सरकारी ड्यूटी पर तैनात कर्मचारियों से उलझना अब महंगा पड़ सकता है। दुर्ग जिले के धमधा थाना क्षेत्र में जनगणना जैसे महत्वपूर्ण राष्ट्रीय कार्य में बाधा डालने और कर्मचारी के साथ दुर्व्यवहार करने का एक गंभीर मामला सामने आया है। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी को सलाखों के पीछे भेज दिया है।ब
मिली जानकारी के अनुसार, प्रार्थी अशोक कुमार देवांगन धमधा स्थित पटेल होटल में जनगणना संबंधी शासकीय कर्तव्यों का निर्वहन कर रहे थे। इसी दौरान स्थानीय निवासी संतोष पटेल वहां पहुँचा और बिना किसी कारण के काम में हस्तक्षेप शुरू कर दिया। आरोपी ने न केवल काम रोका, बल्कि तीखी बहस करते हुए शासकीय प्रक्रिया को बाधित करने की कोशिश की।
कड़ी धाराओं के तहत कार्रवाई
एएसपी मणिशंकर चंद्रा ने बताया कि प्रार्थी की शिकायत पर धमधा पुलिस ने तत्परता दिखाई है। आरोपी के खिलाफ अपराध क्रमांक 123/2026 दर्ज कर लिया गया है। पुलिस ने नए कानूनों का हवाला देते हुए आरोपी पर निम्नलिखित धाराओं के तहत शिकंजा कसा है:
भारतीय न्याय संहिता (BNS): धारा 296 और 221
जनगणना अधिनियम 1948: धारा 11 (शासकीय कार्य में बाधा)
पुलिस की सख्त चेतावनी
"शासकीय कार्य में बाधा डालना और ऑन-ड्यूटी कर्मचारियों के साथ दुर्व्यवहार करना कानूनन अपराध है। ऐसे तत्वों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा। पुलिस ने साक्ष्य जुटा लिए हैं और मामले की विवेचना जारी है।" — मणिशंकर चंद्रा, एएसपी
इस कार्रवाई से पुलिस ने स्पष्ट संदेश दे दिया है कि सरकारी काम में खलल डालने वालों के खिलाफ "जीरो टॉलरेंस" की नीति अपनाई जाएगी। फिलहाल आरोपी पुलिस की गिरफ्त में है और आगे की कानूनी कार्यवाही की जा रही है

