बिलासपुर जिले के बिल्हा विकासखंड स्थित शासकीय प्राथमिक शाला मटियारी में पदस्थ सहायक शिक्षिका एलबी सुपर्णा टेंगवार के खिलाफ लंबे समय से गंभीर शिकायतें मिल रही थीं। छात्रों, पालकों और स्कूल स्टाफ ने उनके व्यवहार को लेकर कई बार आपत्ति दर्ज कराई थी।
शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए विकासखंड शिक्षा अधिकारी (बीईओ) बिल्हा भूपेंद्र कौशिक ने पूरे मामले की विस्तृत जांच कराई। जांच के दौरान सामने आए तथ्यों ने लगाए गए आरोपों की पुष्टि कर दी।जांच प्रतिवेदन में स्पष्ट रूप से पाया गया कि संबंधित शिक्षिका का व्यवहार स्कूल के बच्चों, सहकर्मी शिक्षकों और पालकों के प्रति लगातार अनुचित और अभद्र रहा है।
जांच रिपोर्ट में दुर्व्यवहार की पुष्टि
पालकों और ग्रामीणों का सामूहिक विरोध
स्थिति बिगड़ने के बाद गांव के पालकों और ग्रामीणों ने एकजुट होकर इस व्यवहार के खिलाफ आवाज उठाई। कई बार शिकायतें देने के बाद भी स्थिति में सुधार नहीं होने पर ग्रामीणों ने सामूहिक रूप से मोर्चा खोला।
ग्रामीणों का कहना है कि शिक्षिका के व्यवहार से बच्चों की पढ़ाई और स्कूल का माहौल दोनों प्रभावित हो रहे थे।
जिला शिक्षा अधिकारी की कार्रवाई और निलंबन
जांच रिपोर्ट के आधार पर जिला शिक्षा अधिकारी ने कड़ा रुख अपनाते हुए शिक्षिका को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। आदेश में कहा गया है कि उनका आचरण छत्तीसगढ़ सिविल सेवा आचरण नियम 1965 के नियम 3 का स्पष्ट उल्लंघन है। निलंबन अवधि के दौरान उनका मुख्यालय बीईओ कार्यालय बिल्हा निर्धारित किया गया है।
शिक्षा विभाग ने संकेत दिए हैं कि पूरे मामले की आगे और गहन जांच की जा सकती है। साथ ही विद्यालय में शैक्षणिक माहौल को सामान्य करने के लिए आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं।
