खरीफ सीजन शुरू होते ही जिला सहकारी केन्द्रीय बैंक दुर्ग ने किसानों को राहत देने के लिए ऋण वितरण तेज कर दिया है। बैंक ने इस साल अब तक 32 हजार 558 किसानों को 207 करोड़ रुपए से ज्यादा का नगद ऋण बांट दिया है। खास बात यह है कि यह आंकड़ा पिछले साल की तुलना में 72 करोड़ 45 लाख रुपए अधिक है।
पिछले खरीफ सीजन 2025 में इसी अवधि तक किसानों को 134 करोड़ 57 लाख रुपए का ऋण दिया गया था, लेकिन इस बार बैंक ने रिकॉर्ड तेजी दिखाते हुए किसानों तक बड़ी राशि पहुंचाई है। इससे बालोद, बेमेतरा और दुर्ग जिले के किसानों को खेती-किसानी की तैयारी में राहत मिली है।
जानकारी के मुताबिक खरीफ 2026 के लिए बैंक को कुल 1595 करोड़ रुपए ऋण वितरण का लक्ष्य मिला है। इसमें 1116 करोड़ 50 लाख रुपए नगद ऋण और 478 करोड़ 50 लाख रुपए सामग्री वितरण शामिल है। अब तक कुल लक्ष्य का करीब 13 प्रतिशत ऋण किसानों तक पहुंचाया जा चुका है।
बालोद जिले के किसानों को सबसे ज्यादा फायदा
तीनों जिलों में सबसे ज्यादा ऋण वितरण बालोद जिले में हुआ है। यहां 16 हजार 901 किसानों को 86 करोड़ 90 लाख 72 हजार रुपए का नगद ऋण दिया गया। पिछले साल इसी अवधि में यहां 39 करोड़ 8 लाख रुपए का ऋण बांटा गया था। यानी इस बार करीब 48 करोड़ रुपए ज्यादा किसानों तक पहुंचे हैं।
बेमेतरा में 80 करोड़ से ज्यादा ऋण
बेमेतरा जिले में अब तक 11 हजार 658 किसानों को 80 करोड़ 23 लाख रुपए का नगद ऋण दिया गया है। यह पिछले साल की तुलना में 16 करोड़ 63 लाख रुपए ज्यादा है। समय पर ऋण मिलने से किसान बीज, खाद और खेती की दूसरी जरूरतें आसानी से पूरी कर पा रहे हैं।
दुर्ग जिले में भी बढ़ा ऋण वितरण
दुर्ग जिले में 3 हजार 999 किसानों को अब तक 39 करोड़ 87 लाख रुपए का नगद ऋण मिला है। पिछले साल इसी तारीख तक यहां 31 करोड़ 87 लाख रुपए का वितरण हुआ था। यानी इस बार यहां भी करीब 8 करोड़ रुपए ज्यादा ऋण दिया गया है। सहकारी बैंक प्रबंधन का कहना है कि खरीफ सीजन में किसानों को समय पर आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने के लिए समितियों और शाखाओं में लगातार ऋण वितरण किया जा रहा है, ताकि खेती का काम बिना रुकावट चलता रहे।
