राजधानी रायपुर के उरला थाना क्षेत्र के बेंद्री स्थित 3डी फैक्ट्री में मंगलवार को हुए भीषण विस्फोट ने पूरे इलाके को दहला दिया। फैक्ट्री में काम के दौरान ऑक्सीजन सिलेंडर में अचानक तेज धमाका हो गया। विस्फोट इतना शक्तिशाली था कि उसकी आवाज कई किलोमीटर दूर तक सुनाई दी। धमाके के बाद फैक्ट्री परिसर में धुएं का गुबार छा गया और चारों ओर अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
मृतकों के परिजनों को सूचना दी
जानकारी के अनुसार हादसे के वक्त फैक्ट्री में नियमित रूप से उत्पादन कार्य चल रहा था। बड़ी संख्या में मजदूर अपनी-अपनी यूनिट में काम कर रहे थे। इसी दौरान ऑक्सीजन सिलेंडर में अचानक विस्फोट हो गया। धमाका इतना तेज था कि आसपास काम कर रहे कई मजदूर दूर जाकर गिरे। कुछ कर्मचारियों ने किसी तरह बाहर निकलकर अपनी जान बचाई, जबकि कई लोग घायल हो गए। कई मजदूरों के मलबे में दबे होने की आशंका प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि विस्फोट के बाद फैक्ट्री का एक हिस्सा क्षतिग्रस्त हो गया।
कई मजदूरों को मलबे में दबे होने की आशंका
राहत और बचाव दल लगातार मलबा हटाकर अंदर फंसे लोगों की तलाश कर रहा है। अधिकारियों ने फिलहाल अंदर मौजूद मजदूरों की संख्या का आधिकारिक आंकड़ा जारी नहीं किया है, इसलिए सर्च ऑपरेशन पूरी सतर्कता के साथ चलाया जा रहा है। घायलों को अस्पताल में कराया गया भर्ती धमाके में घायल हुए मजदूरों को तत्काल एंबुलेंस की मदद से नजदीकी अस्पताल पहुंचाया गया। डॉक्टरों की टीम उनका उपचार कर रही है।
कुछ की घायलों की हालत गंभीर
अस्पताल प्रशासन को भी अलर्ट पर रखा गया है ताकि जरूरत पड़ने पर अतिरिक्त चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जा सके। प्रशासन, पुलिस और फायर ब्रिगेड ने संभाला मोर्चा घटना की सूचना मिलते ही जिला प्रशासन, पुलिस और फायर ब्रिगेड की टीमें मौके पर पहुंच गईं। राहत एवं बचाव कार्य युद्धस्तर पर शुरू किया गया। बचाव दल गैस रिसाव और आग लगने जैसी संभावित परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए पूरी सावधानी के साथ अभियान चला रहा है। पुलिस ने आसपास के क्षेत्र को खाली कराकर लोगों की आवाजाही पर भी रोक लगा दी है। ।
हादसे के कारणों की जांच शुरू कर दी
शुरुआती जानकारी में ऑक्सीजन सिलेंडर में विस्फोट की बात सामने आई है, लेकिन वास्तविक वजह जांच रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट होगी। जांच में यह भी देखा जाएगा कि फैक्ट्री में सुरक्षा मानकों का पालन किया जा रहा था या नहीं और यदि किसी स्तर पर लापरवाही सामने आती है तो संबंधित लोगों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। वहीं, राहत और बचाव अभियान जारी है और प्रशासन का पूरा ध्यान मलबे में फंसे लोगों को सुरक्षित बाहर निकालने पर केंद्रित है।