CGBSE Board Results: छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल (CGBSE) ने कक्षा 10वीं और 12वीं की मुख्य परीक्षा की उत्तरपुस्तिकाओं की पुनर्गणना और पुनर्मूल्यांकन प्रक्रिया पूरी करने के बाद अंतिम और स्थायी मेरिट सूची जारी कर दी है। री-चेकिंग का नतीजा इतना चौंकाने वाला रहा कि कई छात्रों के प्राप्तांकों में बड़ा इजाफा हुआ, जिससे टॉपर्स की पूरी लिस्ट ही बदल गई। कई विद्यार्थी कई पायदान ऊपर चढ़कर टॉपर लिस्ट में जगह बनाने में कामयाब रहे। पुनर्मूल्यांकन के नतीजों ने 10वीं बोर्ड के नतीजों में बड़ा उलटफेर किया है।
8वें स्थान से सीधे पहले पायदान पर
अस्थायी मेरिट सूची में 8वें स्थान पर रहे छात्र एहसान अली की उत्तरपुस्तिका की जब दोबारा जांच हुई, तो उनके अंक इतने बढ़े कि वे सीधे पहले पायदान पर पहुंच गए। एहसान के नंबर बढ़ते ही अब 10वीं बोर्ड में कुल चार छात्र संयुक्त रूप से पहले स्थान पर आ गए हैं। इनमें संध्या नायक, परीरानी प्रधान, अंशुल शर्मा और एहसान अली शामिल हैं। इस संशोधन के बाद 10वीं की स्थायी मेरिट सूची में 13 नए मेधावियों का नाम शामिल हुआ है। इसके साथ ही टॉप-10 की सूची में छात्रों की कुल संख्या 42 से बढ़कर 55 हो गई है।
देखने मिला पुनर्मूल्यांकन का जादू
नई सूची में 5वें स्थान पर 1 नया छात्र, जबकि 7वें, 8वें, 9वें और 10वें पायदान पर 3-3 नए विद्यार्थियों ने अपनी जगह बनाई है। 12वीं बोर्ड में भी पुनर्मूल्यांकन का असर देखने को मिला। छात्रा तनीषा साहू ने री-चेकिंग के दम पर 8वें स्थान से सीधे 4थे स्थान पर छलांग लगाई है। हालांकि, पहले स्थान पर काबिज जिज्ञासु वर्मा का दबदबा बरकरार है और वे शीर्ष स्थान पर बने हुए हैं। 12वीं की स्थायी सूची में भी 13 नए छात्रों की प्रविष्टि हुई है, जिससे टॉप-10 में शामिल कुल विद्यार्थियों का आंकड़ा 43 से बढ़कर 56 पर पहुंच गया है।दोबारा जांच में 10,415 कॉपियों के बदले अंक
नई सूची में छठे स्थान पर 2, सातवें पर 1, आठवें पर 3, नौवें पर 4 और दसवें स्थान पर 3 नए छात्रों ने कब्जा जमाया है। बोर्ड परीक्षा के शुरुआती नतीजों से असंतुष्ट 10वीं और 12वीं के कुल 17,205 परीक्षार्थियों ने पुनर्मूल्यांकन के लिए आवेदन दर्ज कराया था। जब उत्तरपुस्तिकाओं की दोबारा जांच की गई, तो इनमें से 10,415 कॉपियों के अंक बदल गए। कई विद्यार्थियों के तो 20 से भी अधिक अंक बढ़े। अंकों में 20 से ज्यादा बढ़ोतरी के लिए कुल 1,970 आवेदन आए थे, जिनमें से 274 कॉपियों के अंक बदले गए हैं।
बोर्ड के फैसले से छात्रों को फायदा
परिणामों में आए इस बड़े बदलाव के पीछे बोर्ड का एक नया नियम भी जिम्मेदार है। इस बार माध्यमिक शिक्षा मंडल ने पुनर्मूल्यांकन के नियमों में ढील देते हुए मात्र 5 प्रतिशत अंक बढ़ने पर भी नई अंकसूची जारी करने का फैसला किया है। इससे पहले के वर्षों में कम से कम 10 प्रतिशत अंक बढ़ने पर ही अंकों में संशोधन मान्य किया जाता था। बोर्ड के इस कदम से हजारों छात्रों को सीधे तौर पर फायदा पहुंचा है।

