हादसा : शिवनाथ नदी में समा गई युवा जिंदगी, दोस्तों के सामने डूबा 24 वर्षीय आशिन
दुर्ग जिले के रसमढ़ा-पिपरछेड़ी स्थित शिवनाथ नदी में डूबने से केरल निवासी 24 वर्षीय आशिन ओ.एस. की मौत हो गई। भिलाई के इंडियन कॉफी हाउस में कार्यरत आशिन वीकली ऑफ पर दोस्तों के साथ घूमने गया था। तैरना जानने के बावजूद नदी की गहराई का सही अंदाजा नहीं लगने से वह गहरे पानी में चला गया।
जिले के रसमढ़ा-पिपरछेड़ी क्षेत्र स्थित शिवनाथ नदी में रविवार को एक दर्दनाक हादसे में केरल निवासी 24 वर्षीय युवक की डूबने से मौत हो गई। मृतक आशिन ओ.एस. भिलाई के सुपेला स्थित इंडियन कॉफी हाउस में वेटर के रूप में कार्यरत था। छुट्टी के दिन दोस्तों के साथ घूमने निकला आशिन नदी की गहराई का सही अनुमान नहीं लगा पाया और देखते ही देखते गहरे पानी में समा गया। घटना से उसके साथियों और परिजनों में शोक की लहर है।
जानकारी के अनुसार आशिन ओ.एस. मूल रूप से केरल के एर्नाकुलम जिले का निवासी था और रोजगार के सिलसिले में भिलाई में रहकर काम कर रहा था। रविवार को उसका साप्ताहिक अवकाश (वीकली ऑफ) था। छुट्टी का दिन होने के कारण वह अपने चार दोस्तों के साथ दुर्ग के रसमढ़ा-पिपरछेड़ी क्षेत्र स्थित शिवनाथ नदी किनारे घूमने पहुंचा था।
तैरना जानता था, लेकिन नदी की गहराई बनी जानलेवा
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार आशिन को तैरना आता था, इसलिए वह नदी में उतर गया। हालांकि जिस स्थान पर वह पानी में गया, वहां अचानक गहराई अधिक थी। नदी के बहाव और गहराई का सही अंदाजा नहीं होने के कारण वह संतुलन खो बैठा और गहरे पानी में चला गया। उसके साथी किनारे पर ही मौजूद थे, लेकिन कुछ ही क्षणों में वह उनकी आंखों के सामने पानी में डूब गया। घटना के बाद घबराए साथियों ने तत्काल डायल-112 और आपातकालीन सेवाओं को सूचना दी। सूचना मिलते ही पुलिस, डायल-112 की टीम और एंबुलेंस मौके पर पहुंची। स्थानीय लोगों और राहत दल की मदद से युवक को नदी से बाहर निकाला गया और तत्काल अस्पताल के लिए रवाना किया गया।
रास्ते में कई बार दिया गया सीपीआर
अस्पताल ले जाते समय आशिन की हालत गंभीर बनी हुई थी। एंबुलेंस कर्मियों और राहत दल ने उसे बचाने के लिए कई बार सीपीआर (कार्डियो पल्मोनरी रिससिटेशन) भी दिया, लेकिन कोई सकारात्मक प्रतिक्रिया नहीं मिली। अस्पताल पहुंचने पर चिकित्सकों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया।
बताया जा रहा है कि आशिन अविवाहित था और अपने परिवार का इकलौता कमाने वाला सदस्य था। उसकी असमय मौत से केरल में रह रहे परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। परिजनों को घटना की सूचना मिलने के बाद वे गहरे सदमे में हैं।
विमान से केरल भेजा गया शव
पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी होने के बाद मृतक का शव उसके गृह राज्य केरल भेजने की व्यवस्था की गई। प्रशासन और परिचितों के सहयोग से शव को विमान के माध्यम से एर्नाकुलम भेजा गया, जहां अंतिम संस्कार किया जाएगा। इस हादसे के बाद एक बार फिर नदी और जलाशयों के आसपास सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल उठने लगे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि नदी के कई हिस्सों में गहराई और खतरनाक क्षेत्रों को लेकर पर्याप्त चेतावनी बोर्ड नहीं लगाए गए हैं। गर्मी और छुट्टियों के दौरान बड़ी संख्या में लोग नदी किनारे पहुंचते हैं, ऐसे में सुरक्षा उपायों को और मजबूत किए जाने की आवश्यकता महसूस की जा रही है।