कार्रवाई : ऑनलाइन क्रिकेट सट्टे का अंतर्राज्यीय नेटवर्क ध्वस्त, नागपुर से 8 आरोपी दबोचे गए
दुर्ग पुलिस ने ऑनलाइन सट्टे के एक अंतर्राज्यीय गिरोह का भंडाफोड़ करते हुए मुख्य आरोपी निशांत कुमार गुप्ता सहित कुल 9 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। यह गिरोह “सीबी क्रिकेट बज्ज” और “रुबीबेट” जैसे एप के जरिए अवैध सट्टा संचालन कर रहा था। पुलिस ने नागपुर में छापेमारी कर 8 अन्य आरोपियों को पकड़ा, जो आईडी मैनेजमेंट, डिपॉजिट और तकनीकी काम संभाल रहे थे।
दुर्ग पुलिस ने ऑनलाइन सट्टे के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए एक संगठित अंतर्राज्यीय सट्टा गिरोह का भंडाफोड़ किया है। इस मामले में भिलाई निवासी मुख्य आरोपी निशांत कुमार गुप्ता सहित कुल 9 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस जांच में सामने आया कि निशांत लंबे समय से ऑनलाइन क्रिकेट सट्टे का संचालन कर रहा था और इसके लिए कई डिजिटल प्लेटफॉर्म का उपयोग कर रहा था।
जांच में खुलासा हुआ कि आरोपी “सीबी क्रिकेट बज्ज बेटिंग एप” और “रुबीबेट” जैसे ऑनलाइन सट्टा प्लेटफॉर्म के माध्यम से यह अवैध कारोबार संचालित कर रहे थे। ये नेटवर्क पूरी तरह संगठित तरीके से काम करता था और अलग-अलग राज्यों में अपने सहयोगियों के जरिए गतिविधियां संचालित करता था।
नागपुर में छापा, 8 आरोपी मौके से गिरफ्तार
क्राइम डीएसपी यदुमणि सिदार के अनुसार, मुख्य आरोपी से पूछताछ के बाद पुलिस ने एक विशेष टीम गठित की। इस टीम ने महाराष्ट्र के नागपुर में एक किराए के मकान पर छापा मारकर 8 अन्य युवकों को रंगे हाथों ऑनलाइन सट्टा संचालन करते हुए गिरफ्तार किया। यह स्थान गिरोह का प्रमुख ऑपरेशन सेंटर बताया जा रहा है। पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि गिरोह उत्तर प्रदेश और बिहार के युवकों को वेतन पर रखकर काम करवा रहा था। इन्हें डिपॉजिट, विड्रॉल, आईडी मैनेजमेंट और तकनीकी संचालन जैसे कार्य सौंपे गए थे। इसके बदले उन्हें हर महीने 20 से 25 हजार रुपये तक का भुगतान किया जाता था।
रोज लाखों का कारोबार, करोड़ों में पहुंचा लेन-देन
गिरोह का नेटवर्क बेहद बड़ा और संगठित था। जांच में पता चला कि आरोपी प्रतिदिन लगभग 4 से 5 लाख रुपये का ऑनलाइन सट्टा कारोबार चला रहे थे। वहीं, मासिक लेन-देन लगभग 1.50 करोड़ रुपये तक पहुंच चुका था। यह पूरा सिस्टम डिजिटल माध्यम से चलाया जा रहा था।
सट्टा कारोबार को छिपाने के लिए आरोपी फर्जी बैंक खातों, एटीएम कार्डों और कई सिम कार्डों का उपयोग करते थे। इसके जरिए वे वित्तीय लेन-देन को ट्रैक होने से बचाने की कोशिश करते थे और पूरी गतिविधि को गोपनीय बनाए रखते थे।
पुलिस ने आरोपियों के पास से बड़ी मात्रा में सामग्री जब्त की है, जिसमें 26 मोबाइल फोन, 3 लैपटॉप, 2 आईपैड, 85 एटीएम कार्ड, 18 बैंक पासबुक, 45 सिम कार्ड और 1.54 लाख रुपये नकद शामिल हैं। इसके अलावा कई महत्वपूर्ण दस्तावेज और इलेक्ट्रॉनिक उपकरण भी बरामद किए गए हैं।
सट्टे की कमाई से खरीदे गए सोने-हीरे के गहने बरामद
पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि अवैध सट्टे से कमाई गई रकम से आरोपी ने लगभग 23 लाख रुपये मूल्य के सोने और डायमंड के आभूषण खरीदे थे। इन्हें भी पुलिस ने बरामद कर लिया है, जिससे गिरोह की आर्थिक गतिविधियों की गंभीरता स्पष्ट होती है। पुलिस ने सभी आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की विभिन्न धाराओं और टेलीकॉम एक्ट के तहत मामला दर्ज कर लिया है। अब इस पूरे गिरोह के बैंक खातों, डिजिटल ट्रांजेक्शन और सहयोगियों की गहन जांच की जा रही है। पुलिस का कहना है कि आगे की जांच में और बड़े खुलासे हो सकते हैं तथा अन्य नाम भी सामने आ सकते हैं।