बस बनी डिलीवरी रूम : चलती बस में गूंजी किलकारी, यात्रियों की मदद से महिला ने दिया बच्चे को जन्म
कोरबा से पटना जा रही बस में सफर के दौरान गर्भवती महिला को प्रसव पीड़ा हुई। महिला यात्रियों की मदद से बस में ही सुरक्षित प्रसव कराया गया। बाद में मां और नवजात को बलरामपुर जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां दोनों स्वस्थ हैं।
छत्तीसगढ़ के कोरबा से एक अनोखा और भावुक मामला सामने आया है। कोरबा से पटना जा रही एक यात्री बस में सफर के दौरान गर्भवती महिला को अचानक प्रसव पीड़ा शुरू हो गई। हालात ऐसे बने कि बस ही कुछ देर के लिए अस्थायी डिलीवरी रूम में बदल गई। बस में मौजूद महिला यात्रियों की तत्परता और सहयोग से महिला ने सुरक्षित रूप से एक स्वस्थ बच्चे को जन्म दिया। बाद में मां और नवजात को बलरामपुर जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां दोनों की हालत सामान्य बताई जा रही है।
बारिश के बीच रास्ते में शुरू हुई प्रसव पीड़ा
जानकारी के अनुसार, मंगलवार रात तेज बारिश के दौरान राजहसन बस कोरबा से पटना के लिए रवाना हुई थी। बस में गर्भवती महिला अपने पति के साथ यात्रा कर रही थी। रात करीब 11 बजे अंबिकापुर पार करने के बाद महिला को अचानक तेज प्रसव पीड़ा होने लगी। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए चालक ने तुरंत बस को सुरक्षित स्थान पर रोक दिया। बस रुकते ही उसमें सफर कर रही सुनती देवी सहित अन्य महिला यात्रियों ने बिना समय गंवाए प्रसूता की मदद शुरू की। सभी के सहयोग से बस के भीतर ही सुरक्षित प्रसव कराया गया। इस दौरान यात्रियों ने भी हर संभव सहायता उपलब्ध कराई, जिससे प्रसव सफलतापूर्वक संपन्न हो सका। प्रसव के बाद बस बलरामपुर पहुंची, जहां करीब आधे घंटे बाद महिला और नवजात को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। डॉक्टरों ने जांच के बाद दोनों को बताया स्वस्थ
डॉक्टरों ने दोनों की जांच के बाद बताया कि मां और बच्चा पूरी तरह स्वस्थ हैं तथा चिकित्सकीय निगरानी में उनका उपचार जारी है। बताया जा रहा है कि प्रसूता कोरबा की रहने वाली है और यह उसका पहला बच्चा है। घटना के समय बस में करीब 30 से 35 यात्री मौजूद थे। नवजात के जन्म के बाद बस में खुशी का माहौल बन गया। कई यात्रियों ने परिवार को शुभकामनाएं देने के साथ-साथ स्वेच्छा से आर्थिक सहायता भी प्रदान की।