महाराष्ट्र की राजनीति में एक बार फिर सियासी हलचल तेज हो गई है। आम आदमी पार्टी (AAP) और तृणमूल कांग्रेस (TMC) से जुड़े राजनीतिक घटनाक्रमों के बीच अब शिवसेना उद्धव बालासाहेब ठाकरे (UBT) गुट में कथित टूट को लेकर अटकलें जोर पकड़ने लगी हैं। इन चर्चाओं के बीच पार्टी के वरिष्ठ नेता और राज्यसभा सांसद संजय राउत ने स्थिति स्पष्ट करते हुए इसे पूरी तरह अफवाह बताया है।
नई दिल्ली स्थित अपने आधिकारिक आवास पर संजय राउत ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर पार्टी की एकजुटता का दावा किया। उन्होंने इस पूरे घटनाक्रम को “ऑपरेशन टाइगर” नाम देते हुए कहा कि UBT के सभी सांसद एकजुट हैं और किसी भी तरह की बगावत की खबरें निराधार हैं। इस दौरान उनके साथ लोकसभा नेता अरविंद सावंत, चीफ व्हिप अनिल देसाई और सांसद राजाभाऊ वाजे भी मौजूद रहे।
सभी सांसद एकजुट हैं
प्रेस कॉन्फ्रेंस में संजय राउत ने कहा कि पार्टी के सभी सांसद या तो दिल्ली में मौजूद हैं या मुंबई में अपने कार्यों में व्यस्त हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी भी तरह की टूट या असंतोष की स्थिति नहीं है। राउत ने दावा किया कि पार्टी पूरी तरह संगठित है और अफवाह फैलाकर भ्रम पैदा किया जा रहा है। संजय राउत ने पुराने राजनीतिक विवादों को याद करते हुए कहा कि “धनुष-बाण” चिन्ह हमेशा से असली शिवसेना और उद्धव ठाकरे का रहा है। उन्होंने बताया कि इस मुद्दे को लेकर पार्टी पहले ही सुप्रीम कोर्ट तक लड़ाई लड़ चुकी है।
बागियों को सख्त चेतावनी
9 में से 4 सांसद पहुंचे थे बैठक में
इस पूरे विवाद की शुरुआत तब हुई जब मुंबई स्थित ‘मातो में उद्धव ठाकरे द्वारा बुलाई गई आपात बैठक में 9 में से केवल 4 सांसद ही पहुंचे। इसी घटना के बाद पार्टी में बड़ी टूट की चर्चाएं तेज हो गईं। हालांकि, पार्टी नेताओं ने इसे सामान्य राजनीतिक स्थिति बताया है। लोकसभा में UBT के कुल 9 सांसद हैं और दल-बदल कानून से बचने के लिए किसी भी बागी गुट को कम से कम 7 सांसदों का समर्थन चाहिए। इसी बीच नासिक सांसद राजाभाऊ वाजे और अन्य नेताओं ने शिंदे गुट में जाने की अटकलों को खारिज कर दिया है।
