Wednesday, 10 Jun 2026 भारत
W 𝕏 f
होम दुर्ग प्रकोप : भिलाई में दूषित पानी से पीलिया का संकट, …
पीलिया के नए मामले और स्वास्थ्य जांच अभियान
पीलिया के नए मामले और स्वास्थ्य जांच अभियान
दुर्ग

प्रकोप : भिलाई में दूषित पानी से पीलिया का संकट, वार्ड-67 में नए केस सामने आए

भिलाई टाउनशिप के सेक्टर-7 वार्ड-67 में पीलिया के तीन नए मामले सामने आने से क्षेत्र में दहशत फैल गई है। स्वास्थ्य विभाग ने शुरुआती जांच में दूषित पेयजल को संक्रमण की वजह माना है और पानी के सैंपल जांच के लिए भेजे हैं। प्रभावित इलाके में मेडिकल मोबाइल यूनिट के माध्यम से स्वास्थ्य शिविर लगाए जा रहे हैं और डोर-टू-डोर सर्वे जारी है।

कीर्तिमान डेस्क
कीर्तिमान डेस्क
09 Jun 2026, 03:29 PM
भिलाई

भिलाई टाउनशिप के सेक्टर-7 क्षेत्र में एक बार फिर पीलिया (जॉन्डिस) के मामले सामने आने से स्थानीय लोगों में दहशत का माहौल है। वार्ड-67 में तीन नए मरीजों की पुष्टि हुई है, जिसके बाद स्वास्थ्य विभाग सतर्क हो गया है। शुरुआती जांच में दूषित पेयजल को संक्रमण का मुख्य कारण माना जा रहा है।

यह पहली बार नहीं है जब इस इलाके में पीलिया फैला हो। अप्रैल महीने में 9 से 14 अप्रैल के बीच स्ट्रीट नंबर 37 ए में कुल 37 मरीज सामने आए थे। अब फिर से नए केस मिलने से यह संक्रमण दोबारा सक्रिय होता दिख रहा है, जिससे लोगों की चिंता बढ़ गई है।

जिला सर्विलेंस अधिकारी डॉ. सीबीएस बंजारे ने बताया कि वर्तमान में तीनों मरीजों की स्थिति सामान्य है। स्वास्थ्य विभाग ने मेडिकल मोबाइल यूनिट (MMU) को क्षेत्र में हेल्थ कैंप लगाने के निर्देश दिए हैं। साथ ही पानी के सैंपल जांच के लिए भेजे गए हैं ताकि संक्रमण के स्रोत की पुष्टि हो सके।

डोर-टू-डोर सर्वे और जागरूकता अभियान जारी

स्वास्थ्य विभाग की टीम लगातार डोर-टू-डोर सर्वे कर रही है। लोगों को सलाह दी जा रही है कि वे केवल उबला हुआ और फिल्टर किया हुआ पानी ही उपयोग करें। क्षेत्र में जागरूकता अभियान भी चलाया जा रहा है ताकि बीमारी को फैलने से रोका जा सके। रहवासियों का कहना है कि पीलिया का असर धीरे-धीरे एक सड़क से दूसरी सड़क तक फैल रहा है। स्ट्रीट नंबर 41, 42 और 43 तक भी इसके प्रभाव की आशंका जताई जा रही है। लोगों का आरोप है कि यह समस्या पहले भी गंभीर रूप ले चुकी है, लेकिन स्थायी समाधान नहीं हुआ।

पहले भी बच्चे हुए थे गंभीर रूप से बीमार

स्थानीय लोगों ने बताया कि पहले भी इसी क्षेत्र में करीब 20 से 22 बच्चे पीलिया से प्रभावित हुए थे। उस समय भी दूषित पानी और खराब पाइपलाइन को जिम्मेदार बताया गया था, लेकिन समस्या का स्थायी समाधान नहीं किया गया।

इस बार भी स्वास्थ्य शिविर लगाकर करीब 10 से 15 संदिग्ध मरीजों के सैंपल लिए जा रहे हैं। एक बच्चे की हालत गंभीर होने पर उसे दो दिन ICU में भर्ती रखना पड़ा और करीब एक सप्ताह तक इलाज चला। डॉक्टरों ने लीवर पर असर की भी आशंका जताई है।

पाइपलाइन बदली जाए, स्थायी समाधान हो

रहवासियों ने आरोप लगाया है कि कई बार शिकायत के बावजूद BSP प्रबंधन ने न तो पुरानी पाइपलाइन बदली और न ही बड़े स्तर पर स्वास्थ्य जांच अभियान चलाया। अब लोग मांग कर रहे हैं कि खराब पाइपलाइन तुरंत बदली जाए, नियमित जांच हो और साफ पेयजल की स्थायी व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।
क्या यह खबर उपयोगी लगी?
शेयर करें अपने दोस्तों तक पहुंचाएं
WhatsApp Telegram
हमारे WhatsApp ग्रुप से जुड़ें — ताज़ा खबरें सबसे पहले पाएं!
कीर्तिमान
भारत
छत्तीसगढ़
सभी छत्तीसगढ़ ›
रायपुर संभाग
दुर्ग संभाग
बिलासपुर संभाग
सरगुजा संभाग
बस्तर संभाग
विदेश
राजनीति
मनोरंजन
खेल
तकनीक
कारोबार
शिक्षा सेहत धर्म यात्रा राशिफल
कलमकार
आयोजन
डार्क/लाइट मोड डॉ. नीरज गजेंद्र
वीडियो
अभी कोई वीडियो उपलब्ध नहीं है
Clip & Share

अगली खबर के लिए ऊपर और पिछली खबर के लिए नीचे स्वाइप करें

सावधान: संवेदनशील सामग्री
इस अनुभाग में अपराध, हिंसा, दुर्घटना या अन्य संवेदनशील विषयों से संबंधित समाचार हो सकते हैं। क्या आप इसे देखना चाहते हैं?
ताज़ा खबरें सबसे पहले पाएं!
पुश नोटिफिकेशन चालू करें