पुलिस ने एक अंतरराज्यीय गिरोह का खुलासा करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जो दुर्लभ एवं रेडियो एक्टिव वस्तुएं बेचने का झांसा देकर लोगों से करोड़ों रुपये ठग रहे थे। आरोपियों पर एक पीड़ित से 3 करोड़ 8 लाख 78 हजार रुपये की ठगी का मामला दर्ज है। इस संबंध में थाना गांधीनगर में अपराध दर्ज कर पुलिस ने तुरंत सख्त कार्रवाई शुरू की।
पुलिस के अनुसार, आरोपियों ने पीड़ित को फर्जी दुर्लभ वस्तुओं और रेडियो एक्टिव पैकिंग बेचने का लालच दिया। इसके बाद उन्होंने चरणबद्ध तरीके से करोड़ों रुपये ऐंठ लिए। शिकायत मिलने के बाद गांधीनगर थाना पुलिस और साइबर सेल ने तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर जांच शुरू की।
जांच ने पूरे देश में फैलाया जाल
जांच के दौरान पुलिस टीम पश्चिम बंगाल, वाराणसी और बिहार तक गई। टीम ने सघन तकनीकी और डिजिटल ट्रैकिंग के जरिए आरोपियों के ठिकानों की पहचान की। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए दो आरोपियों को पटना रेलवे स्टेशन से और एक आरोपी को वाराणसी से गिरफ्तार किया। गिरफ्तारी के दौरान आरोपियों के कब्जे से एटीएम कार्ड, चेकबुक और मोबाइल फोन जब्त किए गए।
करोड़ों रुपये की ठगी से जुड़े साक्ष्य
2. 3 करोड़ से अधिक की धोखाधड़ी
आरोपियों ने एक व्यक्ति को झूठे निवेश और दुर्लभ वस्तुओं की बिक्री का लालच देकर कुल 3 करोड़ 8 लाख 78 हजार रुपये की ठगी की। मामले की शिकायत मिलने के बाद थाना गांधीनगर में अपराध दर्ज किया गया। साइबर सेल और पुलिस टीम ने तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर जांच करते हुए आरोपियों की लोकेशन ट्रेस की। जांच का दायरा पश्चिम बंगाल, बिहार और उत्तर प्रदेश तक फैला।
रेलवे स्टेशन और वाराणसी से गिरफ्तारी
पुलिस ने दो आरोपियों को पटना रेलवे स्टेशन से और एक आरोपी को वाराणसी से गिरफ्तार किया। इनके पास से एटीएम कार्ड, चेकबुक और मोबाइल फोन बरामद किए गए। पुलिस अब आरोपियों के बैंक खातों और ट्रांजैक्शन की बारीकी से जांच कर रही है ताकि पूरे नेटवर्क और अन्य सहयोगियों का पता लगाया जा सके।
