उर्वरक वितरण में अनियमितता को लेकर प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। उप संचालक कृषि एफ.आर. कश्यप ने जिले के 4 निजी उर्वरक विक्रेताओं के खिलाफ प्राथमिकी (FIR) दर्ज करने के निर्देश दिए हैं। आरोप है कि इन फर्मों ने मार्च 2026 के दौरान नियमों के विपरीत तरीके से यूरिया का वितरण किया। जिन फर्मों के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं, उनमें सरायपाली की मेसर्स राजेश अग्रवाल और मेसर्स ओम फर्टिलाइजर, बागबाहरा की आर.एस. ट्रेडर्स तथा सुनसुनिया स्थित जय मां भीमेश्वरी ट्रेडर्स शामिल हैं। इन फर्मों के प्रोपराइटरों पर 16 मार्च से 29 मार्च 2026 के बीच अनियमित रूप से यूरिया वितरण करने का आरोप है।
पहले भी हुई थी कार्रवाई
कृषि विभाग के अनुसार इससे पहले भी जिले के 26 निजी उर्वरक विक्रेताओं के लाइसेंस 21 दिनों के लिए निलंबित किए जा चुके हैं। लगातार सामने आ रही शिकायतों के बाद प्रशासन अब और सख्त कार्रवाई के मूड में दिखाई दे रहा है।
कलेक्टर विनय लंगेह के निर्देश पर जिले में अब केवल पॉस मशीन (POS Machine) के माध्यम से ही उर्वरक वितरण करने के निर्देश लागू किए गए हैं। प्रशासन का कहना है कि किसानों को पारदर्शी तरीके से खाद उपलब्ध कराना प्राथमिकता है और गड़बड़ी करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा।
किसानों से बिल लेने की अपील
उप संचालक कृषि एफ.आर. कश्यप ने किसानों से अपील करते हुए कहा कि वे अपने रकबे के अनुसार ही उर्वरक खरीदें और खरीदारी केवल पॉस मशीन के जरिए करें। साथ ही हर खरीद पर दुकानदार से बिल अवश्य लें। उन्होंने कहा कि यदि कोई निजी विक्रेता यूरिया, डीएपी या अन्य उर्वरकों की अधिक कीमत वसूलता है या नियमों का उल्लंघन करता है, तो इसकी शिकायत संबंधित एसडीएम, तहसीलदार या वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी से की जा सकती है।
जिले में बढ़ी निगरानी
कृषि विभाग अब खाद वितरण व्यवस्था पर लगातार नजर बनाए हुए है। अधिकारियों का कहना है कि खरीफ सीजन को देखते हुए उर्वरकों की मांग बढ़ रही है, ऐसे में कालाबाजारी और अनियमित वितरण रोकने के लिए नियमित जांच अभियान चलाया जाएगा।
