छत्तीसगढ़ के बुनियादी ढांचे (इन्फ्रास्ट्रक्चर) के विकास में कोताही बरतने वाले अधिकारियों और ठेकेदारों पर अब गाज गिरनी तय है। लोक निर्माण विभाग (PWD) के सचिव मुकेश कुमार बंसल ने आज बलरामपुर-रामानुजगंज जिले के अपने प्रवास के दौरान साफ कर दिया कि विकास कार्यों में किसी भी तरह की 'कछुआ चाल' बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
बलरामपुर स्थित सर्किट हाउस में आयोजित इस उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक में पीडब्ल्यूडी सचिव ने राष्ट्रीय राजमार्ग (NH), सेतु निर्माण, सड़क एवं भवन निर्माण, तथा विद्युत एवं यांत्रिकी (E&M) संभाग के कार्यों की बारीकी से समीक्षा की।
लापरवाही बरतने वालों पर होगी सख्त कार्रवाई
पीडब्ल्यूडी सचिव ने बैठक में निर्माण कार्यों की धीमी प्रगति पर गहरी नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने अधिकारियों को दोटूक शब्दों में निर्देश दिए कि कार्यों में तेजी लाते हुए इन्हें समय-सीमा में पूर्ण किया जाए। उन्होंने लंबित कार्यों की विस्तृत जानकारी लेते हुए ढिलाई बरतने वाले संबंधित ठेकेदारों को तत्काल नोटिस जारी करने और उन्हें ब्लैकलिस्ट करने के कड़े निर्देश दिए।
सड़क परियोजनाओं की हुई समीक्षा
बारिश से पहले काम पूरा करने की चेतावनी
आगामी मानसून को देखते हुए सचिव ने एनएच-343 का निरीक्षण करते हुए कड़े निर्देश दिए कि बरसात शुरू होने से पहले नाली निर्माण एवं जल निकासी संबंधी सभी काम समयबद्ध रूप से पूर्ण कर लिए जाएं। उन्होंने कहा कि वर्षा के दौरान आवागमन किसी भी हाल में बाधित नहीं होना चाहिए ताकि लोगों को असुविधा न हो। साथ ही, उन्होंने सड़कों और पुलों के निर्माण में सड़क सुरक्षा के मानकों का विशेष ध्यान रखने की हिदायत दी।