महासमुंद। जिले में बिना वैधानिक अनुमति के कराए जा रहे बोर खनन के मामलों पर जिला प्रशासन ने सख्ती शुरू कर दी है। इसी क्रम में विकासखंड महासमुंद के ग्राम लभरा के पास अवैध रूप से बोर खनन किए जाने की सूचना मिलने पर राजस्व विभाग की टीम ने मौके पर पहुंचकर जांच की। जांच में बिना अनुमति बोर खनन की पुष्टि होने पर अधिकारियों ने तत्काल कार्रवाई करते हुए बोरिंग मशीन जब्त कर थाना महासमुंद की अभिरक्षा में रखवा दी। प्रशासन का कहना है कि भूजल संरक्षण और शासन के नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ आगे भी इसी तरह की कार्रवाई जारी रहेगी। शिकायत मिलने सें मौके पर पहुंची राजस्व विभाग की टीम
शिकायत मिलने पर पहुंची राजस्व विभाग टीम
ग्राम लभरा के समीप बिना अनुमति बोर खनन किए जाने की जानकारी मिलने के बाद तहसीलदार जुगल किशोर और पटवारी केशव शर्मा तत्काल मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने स्थल का निरीक्षण किया और वहां चल रहे बोर खनन कार्य की विस्तृत जांच शुरू की। जांच के दौरान यह देखा गया कि बोरिंग मशीन से खनन कार्य जारी था, लेकिन इसके लिए आवश्यक वैधानिक अनुमति उपलब्ध नहीं थी।
भूजल स्तर पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता दिखाई
वजह है कि शासन ने बोर खनन के लिए निर्धारित नियम और अनुमति प्रक्रिया तय की है। इन नियमों की अनदेखी करने वालों के खिलाफ राजस्व विभाग लगातार निगरानी रख रहा है और शिकायत मिलने पर तत्काल जांच कर कार्रवाई की जा रही है। मांगे गए दस्तावेज, नहीं दिखा सके वैध अनुमति जांच के दौरान अधिकारियों ने संबंधित पक्ष से बोर खनन की स्वीकृति, अनुमति पत्र और अन्य जरूरी दस्तावेज प्रस्तुत करने के लिए कहा।
प्रशासन ने अवैध रूप से बोर खनन पर कारवाई
भविष्य में भी यदि कहीं अवैध रूप से बोर खनन की शिकायत मिलती है तो मौके पर जांच कर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। इसका उद्देश्य भूजल संसाधनों का संरक्षण करना और शासन के प्रावधानों का प्रभावी ढंग से पालन सुनिश्चित कराना है। किसानों और आम नागरिकों से अपील जिला प्रशासन ने किसानों, भू-स्वामियों और आम नागरिकों से अपील की है कि किसी भी स्थान पर बोर खनन शुरू करने से पहले संबंधित विभाग और सक्षम प्राधिकारी से आवश्यक अनुमति अवश्य प्राप्त करें। बिना अनुमति बोर खनन कराने पर मशीन जब्ती सहित अन्य कानूनी कार्रवाई की जा सकती है।