‘धुरंधर’ और ‘धुरंधर 2’ जैसी रिकॉर्डतोड़ फिल्मों के बाद रणवीर अब अपने करियर के सबसे बड़े और महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट की ओर बढ़ते नजर आ रहे हैं। बॉलीवुड गलियारों में चर्चा तेज है कि रणवीर सिंह जल्द ही भगवान शिव के किरदार में बड़े पर्दे पर दिखाई देंगे। यह फिल्म मशहूर लेखक अमिश त्रिपाठी की सुपरहिट किताब The Immortals of Meluha पर आधारित होगी, जिसे तीन पार्ट की मेगा फिल्म फ्रेंचाइजी के रूप में बनाया जाएगा। रिपोर्ट्स के मुताबिक रणवीर सिंह ने इस प्रोजेक्ट के लिए किताब के फिल्मी राइट्स भारी-भरकम रकम में हासिल किए हैं। खास बात यह है कि फिल्म को रणवीर अपने प्रोडक्शन हाउस ‘मां कसम फिल्म्स’ के बैनर तले बनाने की तैयारी कर रहे हैं। माना जा रहा है कि यह प्रोजेक्ट सिर्फ एक फिल्म नहीं, बल्कि भारतीय सिनेमा का नया माइथोलॉजिकल यूनिवर्स साबित हो सकता है।
भगवान शिव के किरदार में रणवीर
अमीश त्रिपाठी की ‘शिवा ट्रिलॉजी’ में भगवान शिव को पारंपरिक देवता नहीं, बल्कि एक ऐसे योद्धा और लीडर के रूप में दिखाया गया है, जो अपनी कर्मशक्ति, नेतृत्व और संघर्ष के दम पर “महादेव” बनते हैं। यही वजह है कि यह कहानी युवाओं के बीच बेहद लोकप्रिय हुई थी। अब रणवीर सिंह इस किरदार को बड़े पर्दे पर निभाने वाले हैं। सूत्रों के अनुसार रणवीर इस रोल के लिए अपने लुक, बॉडी लैंग्वेज और फिजिकल ट्रांसफॉर्मेशन पर खास काम करेंगे। फिल्म में उनका किरदार सिर्फ आध्यात्मिक नहीं, बल्कि दमदार एक्शन और इमोशनल लेयर से भी भरपूर होगा।
बताया जा रहा है कि मेकर्स इस कहानी को एक विशाल ट्रिलॉजी के रूप में पेश करेंगे। पहले पार्ट में शिवा के मेलुहा पहुंचने और वहां के समाज से जुड़ने की कहानी दिखाई जाएगी। दूसरे और तीसरे पार्ट में उनके संघर्ष, युद्ध, राजनीति, प्रेम और महादेव बनने की यात्रा को विस्तार से दिखाया जाएगा। फिल्म में बड़े स्तर पर युद्ध के दृश्य, प्राचीन सभ्यताओं के सेट, वीएफएक्स और इंटरनेशनल सिनेमैटिक टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल किया जाएगा। मेकर्स इसे हॉलीवुड स्टाइल विजुअल ट्रीट बनाने की तैयारी में हैं।
शूटिंग से पहले लंबी तैयारी
सूत्रों के मुताबिक फिल्म का प्री-प्रोडक्शन 2027 तक चल सकता है, जबकि शूटिंग 2028 में शुरू होने की संभावना है। इसके लिए भारत और विदेशों की कई लोकेशंस पर रिसर्च की जा रही है। फिल्म के लिए एक अलग विजुअल डिजाइन टीम, कॉस्ट्यूम एक्सपर्ट्स और इंटरनेशनल वीएफएक्स स्टूडियोज को जोड़ने की योजना बनाई जा रही है। माना जा रहा है कि यह बॉलीवुड की सबसे महंगी फिल्मों में से एक हो सकती है। फिल्म को लेकर निर्देशक आदित्य धर का नाम भी सामने आ रहा है। कहा जा रहा है कि रणवीर और आदित्य धर ‘धुरंधर’ सीरीज की सफलता के बाद एक बार फिर साथ काम कर सकते हैं। हालांकि अभी तक इस बारे में कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है।
सोशल मीडिया पर फैंस का जबरदस्त रिएक्शन
जैसे ही रणवीर सिंह के भगवान शिव बनने की खबर सामने आई, सोशल मीडिया पर फैंस के रिएक्शन आने शुरू हो गए। कई यूजर्स ने रणवीर को इस किरदार के लिए “परफेक्ट चॉइस” बताया, जबकि कुछ लोग उनके संभावित लुक को लेकर उत्सुक नजर आए। फिल्म प्रेमियों का मानना है कि अगर यह प्रोजेक्ट सही तरीके से बनाया गया, तो यह भारतीय सिनेमा में माइथोलॉजिकल फिल्मों की नई शुरुआत कर सकता है।
अमीश त्रिपाठी की किताब माइथोलॉजी की परिभाषा
‘द इम्मोर्टल्स ऑफ मेलुहा’ पहली बार 2010 में प्रकाशित हुई थी और देखते ही देखते यह भारत की सबसे ज्यादा बिकने वाली किताबों में शामिल हो गई। किताब ने भारतीय पौराणिक कथाओं को आधुनिक अंदाज में पेश कर नई पीढ़ी के बीच जबरदस्त लोकप्रियता हासिल की थी। इसके बाद आई ‘द सीक्रेट ऑफ द नागाज’ और ‘द ओथ ऑफ द वायुपुत्राज’ ने इस ट्रिलॉजी को और भी बड़ा बना दिया। अब फैंस लंबे समय से इसकी फिल्मी रूपांतरण का इंतजार कर रहे थे।
रणवीर सिंह इससे पहले ‘बाजीराव’, ‘पद्मावत’ और ‘83’ जैसी फिल्मों में अपने अभिनय से प्रभावित कर चुके हैं। लेकिन भगवान शिव जैसा विशाल और आध्यात्मिक किरदार उनके करियर का सबसे चुनौतीपूर्ण रोल माना जा रहा है।अगर यह प्रोजेक्ट तय समय पर शुरू होता है, तो आने वाले वर्षों में यह बॉलीवुड की सबसे चर्चित और भव्य फिल्म फ्रेंचाइजी बन सकती है।
इस फिल्म का बजट
रणवीर की आगामी माइथोलॉजिकल फिल्म ट्रिलॉजी The Immortals of Meluha को भारतीय सिनेमा के सबसे महंगे और भव्य प्रोजेक्ट्स में से एक माना जा रहा है। हालांकि मेकर्स की ओर से अभी तक फिल्म के बजट को लेकर कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है, लेकिन इंडस्ट्री रिपोर्ट्स के मुताबिक इस पूरी तीन पार्ट की फ्रेंचाइजी पर लगभग 1500 से 2000 करोड़ रुपए तक खर्च किए जा सकते हैं। वहीं फिल्म के पहले पार्ट का बजट ही करीब 400 से 600 करोड़ रुपए बताए जाने की चर्चा है। फिल्म का बजट इतना बड़ा होने की वजह इसकी विशाल स्केल पर की जा रही तैयारी मानी जा रही है। मेकर्स इस प्रोजेक्ट को इंटरनेशनल स्तर की विजुअल क्वालिटी और सिनेमैटिक अनुभव देने की योजना बना रहे हैं। इसके लिए हाई-एंड VFX, CGI टेक्नोलॉजी, बड़े युद्ध दृश्य, प्राचीन सभ्यताओं के विशाल सेट और विदेशी टेक्निकल टीम की मदद ली जा सकती है। इसके अलावा फिल्म में कई इंटरनेशनल लोकेशंस और आधुनिक वर्चुअल प्रोडक्शन टेक्नोलॉजी का भी इस्तेमाल किए जाने की संभावना है।
अगर यह अनुमानित बजट सही साबित होता है, तो यह फिल्मब्रह्मास्त्र , शिवा , कल्कि 2898 AD और आदिपुरुष जैसी फिल्मों को भी पीछे छोड़ सकती है। रिपोर्ट्स के अनुसार फिल्म की शूटिंग 2028 से शुरू हो सकती है और मेकर्स इसे भारतीय सिनेमा की सबसे बड़ी माइथोलॉजिकल फ्रेंचाइजी बनाने की तैयारी में जुटे हुए हैं।
‘द इम्मोर्टल्स ऑफ मेलुहा’ की कहानी
The Immortals of Meluha की कहानी भगवान शिव के जीवन को एक नए और आधुनिक अंदाज में प्रस्तुत करती है। यह पारंपरिक धार्मिक कथा नहीं, बल्कि एक काल्पनिक और पौराणिक फिक्शन आधारित कहानी है, जिसमें शिव को किसी जन्मजात देवता के रूप में नहीं, बल्कि एक साधारण इंसान और महान योद्धा के रूप में दिखाया गया है, जो अपने कर्म, साहस और नेतृत्व के बल पर “महादेव” बनते हैं।कहानी की शुरुआत तिब्बत के एक योद्धा शिवा से होती है, जो अपने कबीले के साथ मेलुहा नामक साम्राज्य में पहुंचता है। मेलुहा को एक आदर्श और विकसित सभ्यता के रूप में दिखाया गया है, जहां लोग विज्ञान, व्यवस्था और शक्तिशाली शासन व्यवस्था के सहारे समृद्ध जीवन जीते हैं। लेकिन इस साम्राज्य पर “चंद्रवंशी” नाम के प्रतिद्वंद्वी समुदाय और रहस्यमयी “नागाओं” का खतरा मंडरा रहा होता है।
मेलुहा पहुंचने के बाद शिवा को एक विशेष औषधि “सोमरस” दी जाती है। इसे पीने के बाद उनका गला नीला पड़ जाता है और लोग उन्हें अपने भविष्यवाणी वाले उद्धारकर्ता “नीलकंठ” के रूप में देखने लगते हैं।
शुरुआत में शिवा खुद इस बात पर विश्वास नहीं करते, लेकिन धीरे-धीरे परिस्थितियां उन्हें एक महान नेता और योद्धा बना देती हैं। कहानी में युद्ध, राजनीति, रहस्य, प्रेम और आध्यात्मिकता का मिश्रण देखने को मिलता है। शिवा सिर्फ दुश्मनों से लड़ते नजर नहीं आते, बल्कि वे समाज की सच्चाई, अच्छाई-बुराई और सत्ता के पीछे छिपे रहस्यों को भी समझने की कोशिश करते हैं। कहानी में उनका और सती का प्रेम भी महत्वपूर्ण हिस्सा है, जो भावनात्मक गहराई जोड़ता है।पूरी ट्रिलॉजी में शिवा की यात्रा एक साधारण इंसान से “महादेव” बनने तक की दिखाई गई है। यही वजह है कि यह किताब युवाओं के बीच बेहद लोकप्रिय हुई और भारतीय माइथोलॉजी को आधुनिक शैली में पेश करने वाली सबसे चर्चित रचनाओं में शामिल हो गई।
