Chhattisgarh Business News: नया उद्योग लगाना हो या मौजूदा कारोबार को बढ़ाना, अब सरकारी दफ्तरों के चक्कर काटने की मजबूरी खत्म होने जा रही है। राज्य सरकार ने 'ईज ऑफ डूइंग बिजनेस एक्ट-2026' को धरातल पर उतारने के लिए 90 दिनों का एक विशेष एक्शन प्लान तैयार किया है। मंत्रालय में मुख्य सचिव विकासशील की अध्यक्षता में हुई उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में प्रशासनिक व्यवस्था को पारदर्शी और जवाबदेह बनाने के लिए कई कड़े फैसले लिए गए।
तय सीमा में काम न होने पर डीम्ड अप्रूवल
नए एक्शन प्लान के तहत 8 प्रमुख विभागों की 43 नागरिक व व्यावसायिक सेवाओं और 9 सरकारी कानूनों की सीधी समीक्षा की जाएगी। सबसे महत्वपूर्ण फैसला यह लिया गया है कि यदि किसी आवेदन या एनओसी (NOC) पर तय समय-सीमा के भीतर अधिकारी फैसला नहीं लेते हैं, तो उसे 'डीम्ड अप्रूवल' यानी स्वतः मंजूर मान लिया जाएगा।
इतना ही नहीं, बेवजह देरी करने वाले लापरवाह अफसरों पर नियमानुसार जुर्माना लगाने का भी प्रावधान किया गया है। 27 अगस्त से लागू इस योजना के संचालन के लिए जल्द ही स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर (SOP) और नोडल विभाग तय कर दिए जाएंगे।
निगरानी के लिए बना 3-स्तरीय सिस्टम
व्यवस्था में कोई ढिलाई न रहे, इसके लिए तीन अलग-अलग स्तरों पर मॉनिटरिंग टीम बनाई गई है:
राज्य स्तर: मुख्यमंत्री की अगुवाई में 'एपेक्स काउंसिल' नीतिगत फैसले लेगी।
कार्यकारी स्तर: मुख्य सचिव की अध्यक्षता वाली 'कार्यकारी समिति' दैनिक कामकाज की देखरेख करेगी।
जिला स्तर: कलेक्टर की अध्यक्षता में 'जिला सशक्त समिति' जमीनी स्तर पर निगरानी रखेगी।
33 जिलों के राजस्व रिकॉर्ड होंगे ऑनलाइन
आम लोगों और कारोबारियों को जमीन से जुड़े कागजात के लिए परेशान न होना पड़े, इसके लिए 'वसुंधरा प्रोजेक्ट' की शुरुआत की गई है। पहले चरण में चयनित जिलों के राजस्व रिकॉर्ड्स को पूरी तरह डिजिटल बनाया जाएगा, जिसके बाद इसे प्रदेश के सभी 33 जिलों में लागू करने की योजना है।
इस प्रोजेक्ट के तहत वर्ष 2020 से पहले के खसरा पंचशाला, मिसल बंदोबस्त, अधिकार अभिलेख, नक्शे और राजस्व कोर्ट के पुराने फैसलों की स्कैनिंग व डेटा एंट्री की जाएगी।
सेवा सेतु पर मिलेगी हर सुविधा
डिजिटल हो रहे इन सभी दस्तावेजों को 'सेवा सेतु पोर्टल' से जोड़ा जा रहा है। इससे आम नागरिक घर बैठे:
जमीन के कागजात और प्रमाणीकृत डिजिटल कॉपी डाउनलोड कर सकेंगे।
ऑनलाइन आवेदन और सरकारी फीस का भुगतान कर सकेंगे।
अपने आवेदन की लाइव स्थिति (Status) ट्रैक कर पाएंगे।
पुराने और हाथ से लिखे रिकॉर्ड्स को आसानी से ढूंढने के लिए सिस्टम में OCR, बारकोड और AI बेस्ड सर्च तकनीक का इस्तेमाल किया जाएगा। मुख्य सचिव ने सभी अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि नामांतरण (Mutation) सहित सभी राजस्व प्रक्रियाओं में एकरूपता और पारदर्शिता अनिवार्य रूप से बनी रहनी चाहिए।

