Wednesday, 15 Jul 2026 भारत
ब्रेकिंग
अवैध खनन पर वार : सीएम हेल्पलाइन की शिकायत से रेत-गिट्टी परिवहन पर शिकंजा, खनिज विभाग ने पकड़े 6 ट्रैक्टर पर्यटकों की लापरवाही : तीरथगढ़ जलप्रपात में बढ़ा पानी, नियम तोड़ने वाले पर्यटकों को रोकने पर हुआ विवाद दिल्ली लक्ष्मी योजना: महिलाओं को मिलेंगे 2500 रुपये, रक्षाबंधन पर होगी शुरुआत ममूरा अग्निकांड : ई-बाइक की चिंगारी से मची तबाही, नोएडा में दो लोगों की मौत रफ्तार का कहर : टैंकर की टक्कर से मासूम भाई-बहन की दर्दनाक मौत अंधविश्वास : गड़े धन के लालच में कारोबारी की हत्या नदी किनारे दफन मिला शव, नरबलि हत्याकांड अवैध खनन पर वार : सीएम हेल्पलाइन की शिकायत से रेत-गिट्टी परिवहन पर शिकंजा, खनिज विभाग ने पकड़े 6 ट्रैक्टर पर्यटकों की लापरवाही : तीरथगढ़ जलप्रपात में बढ़ा पानी, नियम तोड़ने वाले पर्यटकों को रोकने पर हुआ विवाद दिल्ली लक्ष्मी योजना: महिलाओं को मिलेंगे 2500 रुपये, रक्षाबंधन पर होगी शुरुआत ममूरा अग्निकांड : ई-बाइक की चिंगारी से मची तबाही, नोएडा में दो लोगों की मौत रफ्तार का कहर : टैंकर की टक्कर से मासूम भाई-बहन की दर्दनाक मौत अंधविश्वास : गड़े धन के लालच में कारोबारी की हत्या नदी किनारे दफन मिला शव, नरबलि हत्याकांड
W 𝕏 f
होम राजनीति सियासत में बड़ा बदलाव : सत्ता परिवर्तन के बीच नीत…
फाइल फोटो
फाइल फोटो
राजनीति Featured

सियासत में बड़ा बदलाव : सत्ता परिवर्तन के बीच नीतीश कुमार के प्रभाव और जेडीयू की आगे की रणनीति पर सवाल

बिहार की राजनीति में संभावित सत्ता परिवर्तन और नई सरकार के गठन के बीच राजनीतिक माहौल गर्म है। चर्चा है कि बीजेपी के नेतृत्व में नई सरकार बनने और सम्राट चौधरी के मुख्यमंत्री बनने की बात सामने आने से राज्य की सियासत में बड़ा बदलाव देखा जा रहा है। पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के राज्यसभा सांसद बनने और सक्रिय भूमिका को लेकर कई अटकलें लगाई गई थीं, लेकिन हालिया बयानों से संकेत मिलता है कि वे बिहार की राजनीति में ही सक्रिय रहेंगे। उन्होंने कहा है कि वे नई सरकार के कामकाज पर नजर रखेंगे और संगठन व राज्य के विकास में भूमिका निभाते रहेंगे। जेडीयू की बैठक में भी नेतृत्व को लेकर फैसला नीतीश कुमार पर छोड़ दिया गया, जिससे पार्टी में उनके प्रभाव और नेतृत्व की अहमियत बनी हुई दिखती है। कुल मिलाकर, बिहार की राजनीति में सत्ता बदलने के बावजूद नीतीश कुमार की भूमिका और भविष्य की रणनीति चर्चा का मुख्य केंद्र बनी हुई है।

कीर्तिमान डेस्क
कीर्तिमान डेस्क
20 Apr 2026, 03:32 PM
बिहार

बिहार की राजनीति में हाल ही में हुए बड़े बदलावों के बाद राज्य का सियासी माहौल लगातार चर्चा में बना हुआ है। भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के नेतृत्व में नई सरकार के गठन के बाद सम्राट चौधरी को मुख्यमंत्री बनाए जाने बाद पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के राज्यसभा सांसद बनने के बाद उनके राजनीतिक भविष्य को लेकर कई तरह की अटकलें लगाई जा रही थीं।

शुरुआत में यह चर्चा तेज थी कि नीतीश कुमार अब दिल्ली की राजनीति में सक्रिय भूमिका निभा सकते हैं, लेकिन जेडीयू और उनके हालिया बयानों से यह संकेत मिलता है कि उनका फोकस अब भी बिहार की राजनीति पर ही बना रहेगा।

नीतीश कुमार की भूमिका को लेकर बढ़ी चर्चा

नई सरकार के गठन के बाद नीतीश कुमार ने स्पष्ट संकेत दिया है कि भले ही वह अब मुख्यमंत्री पद पर नहीं हैं, लेकिन बिहार की राजनीति से उनका जुड़ाव खत्म नहीं हुआ है। उन्होंने कहा कि वे सम्राट चौधरी के नेतृत्व वाली सरकार के कामकाज पर नजर बनाए रखेंगे और राज्य के विकास से जुड़े मुद्दों पर लगातार सक्रिय रहेंगे।

उनके इस बयान के बाद राजनीतिक हलकों में यह चर्चा और तेज हो गई है कि नीतीश कुमार भले ही औपचारिक रूप से सत्ता में न हों, लेकिन उनका प्रभाव अब भी राज्य की राजनीति में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।

जेडीयू विधायक दल की बैठक

नीतीश कुमार ने हाल ही में अपने सरकारी आवास पर जेडीयू विधायक दल की बैठक भी बुलाई। इस बैठक में विधायक दल के नए नेता के चयन को लेकर चर्चा होनी थी, लेकिन सभी विधायकों ने सर्वसम्मति से यह फैसला नीतीश कुमार पर ही छोड़ दिया।

बैठक के बाद नीतीश कुमार ने कहा कि संगठन में सब कुछ सामान्य है और किसी भी तरह की चिंता की जरूरत नहीं है। उनके इस बयान को राजनीतिक रूप से यह संकेत माना जा रहा है कि पार्टी में उनका नेतृत्व और मार्गदर्शन अभी भी निर्णायक भूमिका निभा रहा है।

दिल्ली और बिहार को लेकर स्थिति

राज्यसभा सांसद बनने के बाद यह अनुमान लगाया जा रहा था कि नीतीश कुमार दिल्ली की राजनीति में अधिक सक्रिय हो सकते हैं। हालांकि उन्होंने स्पष्ट किया है कि वे समय-समय पर दिल्ली जरूर जाएंगे, लेकिन उनका मुख्य ध्यान बिहार पर ही रहेगा।

उन्होंने यह भी कहा कि अब वे बिहार के हर हिस्से का दौरा करेंगे और जमीनी स्तर पर पार्टी को मजबूत करने की दिशा में काम करेंगे। इसके साथ ही वे राज्य के अलग-अलग जिलों में जाकर सरकार और संगठन दोनों का फीडबैक लेंगे।

आगे की रणनीति

नीतीश कुमार के इस फैसले को जेडीयू को मजबूत करने की रणनीति के तौर पर देखा जा रहा है। माना जा रहा है कि आने वाले समय में वे संगठन को जमीनी स्तर पर सक्रिय रखने और कार्यकर्ताओं को मजबूत करने पर अधिक ध्यान देंगे।

इस पूरे घटनाक्रम के बीच बिहार की राजनीति में यह सवाल बना हुआ है कि नई सरकार के साथ-साथ नीतीश कुमार की भूमिका आने वाले समय में किस तरह से आकार लेगी और राज्य की सियासी दिशा पर इसका क्या असर पड़ेगा।

क्या यह खबर उपयोगी लगी?
शेयर करें अपने दोस्तों तक पहुंचाएं
WhatsApp Telegram
हमारे WhatsApp ग्रुप से जुड़ें — ताज़ा खबरें सबसे पहले पाएं!
कीर्तिमान
गाइए और छा जाइए
कलमकार
छत्तीसगढ़
सभी छत्तीसगढ़ ›
रायपुर संभाग
दुर्ग संभाग
बिलासपुर संभाग
सरगुजा संभाग
बस्तर संभाग
भारत
विदेश
राजनीति
मनोरंजन
खेल
तकनीक
कारोबार
शिक्षा सेहत धर्म यात्रा राशिफल डार्क/लाइट मोड डॉ. नीरज गजेंद्र
वीडियो
अभी कोई वीडियो उपलब्ध नहीं है
Clip & Share

अगली खबर के लिए ऊपर और पिछली खबर के लिए नीचे स्वाइप करें

सावधान: संवेदनशील सामग्री
इस अनुभाग में अपराध, हिंसा, दुर्घटना या अन्य संवेदनशील विषयों से संबंधित समाचार हो सकते हैं। क्या आप इसे देखना चाहते हैं?
ताज़ा खबरें सबसे पहले पाएं!
पुश नोटिफिकेशन चालू करें