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भारत के सख्त तेवरों ने पाकिस्तान की बढ़ाई चिंतां
भारत के सख्त तेवरों ने पाकिस्तान की बढ़ाई चिंतां
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सिंधु जल संधि : भारत के कड़े रुख से बैकफुट पर पाकिस्तान, UNSC में लगाई गुहार

सिंधु जल संधि को लेकर भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव बढ़ गया है। पाकिस्तान ने भारत पर नदियों के जल प्रवाह को प्रभावित करने का आरोप लगाते हुए मामला संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में उठाया है। इशाक डार ने कहा कि भारतीय परियोजनाएं पाकिस्तान की जल और खाद्य सुरक्षा के लिए खतरा बन सकती हैं, जबकि भारत आतंकवाद के मुद्दे पर अपने सख्त रुख पर कायम है।

अप्पू धीवर |  कीर्तिमान न्यूज
प्रकाशित: 20 Jun 2026, 12:07 PM · अपडेट: 02 Oct 2026, 10:44 AM
नई दिल्ली
AI द्वारा तैयार ~1 मिनट सारांश

सिंधु जल संधि (Indus Water Treaty) को लेकर भारत के सख्त तेवरों ने पाकिस्तान की चिंताएं बढ़ा दी हैं। अप्रैल 2025 में हुए पहलगाम आतंकी हमले के बाद भारत द्वारा इस 65 साल पुरानी संधि को निलंबित किए जाने के फैसले से पाकिस्तानी खेमे में हड़कंप है। अब इस मुद्दे को लेकर पाकिस्तान ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) का दरवाजा खटखटाया है।

पाकिस्तान के उप-प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री इशाक डार ने सुरक्षा परिषद को एक आधिकारिक पत्र भेजा है। इस पत्र में उन्होंने आरोप लगाया है कि भारत अपनी सीमा से पाकिस्तान की ओर जाने वाली नदियों के प्राकृतिक बहाव को बदलने की कोशिश कर रहा है। डार ने विशेष रूप से चिनाब नदी पर चल रही भारत की दो बड़ी जल परियोजनाओं का उल्लेख करते हुए इन्हें पाकिस्तान की जल, खाद्य और आर्थिक सुरक्षा के लिए एक बड़ा खतरा करार दिया है।

वॉटर वेपन और हाइड्रो-हेजेमनी का अलापा राग

अंतरराष्ट्रीय मंचों पर इस मुद्दे को उठाते हुए पाकिस्तानी राजनयिकों ने भारत पर पानी को एक हथियार (Water Weapon) के रूप में इस्तेमाल करने का आरोप लगाया है। UNSC को भेजे संदेश में पाकिस्तान ने मांग की है कि सुरक्षा परिषद इस संवेदनशील और बिगड़ते हालात का संज्ञान ले और भारत को इस कदम के लिए जवाबदेह ठहराए।

इससे ठीक एक दिन पहले, ब्रसेल्स में आयोजित एक सम्मेलन के दौरान भी इशाक डार ने भारत पर 'हाइड्रो-हेजेमनी' (जल प्रभुत्व) की नीति अपनाने का आरोप मढ़ा था। पाकिस्तानी विदेश मंत्रालय का दावा है कि भारत इस समय करीब 17 ऐसी परियोजनाओं पर काम कर रहा है, जो सिंधु नदी प्रणाली के मौजूदा ढांचे को बड़े पैमाने पर प्रभावित कर सकती हैं।

क्यों डरा हुआ है पाकिस्तान?

पाकिस्तान की पूरी कृषि व्यवस्था और अर्थव्यवस्था मुख्य रूप से भारत से होकर जाने वाली नदियों के पानी पर टिकी है। सिंधु जल संधि के निलंबन के बाद से ही इस्लामाबाद को यह डर सता रहा है कि आने वाले समय में उसके हिस्से के पानी में भारी कटौती हो सकती है।

तनाव की वजह: अप्रैल 2025 में पहलगाम में हुए आतंकवादी हमले के बाद भारत ने कूटनीतिक और रणनीतिक दबाव बनाते हुए सिंधु जल संधि को सस्पेंड कर दिया था।

  • पाकिस्तान का आरोप: भारत नदियों के पानी को रोककर या डाइवर्ट करके पाकिस्तान में सूखे जैसे हालात पैदा कर सकता है।

  • भारत का रुख: भारत हमेशा से साफ कर चुका है कि आतंकवाद और द्विपक्षीय बातचीत या समझौते एक साथ नहीं चल सकते।

विशेषज्ञों का मानना है कि UNSC में जाने का पाकिस्तान का यह कदम वैश्विक सहानुभूति बटोरने की एक हताश कोशिश है, क्योंकि भारत अपनी राष्ट्रीय सुरक्षा और संप्रभुता के मद्देनजर इस मुद्दे पर झुकने के मूड में नहीं दिख रहा है।

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