मानिकप्रकाशपुर और क्रांति प्रकाशपुर में पहाड़ियों की अवैध कटाई का मामला सामने आने के बाद प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। अंबिकापुर शहर से करीब सात किलोमीटर दूर स्थित इन क्षेत्रों में वन अधिकार अधिनियम के तहत आदिवासी परिवारों को भूमि के अधिकार दिए गए हैं, लेकिन आरोप है कि इसी व्यवस्था का फायदा उठाकर कुछ माफिया पहाड़ियों को काटकर मुरम और पत्थर का अवैध कारोबार कर रहे हैं।
स्थानीय लोगों के अनुसार, माफिया ग्रामीणों को यह कहकर अपने प्रभाव में ले रहे हैं कि यदि पहाड़ियों को समतल कर दिया जाए तो वहां मकान बनाना और रहना आसान हो जाएगा। इस भरोसे में कई ग्रामीण सहमत हो रहे हैं। दूसरी ओर जेसीबी मशीनों से पहाड़ियों की लगातार कटाई की जा रही है, जिससे बड़ी मात्रा में मुरम और पत्थर निकालकर शहर में बेचा जा रहा है।
प्रशासन और विभागों की भूमिका पर सवाल
इससे पर्यावरण को नुकसान पहुंचने के साथ-साथ वन अधिकार अधिनियम की शर्तों का भी उल्लंघन हो रहा है। मामले को लेकर यह भी सवाल उठ रहे हैं कि जब पहाड़ियों पर बड़े पैमाने पर कटाई हो रही है तो वन विभाग, राजस्व विभाग और जिला प्रशासन को इसकी जानकारी क्यों नहीं है। स्थानीय लोगों का कहना है कि संबंधित विभागों के अधिकारी नियमित दौरे करते हैं, फिर भी अवैध गतिविधियों पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं हो रही। वहीं खनिज विभाग की भूमिका को लेकर भी संदेह जताया जा रहा है। विवाद का एक बड़ा पहलू यह भी है कि जिन पहाड़ियों पर वन अधिकार अधिनियम के तहत अधिकार पत्र जारी किए गए, वहां कई स्थानों पर वास्तविक कब्जा भी नहीं था। ऐसे में यह सवाल उठ रहा है कि आखिर किन आधारों पर इन क्षेत्रों में पट्टे जारी किए गए।स्थानीय लोगों ने प्रशासन से लगाई गुहार
इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग भी तेज हो रही है। दरिमा रोड से मानिकप्रकाशपुर तक प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत सड़क बनी हुई है। यह इलाका प्राकृतिक सुंदरता और पहाड़ियों के लिए जाना जाता है। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि यदि समय रहते अवैध कटाई नहीं रोकी गई तो आने वाले वर्षों में यह क्षेत्र भी महामाया पहाड़, नवागढ़ और बधिया चुआ जैसे इलाकों की तरह अतिक्रमण और पर्यावरणीय नुकसान का शिकार हो सकता है।
ग्रामीणों का आरोप है कि कुछ लोग पहले पहाड़ों को काटकर जमीन समतल करते हैं, फिर उस पर कब्जा कराते हैं और बाद में उसी भूमि का पट्टा बनवाने की कोशिश करते हैं। लोगों ने प्रशासन से तत्काल कार्रवाई कर पहाड़ियों को बचाने और अवैध खनन पर रोक लगाने की मांग की है।