भोपाल मेट्रो के धीमे संचालन को लेकर उठ रहे सवालों के बीच अब यात्रियों के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। जुलाई से मेट्रो सेवा के संचालन में बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा। नए सिग्नलिंग सिस्टम के शुरू होते ही ट्रेनों की रफ्तार बढ़ेगी और फ्रीक्वेंसी भी पहले से बेहतर होगी।
भोपाल मेट्रो प्रबंधन ने जानकारी दी है कि जुलाई महीने से नया सिग्नलिंग सिस्टम पूरी तरह से सक्रिय हो जाएगा। इसके लागू होने के बाद ट्रेनों की गति में सुधार होगा और संचालन अधिक नियमित और तेज हो सकेगा। इसके लिए एक नया ऑपरेशनल शेड्यूल भी तैयार किया जा रहा है, ताकि यात्रियों को कम समय में बेहतर सुविधा मिल सके।
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एक ट्रैक पर सीमित संचालन बनी बड़ी चुनौती
फिलहाल मेट्रो सेवा सीमित ट्रैक पर ही संचालित हो रही है, क्योंकि पूरी सिग्नलिंग व्यवस्था अभी सक्रिय नहीं है। इसी वजह से ट्रेनों की संख्या और उनकी फ्रीक्वेंसी प्रभावित हो रही है। वर्तमान व्यवस्था में एक ट्रेन एक दिशा में जाने के बाद उसी ट्रैक का उपयोग करके वापस लौटती है, जिससे संचालन की गति धीमी पड़ जाती है और यात्रियों को अगली ट्रेन के लिए लंबा इंतजार करना पड़ता है।
सिग्नलिंग सिस्टम पूरी तरह लागू होने के बाद मेट्रो संचालन में बड़ा सुधार देखने को मिलेगा। ट्रेनों की आवृत्ति बढ़ेगी, रफ्तार तेज होगी और यात्रियों को अधिक नियमित सेवा मिल सकेगी। प्रबंधन का दावा है कि आने वाले महीनों में भोपाल मेट्रो का अनुभव पूरी तरह बदल जाएगा।
