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अस्पताल के बाहर ट्रैफिक जाम
अस्पताल के बाहर ट्रैफिक जाम
अंबिकापुर (सरगुजा)

सड़क पर जाम : अंबिकापुर में अस्पतालों की पार्किंग पर बवाल, जांच के बाद कार्रवाई का आश्वासन

अंबिकापुर के कई निजी अस्पतालों पर बिना पर्याप्त पार्किंग व्यवस्था के संचालन का आरोप लगा है। दावा है कि नगर निगम ने बिना भौतिक सत्यापन के पार्किंग NOC जारी की, जिसके आधार पर स्वास्थ्य विभाग ने लाइसेंस दे दिया। मामले में महापौर ने जांच के बाद दोषी अधिकारियों पर कार्रवाई का आश्वासन दिया है।

अप्पू धीवर |  कीर्तिमान न्यूज
प्रकाशित: 10 Jul 2026, 06:39 PM · अपडेट: 02 Oct 2026, 10:41 AM
अंबिकापुर
AI द्वारा तैयार ~1 मिनट सारांश

अंबिकापुर शहर में संचालित कई निजी अस्पतालों की पार्किंग व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। आरोप है कि नगर निगम ने बिना भौतिक सत्यापन किए ही अस्पतालों को पार्किंग संबंधी अनापत्ति प्रमाण पत्र (NOC) जारी कर दिया। इसी NOC के आधार पर स्वास्थ्य विभाग ने नर्सिंग होम का लाइसेंस दे दिया, जिसका असर अब शहर की यातायात व्यवस्था पर साफ दिखाई दे रहा है।

सड़क किनारे वाहनों से बढ़ रही ट्रैफिक समस्या

शहर के कई निजी अस्पताल मुख्य सड़कों से संचालित हो रहे हैं, लेकिन वहां मरीजों और उनके परिजनों के वाहनों के लिए पर्याप्त पार्किंग उपलब्ध नहीं है। मजबूरी में वाहन सड़क किनारे खड़े किए जाते हैं, जिससे कई स्थानों पर घंटों जाम की स्थिति बन जाती है। कई बार मरीजों को लेकर आने वाली एम्बुलेंस भी इसी जाम में फंस जाती हैं, जिससे आपातकालीन सेवाएं प्रभावित होती हैं। अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि जब अस्पतालों के लिए पार्किंग व्यवस्था अनिवार्य है,  

कागजों में पार्किंग, मौके पर नहीं व्यवस्था

जानकारी के अनुसार, नर्सिंग होम का लाइसेंस जारी करने से पहले नगर निगम से पार्किंग सहित अन्य मानकों पर NOC ली जाती है। आरोप है कि कई अस्पतालों ने दस्तावेजों में पार्किंग की व्यवस्था दर्शा दी, जबकि मौके पर पर्याप्त पार्किंग उपलब्ध नहीं है। इसके बावजूद नगर निगम के राजस्व विभाग ने कथित तौर पर बिना भौतिक सत्यापन के ही NOC जारी कर दी।

वर्षों से नहीं हुई दोबारा जांच

हैरानी की बात यह है कि यह स्थिति वर्षों से बनी हुई है, लेकिन नगर निगम ने अब तक ऐसे मामलों की दोबारा जांच नहीं कराई। न ही नियमों के विपरीत जारी NOC को निरस्त करने या संबंधित अस्पतालों पर कोई कार्रवाई की गई। इससे नगर निगम और स्वास्थ्य विभाग दोनों की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो रहे हैं।

इन इलाकों में सबसे ज्यादा पार्किंग की समस्या

अंबिकापुर के पैलेस रोड स्थित निजी अस्पतालों के अलावा गुदरी बाजार के आसपास मौजूद अस्पतालों और CMHO कार्यालय वाली सड़क पर संचालित निजी अस्पतालों व लैब में भी पर्याप्त पार्किंग व्यवस्था नहीं है। अस्पतालों के बाहर और सड़क किनारे वाहनों की लंबी कतारें लगने से पूरे इलाके की यातायात व्यवस्था प्रभावित हो रही है।

जांच के बाद कार्रवाई का आश्वासन

इस मामले में नर्सिंग होम एक्ट के नोडल अधिकारी डॉ. पी.के. सिन्हा ने कहा कि अस्पतालों को लाइसेंस संबंधित विभागों से प्राप्त दस्तावेजों के आधार पर जारी किया जाता है। वहीं नगर निगम की महापौर मंजूषा भगत ने कहा कि यदि बिना सत्यापन के NOC जारी किए जाने की शिकायत सही पाई जाती है, तो मामले की जांच कर जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि जब अस्पतालों के लिए पार्किंग व्यवस्था अनिवार्य है 

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