आज के समय में जहां ज्यादातर लोग स्थायी नौकरी को सुरक्षित भविष्य मानते हैं, वहीं कुछ लोग जोखिम उठाकर अपनी अलग पहचान बना रहे हैं। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर अंकित पांडेय नाम के एक यूजर की पोस्ट इन दिनों तेजी से वायरल हो रही है। उन्होंने अपने पड़ोसी की कहानी साझा की है, जिसने 38 हजार रुपये महीने की नौकरी छोड़कर चाय का कारोबार शुरू किया और अब सभी खर्चों के बाद करीब 1 लाख रुपये मासिक मुनाफा कमा रहा है।
नौकरी छोड़ने के फैसले लोगों ने जताई नाराजगी
अंकित के अनुसार, उनके पड़ोसी पहले टेलीपरफॉर्मेंस कंपनी में काम करते थे, जहां उन्हें हर महीने लगभग 38 हजार रुपये वेतन मिलता था। व्यस्त दिनचर्या के कारण दोनों के बीच ज्यादा बातचीत नहीं होती थी। इसी साल मई में उन्होंने नौकरी से इस्तीफा देने का फैसला लिया। जैसे ही यह बात लोगों तक पहुंची, कई लोगों ने इसे गलत कदम बताया और कहा कि अच्छी-खासी नौकरी छोड़ना समझदारी नहीं है।
ऑटो स्टैंड के पास शुरू की चाय की दुकान
लोगों की राय की परवाह किए बिना उन्होंने अपने फैसले पर भरोसा रखा। करीब 2 लाख रुपये का निवेश कर ऑटो स्टैंड के पास एक आकर्षक और व्यवस्थित चाय की दुकान शुरू की। कारोबार को बेहतर ढंग से चलाने के लिए उन्होंने दो महिला कर्मचारियों को भी काम पर रखा। दुकान में सामान्य चाय 10 रुपये और प्रीमियम चाय 20 रुपये प्रति कप बेची जाती है।
रोजाना 400 कप चाय की बिक्री
दुकान शुरू होने के कुछ ही समय बाद ग्राहकों की अच्छी प्रतिक्रिया मिलने लगी। अब उनके स्टॉल पर प्रतिदिन करीब 400 कप चाय बिकती है। इससे रोजाना लगभग 6 हजार रुपये की बिक्री होती है और महीने का कुल टर्नओवर करीब 1.8 लाख रुपये तक पहुंच जाता है।
खर्च निकालने के बाद 1 लाख रुपये का मुनाफा
सभी मासिक खर्चों को घटाने के बाद भी उनके पास करीब 1 लाख रुपये का शुद्ध मुनाफा बचता है। यह उनकी पुरानी 38 हजार रुपये की नौकरी की सैलरी से लगभग ढाई गुना अधिक है। यही वजह है कि उनकी सफलता की कहानी सोशल मीडिया पर लोगों का ध्यान खींच रही है।
हर महीने कितना आता है खर्च
चाय के इस कारोबार में हर महीने कई तरह के खर्च भी होते हैं। दुकान का किराया करीब 25 हजार रुपये है। दो कर्मचारियों के वेतन पर लगभग 30 हजार रुपये खर्च होते हैं। इसके अलावा दूध, चायपत्ती, चीनी, गैस, बिजली और अन्य आवश्यक सामान पर करीब 25 हजार रुपये का खर्च आता है।
कारोबार का किया विस्तार
चाय के कारोबार में सफलता मिलने के बाद उन्होंने अपना व्यवसाय और बढ़ाने का फैसला किया। हाल ही में दुकान के पास वड़ा पाव, समोसा और जलेबी का अलग काउंटर भी शुरू किया है। नई शुरुआत की खुशी में उन्होंने अपने पड़ोसी अंकित पांडेय को मिठाई का डिब्बा भेंट कर अपनी सफलता साझा की।