मध्य प्रदेश के दमोह जिले से एक बेहद दर्दनाक और झझोंड़ देने वाली खबर सामने आई है। यहां हिण्डोरिया थाना क्षेत्र के ग्राम आनु में एक लापरवाही पूरे परिवार पर भारी पड़ गई। कमरे में रखे गेहूं को कीड़ों से बचाने के लिए डाली गई कीटनाशक दवा की जहरीली गैस (Fumes) की चपेट में आने से एक ही परिवार के चार मासूम बच्चे गंभीर रूप से बीमार हो गए। अस्पताल पहुंचने पर डॉक्टरों ने एक 5 साल के बच्चे को मृत घोषित कर दिया, जबकि बाकी तीन बच्चों की हालत बेहद नाजुक बनी हुई है।
बंद कमरे में सो रहे थे बच्चे, सांसों में घुल गया जहर
परिजनों के मुताबिक, रोज की तरह कल रात भी चारों भाई-बहन एक ही कमरे में सो रहे थे। इसी कमरे के एक कोने में अनाज को सुरक्षित रखने के लिए कीटनाशक दवा मिलाकर गेहूं की बोरियां/टंकी रखी हुई थी। रात में कमरा पूरी तरह बंद होने के कारण दवा से निकलने वाली तेज और जहरीली गैस पूरे कमरे में भर गई। सोते समय सांस के जरिए यह अदृश्य जहर बच्चों के फेफड़ों तक पहुंच गया, जिससे चारों बच्चे बिस्तर पर ही अचेत (बेहोश) हो गए।
अस्पताल पहुंचते ही एक मासूम ने तोड़ा दम
घटना का खुलासा आज सुबह तब हुआ जब देर तक बच्चों के न उठने पर परिजनों ने उन्हें जगाने की कोशिश की। चारों को बेसुध हालत में देख घर में चीख-पुकार मच गई। परिजन आनन-फानन में सभी को लेकर दमोह जिला अस्पताल भागे, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। ड्यूटी पर तैनात डॉक्टरों ने 5 वर्षीय धर्मेंद्र प्रजापति (पिता माखन प्रजापति) को देखते ही मृत घोषित कर दिया। बच्चे की मौत की खबर सुनते ही अस्पताल परिसर में परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल था।
आईसीयू में जिंदगी की जंग लड़ रहे तीन भाई-बहन
एक जरूरी चेतावनी
यह घटना हर उस परिवार के लिए एक चेतावनी है जो घरों में अनाज का भंडारण करते हैं। किसान भाई और आम नागरिक इस बात का विशेष ध्यान रखें कि अनाज को सुरक्षित रखने वाली दवाइयां (जैसे सल्फास या एल्युमिनियम फॉस्फेट की गोलियां) हवा के संपर्क में आते ही बेहद घातक और जहरीली गैस छोड़ती हैं।
दूरी बनाएं: जिस कमरे में दवा मिला अनाज रखा हो, वहां किसी भी स्थिति में इंसानों या पालतू जानवरों के सोने या बैठने की व्यवस्था न करें।
हवादार स्थान: अनाज को हमेशा घर के रिहायशी हिस्से से दूर, किसी ऐसे गोदाम या कमरे में रखें जहां वेंटिलेशन (हवा की आवाजाही) अच्छी हो। आपकी एक छोटी सी सावधानी किसी की जान बचा सकती है।