परीक्षाओं में अनियमितताओं को लेकर चल रहे विरोध-प्रदर्शन के बीच सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। सरकार ने विभिन्न विभागों से जुड़ी 44 भर्ती परीक्षाओं को रद्द करने का निर्णय लिया है। कार्मिक, प्रशासनिक सुधार तथा राजभाषा विभाग की ओर से इस संबंध में विस्तृत सूचना जारी की गई है, जिसमें रद्द की गई भर्ती परीक्षाओं का विवरण शामिल है। इस फैसले के बाद लंबे समय से भर्ती प्रक्रिया और परीक्षाओं की पारदर्शिता को लेकर सवाल उठा रहे अभ्यर्थियों के बीच एक बार फिर चर्चा तेज हो गई है। सरकार की ओर से जारी जानकारी के मुताबिक, इस कार्रवाई के दायरे में JSSC-CGL से संबंधित 22 प्रतियोगी परीक्षाएं भी शामिल हैं।
प्रतियोगी परीक्षाओं पर असर
भर्ती परीक्षाओं में गड़बड़ी और अनियमितताओं को लेकर अभ्यर्थियों की ओर से लगातार सवाल उठाए जा रहे थे। अब सरकार के फैसले के बाद इन परीक्षाओं से जुड़े उम्मीदवारों को आगे की प्रक्रिया और नए परीक्षा कार्यक्रम से संबंधित आधिकारिक सूचना का इंतजार रहेगा। सरकार ने केवल परीक्षाएं रद्द करने तक ही कार्रवाई सीमित नहीं रखी है। वर्ष 2014 से अब तक आयोजित 17 भर्ती परीक्षाओं की जांच CID से कराने का निर्णय भी लिया गया है। जांच के दौरान इन परीक्षाओं के आयोजन, भर्ती प्रक्रिया और सामने आए अनियमितताओं के आरोपों की पड़ताल की जाएगी। जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि संबंधित मामलों में किस स्तर पर गड़बड़ी हुई और इसके लिए कौन जिम्मेदार था।
भर्ती परीक्षाएं भी स्थगित
इसके अलावा सरकार ने छह अन्य भर्ती परीक्षाओं को फिलहाल स्थगित करने का फैसला किया है। इन परीक्षाओं को लेकर आगे की स्थिति संबंधित विभागों और भर्ती एजेंसियों की ओर से जारी होने वाली आधिकारिक सूचना के बाद स्पष्ट होगी। ऐसे में इन परीक्षाओं की तैयारी कर रहे अभ्यर्थियों को नई तारीख और भर्ती प्रक्रिया से संबंधित अपडेट का इंतजार करना होगा।विरोध-प्रदर्शन के बीच सरकार का बड़ा कदम
भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर झारखंड में अभ्यर्थियों का विरोध लगातार चर्चा में रहा है। परीक्षा प्रक्रिया की निष्पक्षता और पारदर्शिता सुनिश्चित करने की मांग उठाई जा रही थी। इसी बीच बड़ी संख्या में परीक्षाओं को रद्द करने, पुरानी परीक्षाओं की CID जांच कराने और कुछ परीक्षाओं को स्थगित करने के फैसले को महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। अब अभ्यर्थियों की नजर इस बात पर रहेगी कि रद्द की गई परीक्षाएं दोबारा कब आयोजित की जाती हैं और CID जांच में क्या तथ्य सामने आते हैं।