रायपुर में ज्ञानभारतम् मिशन के तहत चलाए जा रहे विरासत संरक्षण अभियान के दौरान एक महत्वपूर्ण ऐतिहासिक उपलब्धि सामने आई है। ओड़िया भाषा की लगभग 120 वर्ष पुरानी 11 दुर्लभ हस्तलिखित पांडुलिपियां मिली हैं। ये सभी पांडुलिपियां रायपुर निवासी कमल वैद्य के पास सुरक्षित रूप से संरक्षित थीं।
इनकी ऐतिहासिक और सांस्कृतिक अहमियत को देखते हुए अब इनके संरक्षण और आधिकारिक रिकॉर्ड में दर्ज करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। जिले में पुरानी पांडुलिपियों, ताम्रपत्रों और ऐतिहासिक दस्तावेजों को खोजकर सुरक्षित रखने का कार्य लगातार जारी है।
इस अभियान के तहत मिली सभी सामग्री को अब ज्ञानभारतम् पोर्टल पर दर्ज किया जा रहा है, ताकि इन्हें डिजिटल रूप से संरक्षित कर भविष्य की पीढ़ियों तक सुरक्षित रूप से पहुंचाया जा सके।
कलेक्टर ने किया अवलोकन, संरक्षण को बताया जिम्मेदारी
जिला प्रशासन के अनुसार यह अभियान प्राचीन ज्ञान-संपदा को संरक्षित करने और उसे आने वाली पीढ़ियों तक पहुंचाने की दिशा में एक अहम प्रयास है। इस अवसर पर नगर निगम उपायुक्त अंजलि शर्मा सहित अन्य अधिकारी भी मौजूद रहे। अभियान के माध्यम से क्षेत्र की ऐतिहासिक पहचान को डिजिटल और सुरक्षित स्वरूप देने की दिशा में लगातार कार्य किया जा रहा है।