छत्तीसगढ़ की दुर्ग सिटी कोतवाली पुलिस ने मुस्तैदी दिखाते हुए अंतर्राज्यीय ठगों के एक शातिर गिरोह का पर्दाफाश किया है। शहर के एक ज्वेलरी संचालक को झांसा देकर नकली जेवरों के बदले असली चांदी लेकर फरार हुए दो आरोपियों को पुलिस ने महज कुछ ही घंटों के भीतर रेलवे स्टेशन से धर दबोचा। पकड़े गए आरोपी पड़ोसी राज्य मध्य प्रदेश के रहने वाले हैं।
ठगी का शातिर तरीका: पुराने के बदले नया
यह पूरी घटना 7 मई 2026 की है। दुर्ग के खंडेलवाल कॉलोनी निवासी आशीष जैन, जिनकी गया नगर में 'महावीर ज्वेलर्स' नाम से दुकान है, ने शिकायत दर्ज कराई कि दो अज्ञात व्यक्ति उनकी दुकान पर पहुंचे। ठगों ने बड़ी चतुराई से दुकानदार को अपनी बातों में उलझाया और अपने पास मौजूद पुराने चांदी के पायल और हाथ के कड़े को असली बताकर बेचने का प्रस्ताव रखा।
आरोपियों ने दुकानदार को विश्वास में लिया कि वे इन पुराने जेवरों के बदले नए जेवर लेना चाहते हैं। दुकानदार आशीष जैन उनकी बातों में आ गए और पुराने जेवरों के वजन व कीमत के बदले नई पायल दे दी। ठगों ने मामूली अंतर राशि (लगभग 2200 रुपये) का भुगतान किया और असली चांदी की पायल लेकर चंपत हो गए।
रात में खुला राज, पुलिस की त्वरित कार्रवाई
धोखाधड़ी का खुलासा तब हुआ जब दुकानदार ने रात को दुकान मंगल (बंद) करते समय उन पुराने जेवरों की बारीकी से जांच की। जांच में पता चला कि वे जेवर चांदी के नहीं बल्कि किसी नकली धातु के थे। अपनी मेहनत की कमाई लुटती देख पीड़ित ने तुरंत सिटी कोतवाली पुलिस को इसकी सूचना दी।
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर एक विशेष टीम का गठन किया गया। पुलिस ने सबसे पहले दुकान और उसके आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगाले। ठगों ने दुकान में जो पहचान पत्र दिखाया था, पुलिस ने तकनीकी विश्लेषण के जरिए उसकी कड़ियां जोड़ीं।
रेलवे स्टेशन पर घेराबंदी कर दबोचे गए आरोपी
पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली कि हुलिए से मिलते-जुलते दो संदिग्ध व्यक्ति दुर्ग रेलवे स्टेशन के प्रतीक्षालय (वेटिंग हॉल) में मौजूद हैं और शहर छोड़ने की फिराक में हैं। पुलिस टीम ने बिना देरी किए स्टेशन परिसर की घेराबंदी की और दोनों आरोपियों को हिरासत में ले लिया।
कड़ी पूछताछ में आरोपियों ने अपना जुर्म कबूल कर लिया। उनके पास से ठगी गई असली चांदी की पायल और दुकान की रसीद भी बरामद कर ली गई है।
आरोपियों का विवरण और कानूनी कार्यवाही
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान राजेश साहू और प्रदीप श्रीवास्तव के रूप में हुई है, जो मध्य प्रदेश के अशोकनगर जिले के निवासी हैं। पुलिस ने बताया कि ये आरोपी पेशेवर तरीके से अलग-अलग शहरों में जाकर ज्वेलर्स को निशाना बनाते थे।
दुर्ग पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 318(4) और 3(5) के तहत मामला दर्ज कर उन्हें न्यायालय में पेश किया है। पुलिस अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि क्या इस गिरोह ने प्रदेश के अन्य हिस्सों में भी ऐसी वारदातों को अंजाम दिया है।
अपील: पुलिस ने व्यापारियों से अपील की है कि किसी भी अनजान व्यक्ति से पुराने जेवर खरीदते समय उनकी पूरी तरह जांच परख करें और पहचान पत्र [जैसे आधार कार्ड या अन्य दस्तावेज] की सत्यता की पुष्टि जरूर करें।
