खरीफ सीजन 2026 के लिए प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत आवेदन की प्रक्रिया जारी है। जिला प्रशासन ने किसानों से अपील की है कि वे 31 जुलाई की अंतिम तिथि से पहले अपनी फसलों का बीमा अवश्य करा लें। अधिकारियों का कहना है कि समय पर बीमा कराने से प्राकृतिक आपदा, रोपाई में बाधा और फसल कटाई के बाद होने वाले नुकसान की स्थिति में किसानों को आर्थिक सहायता मिल सकेगी। योजना के अंतर्गत धान (सिंचित एवं असिंचित), सोयाबीन, मक्का, अरहर, उड़द, रागी और कोदो जैसी फसलों का बीमा कराया जा सकता है।
सिंचित धान के लिए प्रति हेक्टेयर 66 हजार रुपए और असिंचित धान के लिए 49,500 रुपए तक का बीमा कवर निर्धारित किया गया है। किसानों को कुल बीमित राशि का केवल 2 प्रतिशत प्रीमियम देना होगा। इसके अनुसार सिंचित धान के लिए 1,320 रुपए और असिंचित धान के लिए 990 रुपए प्रति हेक्टेयर किसान अंश तय किया गया है।
बीमा के लिए जरूरी दस्तावेज
फसल बीमा कराने के लिए किसानों को आधार कार्ड, भूमि संबंधी दस्तावेज (बी-1 और पी-2), बैंक पासबुक की प्रति, फसल बोने का घोषणा पत्र और मोबाइल नंबर जमा करना होगा। बटाईदार, कास्तकार और साझेदार किसानों के लिए फसल साझा या कास्तकार का घोषणा पत्र भी आवश्यक रहेगा। कृषि विभाग ने स्पष्ट किया है कि आधार सत्यापन के बिना आवेदन स्वीकार नहीं किया जाएगा। किसान अपने नजदीकी बैंक, वित्तीय संस्थान या कॉमन सर्विस सेंटर (सीएससी) के माध्यम से फसल बीमा करा सकते हैं। योजना का उद्देश्य ओलावृष्टि, बादल फटना, आकाशीय बिजली, रोपाई में बाधा और कटाई के बाद होने वाले नुकसान जैसी परिस्थितियों में किसानों को आर्थिक राहत प्रदान करना है।पिछले साल 1.28 करोड़ रुपए का मिला दावा भुगतान
कृषि विभाग के अनुसार, पिछले वर्ष जिले के 1,177 किसानों को प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत कुल 1.28 करोड़ रुपये का दावा भुगतान किया गया था। प्रशासन ने किसानों से अपील की है कि वे अंतिम समय की भीड़ से बचते हुए सभी आवश्यक दस्तावेजों के साथ 31 जुलाई से पहले आवेदन प्रक्रिया पूरी कर लें, ताकि किसी भी प्राकृतिक नुकसान की स्थिति में योजना का लाभ समय पर मिल सके।