Friday, 03 Jul 2026 भारत
ब्रेकिंग
हत्या की आशंका : बहू से विवाद के बाद लापता हुए बुजुर्ग का शव बरामद, पुलिस जांच में जुटी गुजरात-एमपी में जैश का नेटवर्क बेनकाब, 8 आरोपी गिरफ्तार, यूएपीए समेत कई धाराओं में केस दर्ज पुलिस के हत्थे चढ़ा ठग : देशभर के 300 होटलों को बना चुका था निशाना खेत की रखवाली बनी काल : करंट की चपेट में आने से पिता-पुत्र की दर्दनाक मौत सड़क हादसा : अनियंत्रित होकर खाई में गिरी यात्रियों से भरी बस, 40 की मौत, 8 जिंदगी और मौत के बीच जूझ रहे भरोसे का कत्ल : 7 और 9 साल की मासूम बहनों को खेलने के बहाने बुलाया और किया दुष्कर्म,  आरोपी हिरासत में हत्या की आशंका : बहू से विवाद के बाद लापता हुए बुजुर्ग का शव बरामद, पुलिस जांच में जुटी गुजरात-एमपी में जैश का नेटवर्क बेनकाब, 8 आरोपी गिरफ्तार, यूएपीए समेत कई धाराओं में केस दर्ज पुलिस के हत्थे चढ़ा ठग : देशभर के 300 होटलों को बना चुका था निशाना खेत की रखवाली बनी काल : करंट की चपेट में आने से पिता-पुत्र की दर्दनाक मौत सड़क हादसा : अनियंत्रित होकर खाई में गिरी यात्रियों से भरी बस, 40 की मौत, 8 जिंदगी और मौत के बीच जूझ रहे भरोसे का कत्ल : 7 और 9 साल की मासूम बहनों को खेलने के बहाने बुलाया और किया दुष्कर्म,  आरोपी हिरासत में
W 𝕏 f
होम राजनीति छलका दर्द : संगठन से बाहर होते ही मनीष तिवारी का …
मनीष तिवारी नाराज
मनीष तिवारी नाराज
राजनीति Featured

छलका दर्द : संगठन से बाहर होते ही मनीष तिवारी का शायराना तंज, पंजाब कांग्रेस में बढ़ी कलह

पंजाब कांग्रेस के संगठनात्मक फेरबदल के बाद वरिष्ठ नेता और चंडीगढ़ सांसद मनीष तिवारी की नाराजगी खुलकर सामने आई है। चुनावी समितियों में जगह नहीं मिलने पर उन्होंने X पर शायराना अंदाज में पोस्ट कर पार्टी के भीतर असुरक्षा की भावना पर तंज कसा।

कीर्तिमान न्यूज
02 Jul 2026, 01:36 PM
नई दिल्ली
पंजाब कांग्रेस में हुए बड़े संगठनात्मक फेरबदल के बाद अंदरूनी कलह और असंतोष की आवाजें एक बार फिर सतह पर आ गई हैं। इस बार पार्टी के वरिष्ठ नेता और चंडीगढ़ से लोकसभा सांसद मनीष तिवारी का दर्द सरेआम छलका है। 
राज्य इकाई में कई अहम नियुक्तियां की गईं, लेकिन तीन बार के सांसद और पूर्व केंद्रीय मंत्री रहे मनीष तिवारी को पूरी तरह किनारे कर दिया गया। खुद को नजरअंदाज किए जाने पर तिवारी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' (ट्विटर) पर बेहद तीखा और शायराना तंज कसा है। मनीष तिवारी ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल पर पंजाब कांग्रेस के पुनर्गठन से जुड़ी एक खबर साझा करते हुए अपने दिल की बात लिखी। उन्होंने लिखा:

"है बड़ा कोई अवगुण उसमें, जिसे कोई हुनर आवे। काश मेरे पास लोगों और संस्थाओं की असुरक्षाओं के लिए कोई एंटीडोट (इलाज) होता। इसके बावजूद, भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस ने मुझे पिछले 45 वर्षों में बहुत कुछ दिया है और मैंने भी अपने पूरे वयस्क जीवन को दशकों तक पार्टी की सेवा में समर्पित किया है।"

तिवारी ने अपनी बात को आगे बढ़ाते हुए दार्शनिक अंदाज में यह भी जोड़ा कि "जो होना है, वह होकर रहेगा।" राजनीति के जानकारों का मानना है कि तिवारी का यह बयान सीधे तौर पर पार्टी आलाकमान और पंजाब के उन स्थानीय नेताओं पर निशाना है जो असुरक्षा की भावना के चलते वरिष्ठ नेताओं को आगे बढ़ने से रोकते हैं। 

किए गए बड़े बदलाव 

यह पूरा विवाद तब शुरू हुआ जब कांग्रेस नेतृत्व ने पंजाब विधानसभा चुनावों को ध्यान में रखते हुए अपनी प्रदेश इकाई के ढांचे में बड़ा बदलाव किया। काफी समय से कयास लगाए जा रहे थे कि पंजाब नेतृत्व में फेरबदल हो सकता है, लेकिन पार्टी ने साफ कर दिया कि:

  • अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग प्रदेश अध्यक्ष के पद पर बने रहेंगे।

  • प्रताप सिंह बाजवा विधानसभा में विधायक दल के नेता (LoP) की कमान संभालते रहेंगे।

चरणजीत पर खेला बड़ा दांव 

इन दोनों शीर्ष नेताओं को बरकरार रखते हुए पार्टी ने चुनावी समितियों का ऐलान किया, जिसमें कई दिग्गजों को जगह मिली, लेकिन मनीष तिवारी का नाम सूची से पूरी तरह गायब रहा। इस नए पुनर्गठन में कांग्रेस ने पंजाब के अपने सबसे बड़े दलित चेहरे और पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी पर बड़ा दांव खेला है। चन्नी को आगामी चुनाव के लिए चुनाव अभियान समिति (Campaign Committee) का प्रमुख नियुक्त किया गया है।

इसके अलावा अन्य अहम जिम्मेदारियां इस प्रकार बांटी गई हैं:

नेता का नामसौंपी गई नई जिम्मेदारी / समिति
सुखजिंदर सिंह रंधावा (सांसद)कोर कमेटी का जिम्मा
विजय इंदर सिंघला (पूर्व मंत्री)चुनाव प्रबंधन और समन्वय समिति के अध्यक्ष
डॉ. अमर सिंह (सांसद)घोषणापत्र (Manifesto) समिति के अध्यक्ष

नहीं चल रहा कुछ ठीक 

पंजाब कांग्रेस में चुनाव से ठीक पहले इस तरह की नाराजगी पार्टी के लिए नई मुसीबत खड़ी कर सकती है। मनीष तिवारी जैसे कद्दावर और अनुभवी नेता को चुनावी समितियों से बाहर रखना और फिर उनका यह सार्वजनिक बयान आना साफ संकेत देता है कि पंजाब कांग्रेस के भीतर सब कुछ ठीक नहीं चल रहा है। अब देखना यह होगा कि आलाकमान मनीष तिवारी की इस 'असुरक्षा' वाली चुटकी पर क्या रुख अपनाता है।
क्या यह खबर उपयोगी लगी?
शेयर करें अपने दोस्तों तक पहुंचाएं
WhatsApp Telegram
हमारे WhatsApp ग्रुप से जुड़ें — ताज़ा खबरें सबसे पहले पाएं!
कीर्तिमान
गाइए और छा जाइए
भारत
छत्तीसगढ़
सभी छत्तीसगढ़ ›
रायपुर संभाग
दुर्ग संभाग
बिलासपुर संभाग
सरगुजा संभाग
बस्तर संभाग
विदेश
राजनीति
मनोरंजन
खेल
तकनीक
कारोबार
शिक्षा सेहत धर्म यात्रा राशिफल
कलमकार
डार्क/लाइट मोड डॉ. नीरज गजेंद्र
वीडियो
अभी कोई वीडियो उपलब्ध नहीं है
Clip & Share

अगली खबर के लिए ऊपर और पिछली खबर के लिए नीचे स्वाइप करें

सावधान: संवेदनशील सामग्री
इस अनुभाग में अपराध, हिंसा, दुर्घटना या अन्य संवेदनशील विषयों से संबंधित समाचार हो सकते हैं। क्या आप इसे देखना चाहते हैं?
ताज़ा खबरें सबसे पहले पाएं!
पुश नोटिफिकेशन चालू करें