सोने और चांदी की कीमतों में इस सप्ताह उल्लेखनीय गिरावट दर्ज की गई है। इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) के ताजा आंकड़ों के अनुसार, 24 कैरेट सोने की कीमत 10 ग्राम पर 5,097 रुपए घटकर 1.40 लाख रुपए रह गई है। बीते सप्ताह 20 जून को यही कीमत 1.45 लाख रुपए थी। वहीं चांदी की कीमत भी 2.32 लाख रुपए प्रति किलोग्राम से घटकर 2.17 लाख रुपए प्रति किलो पर पहुंच गई है। यानी एक सप्ताह में चांदी 15,432 रुपए सस्ती हो गई।
रिकॉर्ड ऊंचाई से काफी नीचे पहुंचे दाम साल 2026 के दौरान सोने और चांदी की कीमतों में लगातार उतार-चढ़ाव देखने को मिला है। 31 दिसंबर 2025 को 10 ग्राम सोने का भाव करीब 1.33 लाख रुपए था, जो 29 जनवरी को बढ़कर 1.76 लाख रुपए के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया था।
उँचाई से नीचे गिरी सोना और चांदी
31 दिसंबर 2025 को इसकी कीमत 2.30 लाख रुपए प्रति किलो थी, जो 29 जनवरी को बढ़कर 3.86 लाख रुपए प्रति किलो तक पहुंच गई थी। इसके बाद बाजार में लगातार नरमी आई और पिछले करीब 149 दिनों में चांदी की कीमत लगभग 1.69 लाख रुपए प्रति किलो तक कम हो चुकी है। अमेरिका-ईरान समझौते से घटा सुरक्षित निवेश का आकर्षण बाजार विशेषज्ञों के मुताबिक, अमेरिका और ईरान के बीच युद्धविराम समझौते के बाद पश्चिम एशिया में तनाव कम हुआ है। इससे निवेशकों का भरोसा फिर से जोखिम वाले निवेश विकल्पों की ओर बढ़ा और उन्होंने सोने-चांदी जैसे सुरक्षित निवेश से दूरी बनानी शुरू कर दी। इसका सीधा असर दोनों की कीमतों पर पड़ा।
फेडरल रिजर्व के संकेतों ने बढ़ाया दबाव
अमेरिकी फेडरल रिजर्व की ओर से ब्याज दरों को लेकर दिए गए हालिया संकेत भी सोने और चांदी की कीमतों पर असर डाल रहे हैं। यदि ब्याज दरें ऊंची रहती हैं या बढ़ती हैं, तो बिना ब्याज वाले निवेश जैसे सोना अपेक्षाकृत कम आकर्षक हो जाते हैं। इसी वजह से अंतरराष्ट्रीय बाजार में इनकी मांग कमजोर हुई है। मजबूत डॉलर ने भी बढ़ाई गिरावट फेडरल रिजर्व के रुख के बाद अमेरिकी डॉलर इंडेक्स में मजबूती आई है।चांदी दोनों अपने रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गए
रिकॉर्ड तेजी के बाद हुई मुनाफावसूली कुछ समय पहले सोना और चांदी दोनों अपने रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गए थे। इसके बाद बड़े निवेशकों और ट्रेडर्स ने मुनाफावसूली शुरू कर दी। भारी बिकवाली के चलते बाजार में कीमतों में तेजी से नरमी आई, जिसका असर घरेलू बाजार में भी साफ दिखाई दिया। गोल्ड और सिल्वर ETF में बढ़ी बिकवाली सुरक्षित निवेश के प्रति घटते आकर्षण का असर एक्सचेंज ट्रेडेड फंड (ETF) पर भी पड़ा है। बाजार में सिल्वर ETF में करीब 6 प्रतिशत और गोल्ड ETF में लगभग 3 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई है।
