शासन की जनकल्याणकारी योजनाएं जब दूरस्थ जनजातीय अंचलों तक पहुंचती हैं, तो वे केवल कागजी प्रक्रिया तक सीमित नहीं रहतीं, बल्कि लोगों के जीवन में वास्तविक बदलाव लेकर आती हैं। बलरामपुर-रामानुजगंज जिले में संचालित जनहितकारी शिविरों के माध्यम से पात्र हितग्राहियों को आधार पंजीयन, बैंकिंग सेवाएं, राशन कार्ड, सामाजिक सुरक्षा पेंशन, आयुष्मान भारत योजना और प्रधानमंत्री आवास योजना जैसी सुविधाओं से जोड़ा जा रहा है।
शिविरों में पात्रता परीक्षण, आवेदन, मौके पर निराकरण, स्वास्थ्य परीक्षण और शिकायतों के समाधान की कार्रवाई भी की जा रही है। इसी पहल का जीवंत उदाहरण विकासखंड राजपुर के ग्राम पंचायत पतरापारा की निवासी रोन्ही पहाड़ी कोरवा हैं, जिनके जीवन में प्रशासन की संवेदनशील पहल ने नई उम्मीद जगाई है।
अभाव और अंधविश्वास के बीच गुजर रही थी जिंदगी
बलरामपुर-रामानुजगंज जिले के ग्राम पतरापारा निवासी रोन्ही पहाड़ी कोरवा को जनजातीय गरिमा उत्सव शिविर के दौरान आयुष्मान भारत कार्ड का लाभ मिला। आर्थिक तंगी और स्वास्थ्य सुविधाओं के अभाव में जीवन गुजार रही रोन्ही अब निःशुल्क इलाज की सुविधा मिलने से राहत महसूस कर रही हैं। जिला प्रशासन के “जनभागीदारी सबसे दूर सबसे पहले अभियान” के तहत आयोजित शिविर में ग्रामीणों को विभिन्न शासकीय योजनाओं से जोड़ा जा रहा है।जनजातीय गरिमा उत्सव शिविर बना उम्मीद की किरण
रोन्ही के जीवन में बदलाव तब आया, जब जिला प्रशासन द्वारा संचालित “जनभागीदारी सबसे दूर सबसे पहले अभियान” के तहत पतरापारा में जनजातीय गरिमा उत्सव शिविर आयोजित किया गया। शिविर में स्वास्थ्य विभाग की टीम ने उनकी समस्याओं को गंभीरता से सुना और मौके पर ही उनका आयुष्मान भारत कार्ड बनाकर सौंप दिया।
आयुष्मान कार्ड मिलने के बाद अब रोन्ही और उनके परिवार को इलाज के भारी खर्च की चिंता से राहत मिल गई है। अब वे आवश्यकता पड़ने पर अनुबंधित अस्पतालों में निःशुल्क और बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं का लाभ उठा सकेंगी।
