कलेक्टर विनय कुमार लंगेह ने आज कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में आयोजित समय सीमा की बैठक में विभिन्न विभागों की योजनाओं एवं कार्यों की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए। बैठक में जिला पंचायत सीईओ हेमंत नंदनवार, अपर कलेक्टर सचिन भूतड़ा, रवि कुमार साहू, अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व), विभागीय जिलाधिकारी, जनपद सीईओ, नगरीय निकायों के सीएमओ तथा वीसी के माध्यम से ब्लॉक स्तरीय अधिकारी उपस्थित रहे।
बैठक में खरीफ सीजन में किसानों को खाद की उपलब्धता एवं वितरण व्यवस्था की समीक्षा की गई। कलेक्टर ने निर्देश दिए कि किसानों को पर्याप्त मात्रा में खाद उपलब्ध कराया जाए तथा पीओएस मशीन के माध्यम से ही वितरण सुनिश्चित किया जाए। शासन के निर्देशानुसार यूरिया का 80 प्रतिशत और डीएपी का 60 प्रतिशत वितरण किया जाएगा।
उन्होंने खाद की कालाबाजारी पर सख्त चेतावनी देते हुए कहा कि किसी भी प्रकार की अनियमितता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। अधिकारियों को डीएपी के विकल्पों की जानकारी किसानों तक पहुंचाने, पारंपरिक यूरिया के उपयोग को बढ़ावा देने तथा किसानों को नैनो यूरिया लेने के लिए बाध्य नहीं करने के निर्देश दिए गए। सभी एसडीएम को खाद दुकानों का सतत निरीक्षण और शिकायत मिलने पर कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित करने कहा गया।
शासकीय खर्च में मितव्ययता और ऊर्जा बचत पर जोर
सुशासन तिहार के आवेदनों के त्वरित निराकरण पर जोर
सुशासन तिहार के अंतर्गत प्राप्त आवेदनों की विभागवार समीक्षा करते हुए कलेक्टर ने गुणवत्तापूर्ण एवं समयबद्ध निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि आवेदनों के निराकरण के बाद हितग्राहियों को इसकी जानकारी भी दी जाए। बैठक में बताया गया कि अब तक आयोजित 21 शिविरों में 15 हजार 578 आवेदन प्राप्त हुए हैं, जिनमें से 6 हजार 216 आवेदनों का निराकरण किया जा चुका है। शेष आवेदनों का भी निर्धारित समय सीमा में निराकरण करने के निर्देश दिए गए।
वर्षा ऋतु से पहले राशन भंडारण की तैयारी
प्रधानमंत्री आवास योजना अंतर्गत वर्ष 2024, 2025 एवं 2026 के अप्रारंभ आवासों को तत्काल प्रारंभ कराने के निर्देश दिए गए। जिन हितग्राहियों ने अब तक आवास निर्माण शुरू नहीं किया है, उन्हें अंतिम अवसर देते हुए समझाइश देने को कहा गया। इसके बाद आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। जल संरक्षण के लिए चलाए जा रहे ‘मोर गांव मोर पानी अभियान 2.0’ के तहत अधिक से अधिक सोखता गड्ढे, डबरी, तालाब एवं अन्य जल संरचनाओं का निर्माण कराने के निर्देश दिए गए। कलेक्टर ने अभियान में जनभागीदारी बढ़ाने और सभी विभागों को समन्वय के साथ कार्य करने को कहा। बैठक में जानकारी दी गई कि जल संचयन भागीदारी अभियान के तहत अब तक 73 हजार संरचनाओं का निर्माण किया जा चुका है।
जनजातीय गरिमा उत्सव और सेवा सेतु केंद्र को लेकर निर्देश
कलेक्टर ने जनजातीय गरिमा उत्सव के तहत 19 से 25 मई तक जनजातीय ग्रामों में आयोजित कार्यक्रमों में जिला अधिकारियों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने बताया कि अब लोक सेवा केन्द्रों को “सेवा सेतु केंद्र” के नाम से जाना जाएगा। इस संबंध में सभी केन्द्रों में आवश्यक बदलाव करने के निर्देश भी दिए गए। रेत के अवैध उत्खनन एवं परिवहन पर रोक लगाने के लिए संयुक्त टीम को सतत निगरानी के निर्देश दिए गए। कलेक्टर ने स्पष्ट कहा कि जिले में अवैध रेत उत्खनन और परिवहन किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। बैठक में राजस्व विभाग अंतर्गत विवादित एवं अविवादित प्रकरणों तथा स्वामित्व योजना की प्रगति की समीक्षा की गई। इसके अलावा मुख्यमंत्री घोषणाओं, जनशिकायत, कलेक्टर जनदर्शन, पीजी पोर्टल एवं लोक सेवा गारंटी अधिनियम के तहत लंबित प्रकरणों की भी समीक्षा हुई। कलेक्टर ने सभी अधिकारियों को निर्देश दिए कि लंबित मामलों का समय-सीमा में निराकरण सुनिश्चित किया जाए।

