छत्तीसगढ़ के बालोद जिले में एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है। बेटी से बातचीत करने से मना करने की बात से नाराज एक युवक ने अपने साथियों के साथ मिलकर एक पिता पर जानलेवा हमला कर दिया। आरोप है कि देर रात सभी आरोपी पीड़ित के घर में घुस गए और लाठी-डंडों से बेरहमी से मारपीट की, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया।
घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस हरकत में आई और मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी। त्वरित कार्रवाई करते हुए पुलिस ने 24 घंटे के भीतर इस वारदात में शामिल सभी छह आरोपियों को भिलाई से गिरफ्तार कर लिया। मामला बालोद जिले के पिनकापार चौकी क्षेत्र के ग्राम संबलपुर का है। देर रात घर में घुसकर किया हमला पुलिस के मुताबिक, घटना 30 जून की देर रात हुई।
डेढ़ साल पुरानी रंजिश बनी हमले की वजह
ग्राम संबलपुर निवासी गौकरण साहू अपने परिवार के साथ घर में सो रहे थे। इसी दौरान छह आरोपी दो मोटरसाइकिल और एक स्कूटी से गांव पहुंचे। इनमें से दो आरोपी घर के बाहर निगरानी करते रहे, जबकि चार आरोपी घर के अंदर घुस गए। घर में घुसते ही आरोपियों ने बांस के डंडों और लकड़ी के राफ्टर से गौकरण साहू पर हमला कर दिया। उनके सिर, पीठ और कमर पर लगातार वार किए गए। शोर-शराबा सुनकर उनकी 13 वर्षीय बेटी की नींद खुल गई, जिसके बाद आरोपी मौके से फरार हो गए। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक मोनिका ठाकुर ने बताया कि इस हमले के पीछे पुरानी रंजिश सामने आई है। करीब डेढ़ साल पहले गौकरण साहू ने मुख्य आरोपी भानूप्रताप जैन को अपनी नाबालिग बेटी से दूर रहने की चेतावनी दी थी। उस समय उन्होंने आरोपी और उसके माता-पिता को बुलाकर भी समझाइश दी थी।पुलिस ने 24 घंटे में सभी आरोपियों को पकड़ा
पुलिस के अनुसार, इसी बात से नाराज भानूप्रताप ने अपने साथियों के साथ मिलकर बदला लेने की योजना बनाई और इस वारदात को अंजाम दिया। देवरी थाना प्रभारी मनीष शेंडे ने बताया कि घायल गौकरण साहू का इलाज जारी है। उनके सिर समेत शरीर के कई हिस्सों में गंभीर चोटें आई हैं। पीड़ित की पत्नी की शिकायत पर भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 109, 332(2) और 191(3) के तहत मामला दर्ज किया गया।
जांच के दौरान पुलिस ने सभी छह आरोपियों को भिलाई से गिरफ्तार कर लिया। हथियार और वाहन भी जब्त कार्रवाई के दौरान पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से वारदात में इस्तेमाल किए गए लाठी-डंडे, लकड़ी का राफ्टर, दो मोटरसाइकिल और एक स्कूटी बरामद की है। सभी आरोपियों को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया।