भारतीय पुलिस सेवा (IPS) के वरिष्ठ अधिकारी अजय यादव ने सोमवार को राजनांदगांव रेंज के नए पुलिस महानिरीक्षक (IG) के रूप में कार्यभार संभाल लिया। पदभार ग्रहण करने के बाद उन्होंने रेंज के तीनों जिलों राजनांदगांव, खैरागढ़-छुईखदान-गंडई और मानपुर-मोहला-अंबागढ़ चौकी के पुलिस अधीक्षकों के साथ बैठक की। इस दौरान उन्होंने क्षेत्र की कानून व्यवस्था, अपराधों की स्थिति और पुलिस की कार्यप्रणाली की विस्तार से समीक्षा की।
अपराध रोकना पहली प्राथमिकता
आईजी अजय यादव ने कहा कि रेंज में मजबूत और प्रभावी पुलिसिंग उनकी पहली प्राथमिकता होगी। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि अपराधों की जांच में तेजी लाई जाए और लंबित मामलों का जल्द से जल्द निराकरण किया जाए। साथ ही अपराधियों की पहचान कर उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई करने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि आम लोगों की सुरक्षा पुलिस की सबसे बड़ी जिम्मेदारी है। इसके लिए पुलिस को लगातार सक्रिय रहना होगा और जनता से बेहतर संवाद बनाकर काम करना होगा।
अवैध गतिविधियों पर सख्ती
नए आईजी ने अवैध शराब, सट्टा, जुआ और अन्य गैरकानूनी गतिविधियों पर कड़ी निगरानी रखने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने साफ कहा कि ऐसी गतिविधियों को किसी भी हालत में बढ़ावा नहीं दिया जाएगा। अगर किसी पुलिसकर्मी की संलिप्तता या लापरवाही सामने आती है तो उसके खिलाफ भी सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि अपने-अपने क्षेत्रों में लगातार निगरानी रखें और सूचना तंत्र को मजबूत बनाएं। अवैध कारोबार से जुड़े लोगों पर समय-समय पर प्रभावी कार्रवाई करते हुए कानून व्यवस्था बनाए रखना जरूरी है।
जिलों का दौरा करेंगे
आईजी अजय यादव ने बताया कि उन्होंने रेंज के अपराध पैटर्न और वर्तमान पुलिस व्यवस्था की प्रारंभिक जानकारी ले ली है। अब वे जल्द ही सभी जिलों का दौरा करेंगे और वहां की स्थानीय परिस्थितियों को समझेंगे। उन्होंने कहा कि हर क्षेत्र की अपनी अलग चुनौतियां होती हैं। इसलिए जमीनी स्थिति का जायजा लेने के बाद पुलिसिंग को और बेहतर बनाने के लिए नई रणनीति तैयार की जाएगी।
सुरक्षा भरोसा मजबूत करना
आईजी यादव ने कहा कि पुलिस का सबसे महत्वपूर्ण उद्देश्य अपराधों पर नियंत्रण के साथ-साथ जनता के बीच सुरक्षा का विश्वास मजबूत करना है। पुलिस और आम लोगों के बीच बेहतर तालमेल से ही कानून व्यवस्था को और प्रभावी बनाया जा सकता है। उन्होंने कहा कि बेहतर गश्त व्यवस्था, तेज जांच प्रक्रिया और अधिकारियों के बीच बेहतर समन्वय के माध्यम से अपराधों पर लगाम लगाने का प्रयास किया जाएगा।