प्रशासनिक धमाका : योगी सरकार ने बदले 20 IAS, 6 महीने में ही छिन गईं इन 3 महिला अफसरों की कुर्सियां
उत्तर प्रदेश सरकार ने देर रात 20 वरिष्ठ IAS अधिकारियों के तबादले किए हैं। इस फेरबदल में 8 महिला अधिकारियों को नई जिम्मेदारियां दी गई हैं। चिकित्सा शिक्षा, राजस्व, संस्कृति और नगर विकास समेत कई अहम विभागों में बदलाव किए गए हैं, जबकि कई जिलों में नए मुख्य विकास अधिकारियों की भी नियुक्ति हुई है।
उत्तर प्रदेश की ब्यूरोक्रेसी से इस वक्त की सबसे बड़ी खबर सामने आ रही है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गुरुवार की देर रात एक बड़ा प्रशासनिक फेरबदल करते हुए प्रदेश के 20 वरिष्ठ आईएएस (IAS) अधिकारियों के तबादले कर दिए हैं। इस नई ट्रांसफर लिस्ट में सबसे खास बात यह है कि इसमें 8 महिला अधिकारियों के नाम शामिल हैं।
प्रशासनिक गलियारों में सबसे ज्यादा चर्चा उन तीन रसूखदार महिला अफसरों की हो रही है, जिन्हें इसी साल 1 जनवरी को बड़ी और अहम जिम्मेदारियां सौंपी गई थीं। लेकिन महज 6 महीने के भीतर ही उनसे ये मलाईदार पद वापस ले लिए गए। हालांकि, सरकार की तरफ से अचानक लिए गए इस फैसले की कोई आधिकारिक वजह सामने नहीं आई है, लेकिन इसके पीछे की इनसाइड स्टोरी कुछ और ही बयां कर रही है।
क्या आपसी तालमेल और शिकायतें पड़ीं भारी?
सूत्रों की मानें तो इस फेरबदल के पीछे आंतरिक अनबन और शिकायतें एक बड़ी वजह रही हैं। जिन तीन महिला अफसरों की कुर्सियां हिली हैं, उनमें राजस्व विभाग की सचिव सुधा वर्मा, चिकित्सा शिक्षा विभाग की सचिव एवं महानिदेशक सारिका मोहन और महानिरीक्षक निबंधन नेहा शर्मा शामिल हैं।
सुधा वर्मा: चर्चा है कि राजस्व विभाग की प्रमुख सचिव अपर्णा यू के साथ उनका तालमेल ठीक नहीं बैठ रहा था। दोनों के बीच चल रही तनातनी की गूंज पूरे विभाग में थी। अब सुधा वर्मा को श्रमायुक्त बनाकर भेजा गया है।
डॉ. सारिका मोहन: इनके कामकाज को लेकर भी शासन स्तर पर कुछ शिकायतें पहुंची थीं, जिसके बाद सरकार ने इन्हें चिकित्सा शिक्षा विभाग से हटाकर आईजी रजिस्ट्रेशन (महानिरीक्षक निबंधन) की ठंडी पोस्टिंग दे दी है।
नेहा शर्मा: सारिका मोहन की जगह अब तेजतर्रार अफसर नेहा शर्मा को चिकित्सा शिक्षा विभाग का नया सचिव और महानिदेशक बनाया गया है।
अतिरिक्त कार्यभार को लिए वापस
योगी सरकार ने इस फेरबदल के जरिए 2027 के विधानसभा चुनावों की तैयारियां भी शुरू कर दी हैं। इसका सीधा असर सूचना एवं संस्कृति विभाग में देखने को मिला। सूचना विभाग के काम को और धार देने के लिए निदेशक विशाल सिंह से संस्कृति विभाग का अतिरिक्त कार्यभार वापस ले लिया गया है, ताकि वे अपना पूरा फोकस सिर्फ सूचना विभाग पर रख सकें।
कुछ समय से विवादों के चलते नाराजगी
अब संस्कृति विभाग की कमान विशेष सचिव संजय सिंह को सौंपते हुए उन्हें नया निदेशक बनाया गया है। मथुरा-वृंदावन नगर निगम के आयुक्त जग प्रवेश को भी हटा दिया गया है। दरअसल, पिछले कुछ समय से वहां चल रहे अतिक्रमण हटाओ अभियान और एक कब्रिस्तान से जुड़े विवाद के बाद स्थानीय व्यापारियों और जनता में भारी नाराजगी थी। इस डैमेज कंट्रोल के लिए अब बलिया की सीडीओ ओजस्वी राज को मथुरा-वृंदावन का नया नगर आयुक्त नियुक्त किया गया है।
अधिकारियों को सौंपी गई जिलों की कमान
इसके अलावा, पीसीएस से आईएएस कैडर में प्रमोट हुए अधिकारियों को भी जिलों में कमान सौंपी गई है। राकेश कुमार पटेल को आजमगढ़, संजय कुमार सिंह को इटावा और आलोक कुमार को बलिया का नया मुख्य विकास अधिकारी (CDO) बनाया गया है।
ट्रांसफर लिस्ट: किसे, कहाँ मिली नई तैनाती? नीचे दी गई तालिका से समझिए किस अधिकारी को कौन सी नई जिम्मेदारी सौंपी गई है:
| अधिकारी का नाम | नई जिम्मेदारी / पदस्थापन |
| सुधा वर्मा | श्रमायुक्त |
| डॉ. सारिका मोहन | महानिरीक्षक निबंधन (IG Registration) |
| नेहा शर्मा | सचिव एवं महानिदेशक, चिकित्सा शिक्षा |
| अरुण कुमार | मिशन निदेशक, राज्य आजीविका मिशन |
| जे. रीभा | विशेष सचिव (भूतत्व एवं खनिकर्म) एवं अपर निदेशक (अतिरिक्त प्रभार) |
| दीपा रंजन | विशेष सचिव, संस्कृति |
| संजय कुमार प्रथम | निदेशक, संस्कृति (अतिरिक्त प्रभार) |
| विशाल सिंह | विशेष सचिव, संस्कृति (सूचना विभाग का स्वतंत्र प्रभार बरकरार) |
| संदीप भागिया | एमडी, मध्यांचल विद्युत वितरण निगम |
| ओजस्वी राज | नगर आयुक्त, मथुरा-वृंदावन |
| राकेश कुमार पटेल | सीडीओ (CDO), आजमगढ़ |
| आलोक कुमार | सीडीओ (CDO), बलिया |
| संजय कुमार सिंह | सीडीओ (CDO), इटावा |
| अजय कुमार गौतम | अपर आयुक्त राज्य कर, गाजियाबाद |
| मणिकंदन ए. | अपर भूमि व्यवस्था आयुक्त |
| डॉ. वंदना वर्मा | संयुक्त एमडी (राज्य चीनी निगम) एवं अतिरिक्त प्रभार (सहकारी चीनी मिल्स संघ) |