राजधानी रायपुर के माना स्थित स्वामी विवेकानंद एयरपोर्ट पर गुरुवार को एक बड़ा और दिल दहला देने वाला हादसा सामने आया है। एयरपोर्ट के हाई-सिक्योरिटी वेटिंग हॉल में फॉल्स सीलिंग की रिपेयरिंग के दौरान एक संविदा कर्मचारी करीब 30 फीट की ऊंचाई से सीधे नीचे फर्श पर आ गिरा।
हादसे में कर्मचारी के सिर पर जानलेवा चोटें आईं, जिसके बाद अस्पताल में इलाज के दौरान उसने दम तोड़ दिया। इस घटना ने एयरपोर्ट प्रबंधन और ठेका एजेंसी की कार्यप्रणाली के साथ-साथ यात्री सुरक्षा पर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
बिना 'सेफ्टी किट' के कराया जा रहा था काम
मृतक कर्मचारी की पहचान कुबेर चंद्र साहू के रूप में हुई है। रायपुर एयरपोर्ट प्रबंधन से मिली आधिकारिक जानकारी के अनुसार, यह हादसा एयरपोर्ट परिसर के सिक्योरिटी होल्ड एरिया (SHA) के फर्स्ट फ्लोर पर हुआ, जहां फॉल्स सीलिंग को सुधारने का काम चल रहा था।
सबसे बड़ी लापरवाही: शुरुआती जांच में यह बात सामने आई है कि इतनी ऊंचाई पर काम करने के बावजूद संविदाकर्मी कुबेर चंद्र साहू ने कोई सेफ्टी बेल्ट या सुरक्षा किट नहीं पहनी थी। ठेका एजेंसी द्वारा कर्मचारी को बुनियादी जीवन रक्षक उपकरण मुहैया न कराना इस हादसे की मुख्य वजह माना जा रहा है।
दोपहर 11 से 12 के बीच मची अफरा-तफरी
घटना गुरुवार दोपहर करीब 11:00 से 12:00 बजे के बीच की है। रोजाना की तरह कुबेर फॉल्स सीलिंग का काम देख रहा था, तभी अचानक उसका संतुलन बिगड़ा और वह सीधे नीचे आ गिरा। एयरपोर्ट जैसे व्यस्त और संवेदनशील इलाके में चीख-पुकार मच गई और वहां मौजूद यात्रियों व स्टाफ के बीच अफरा-तफरी का माहौल निर्मित हो गया। एयरपोर्ट स्टाफ ने आनन-फानन में लहूलुहान कर्मचारी को नजदीकी अस्पताल पहुंचाया, लेकिन डॉक्टरों ने परीक्षण के बाद उसे मृत घोषित कर दिया।
अत्यधिक गर्मी के कारण आया चक्कर
इस पूरे मामले में जब एयरपोर्ट प्रबंधन पर सवाल उठे, तो उनकी ओर से एक चौंकाने वाला बयान सामने आया। एयरपोर्ट के मीडिया प्रभारी ने घटना की पुष्टि करते हुए दलील दी है कि:
राज्य में पड़ रही अत्यधिक गर्मी और लू के कारण काम के दौरान कर्मचारी को अचानक चक्कर आ गया और वह बेहोश हो गया।
बेहोशी की हालत में संतुलन खोने के कारण वह नीचे गिर गया।
प्रबंधन ने कहा कि घटना की सूचना तुरंत स्थानीय पुलिस और नागरिक उड्डयन से जुड़े संबंधित प्राधिकरणों को दे दी गई है। मामले की नियमानुसार उच्च स्तरीय जांच की जा रही है।
उठ रहे हैं कई गंभीर सवाल
इस वीआईपी और संवेदनशील वीआईपी जोन में हुए हादसे ने कई अनुत्तरित सवाल छोड़ दिए हैं:
सुरक्षा ऑडिट कहां है? एयरपोर्ट जैसे अंतरराष्ट्रीय मानकों वाले स्थान पर बिना सेफ्टी गियर (सुरक्षा उपकरणों) के किसी भी कर्मचारी को इतनी ऊंचाई पर काम करने की अनुमति कैसे मिली?
ठेकेदार पर कार्रवाई कब? क्या ठेका एजेंसी के खिलाफ नियमों के उल्लंघन और लापरवाही का मामला दर्ज किया जाएगा?
यात्रियों की सुरक्षा का क्या? जिस वक्त यह हादसा हुआ, अगर उस समय नीचे कोई यात्री मौजूद होता, तो एक बड़ा कत्लेआम हो सकता था। इस लापरवाही की जिम्मेदारी कौन लेगा?
फिलहाल पुलिस ने शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया है और मर्ग कायम कर आगे की वैधानिक कार्रवाई और चश्मदीदों से पूछताछ शुरू कर दी है।
