एक्शन : एडीएम कार्यालय में घूस का खेल उजागर, लोकायुक्त ने रीडर को किया गिरफ्तार
Summary:
सिवनी जिले में लोकायुक्त जबलपुर की टीम ने बड़ी कार्रवाई करते हुए एडीएम कार्यालय लखनादौन में पदस्थ सहायक ग्रेड-3 एवं रीडर माधव प्रसाद तिवारी को 20 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया। शिकायतकर्ता संतोष सिंह सिसोदिया ने आरोप लगाया था कि उनकी पैतृक जमीन से जुड़े पेड़ों की कटाई के मामले में अपील में उनके पक्ष में फैसला दिलाने के लिए पहले 30 हजार रुपये की मांग की गई थी।
सिवनी जिले में लोकायुक्त जबलपुर की टीम ने भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए एडीएम कार्यालय में पदस्थ एक रीडर को रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई शिकायतकर्ता की ओर से दर्ज कराई गई शिकायत के बाद की गई।
शिकायतकर्ता संतोष सिंह सिसोदिया, निवासी गंगाढाना (छपारा तहसील), ने लोकायुक्त कार्यालय में शिकायत दर्ज कराई थी कि उनकी पैतृक भूमि में दर्ज जामुन सहित अन्य पेड़ों की अवैध कटाई से जुड़ा मामला चल रहा था। इस विवाद को लेकर उनके पक्ष में कार्रवाई कराने के एवज में रिश्वत की मांग की जा रही थी।
पहले 30 हजार, फिर 20 हजार में तय हुआ सौदा
एडीएम कार्यालय लखनादौन में पदस्थ सहायक ग्रेड-3 एवं रीडर माधव प्रसाद तिवारी ने पहले इस काम के लिए 30 हजार रुपये की मांग की थी। बाद में बातचीत के दौरान यह राशि घटकर 20 हजार रुपये पर तय हुई, जिसे लेकर लगातार दबाव बनाया जा रहा था। लोकायुक्त जबलपुर टीम ने मंगलवार को योजना बनाकर ट्रैप कार्रवाई को अंजाम दिया। जैसे ही आरोपी ने एडीएम कार्यालय परिसर स्थित उपभोक्ता फॉर्म भवन के पोर्च में 20 हजार रुपये की रिश्वत स्वीकार की, टीम ने उसे मौके पर ही दबोच लिया।
भ्रष्टाचार अधिनियम के तहत केस दर्ज
गिरफ्तारी के बाद आरोपी रीडर माधव प्रसाद तिवारी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया है। लोकायुक्त टीम आगे की कानूनी कार्रवाई में जुटी हुई है। जानकारी के अनुसार, आवेदक की पैतृक भूमि के खसरा रिकॉर्ड में जामुन और अन्य पेड़ दर्ज थे, जिनमें से कुछ पेड़ों की अज्ञात लोगों द्वारा कटाई कर दी गई थी।
इस संबंध में थाने में शिकायत दर्ज कराई गई थी। बाद में विरोधी पक्ष ने लखनादौन एसडीएम कार्यालय में शिकायत कर दी, जहां से उनके खिलाफ निर्णय दिया गया।
अपील में पक्ष में फैसला दिलाने के नाम पर मांगी रिश्वत
इसके बाद संतोष सिंह सिसोदिया ने अपर कलेक्टर (एडीएम) कार्यालय में अपील दायर की थी। आरोप है कि इस अपील में उनके पक्ष में फैसला दिलाने के लिए रीडर ने रिश्वत की मांग की, जो बाद में 20 हजार रुपये में तय हुई।