Friday, 18 Sep 2026 भारत
ब्रेकिंग
W 𝕏 f
होम रायपुर Chhattisgarh Business News: अब सरकारी दफ्तरों के …
Ease of Doing Business Act 2026 (Image Source: AI Photo)
Ease of Doing Business Act 2026 (Image Source: AI Photo)
रायपुर Featured

Chhattisgarh Business News: अब सरकारी दफ्तरों के चक्कर खत्म! CG में तय समय पर नहीं हुआ काम तो मिलेगा ऑटो अप्रूवल

Chhattisgarh Business News: सरकार ने उद्योगों और कारोबार को आसान बनाने के लिए Ease of Doing Business Act-2026 के तहत 90 दिनों का एक्शन प्लान तैयार किया है। तय समय में आवेदन पर फैसला नहीं होने पर डीम्ड अप्रूवल का प्रावधान होगा। साथ ही वसुंधरा प्रोजेक्ट के जरिए जमीन रिकॉर्ड डिजिटल किए जाएंगे और सेवा सेतु पोर्टल से ऑनलाइन सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी।

कीर्तिमान न्यूज
18 Sep 2026, 08:51 AM
रायपुर
AI द्वारा तैयार ~1 मिनट सारांश

Chhattisgarh Business News: नया उद्योग लगाना हो या मौजूदा कारोबार को बढ़ाना, अब सरकारी दफ्तरों के चक्कर काटने की मजबूरी खत्म होने जा रही है। राज्य सरकार ने 'ईज ऑफ डूइंग बिजनेस एक्ट-2026' को धरातल पर उतारने के लिए 90 दिनों का एक विशेष एक्शन प्लान तैयार किया है। मंत्रालय में मुख्य सचिव विकासशील की अध्यक्षता में हुई उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में प्रशासनिक व्यवस्था को पारदर्शी और जवाबदेह बनाने के लिए कई कड़े फैसले लिए गए।

तय सीमा में काम न होने पर डीम्ड अप्रूवल

नए एक्शन प्लान के तहत 8 प्रमुख विभागों की 43 नागरिक व व्यावसायिक सेवाओं और 9 सरकारी कानूनों की सीधी समीक्षा की जाएगी। सबसे महत्वपूर्ण फैसला यह लिया गया है कि यदि किसी आवेदन या एनओसी (NOC) पर तय समय-सीमा के भीतर अधिकारी फैसला नहीं लेते हैं, तो उसे 'डीम्ड अप्रूवल' यानी स्वतः मंजूर मान लिया जाएगा।

इतना ही नहीं, बेवजह देरी करने वाले लापरवाह अफसरों पर नियमानुसार जुर्माना लगाने का भी प्रावधान किया गया है। 27 अगस्त से लागू इस योजना के संचालन के लिए जल्द ही स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर (SOP) और नोडल विभाग तय कर दिए जाएंगे।

निगरानी के लिए बना 3-स्तरीय सिस्टम

व्यवस्था में कोई ढिलाई न रहे, इसके लिए तीन अलग-अलग स्तरों पर मॉनिटरिंग टीम बनाई गई है:

आम लोगों और कारोबारियों को जमीन से जुड़े कागजात के लिए परेशान न होना पड़े, इसके लिए 'वसुंधरा प्रोजेक्ट' की शुरुआत की गई है। पहले चरण में चयनित जिलों के राजस्व रिकॉर्ड्स को पूरी तरह डिजिटल बनाया जाएगा, जिसके बाद इसे प्रदेश के सभी 33 जिलों में लागू करने की योजना है।

इस प्रोजेक्ट के तहत वर्ष 2020 से पहले के खसरा पंचशाला, मिसल बंदोबस्त, अधिकार अभिलेख, नक्शे और राजस्व कोर्ट के पुराने फैसलों की स्कैनिंग व डेटा एंट्री की जाएगी।

सेवा सेतु पर मिलेगी हर सुविधा

डिजिटल हो रहे इन सभी दस्तावेजों को 'सेवा सेतु पोर्टल' से जोड़ा जा रहा है। इससे आम नागरिक घर बैठे:

  1. जमीन के कागजात और प्रमाणीकृत डिजिटल कॉपी डाउनलोड कर सकेंगे।

  2. ऑनलाइन आवेदन और सरकारी फीस का भुगतान कर सकेंगे।

  3. अपने आवेदन की लाइव स्थिति (Status) ट्रैक कर पाएंगे।

पुराने और हाथ से लिखे रिकॉर्ड्स को आसानी से ढूंढने के लिए सिस्टम में OCR, बारकोड और AI बेस्ड सर्च तकनीक का इस्तेमाल किया जाएगा। मुख्य सचिव ने सभी अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि नामांतरण (Mutation) सहित सभी राजस्व प्रक्रियाओं में एकरूपता और पारदर्शिता अनिवार्य रूप से बनी रहनी चाहिए।

क्या यह खबर उपयोगी लगी?
शेयर करें अपने दोस्तों तक पहुंचाएं
WhatsApp Telegram
हमारे WhatsApp ग्रुप से जुड़ें — ताज़ा खबरें सबसे पहले पाएं!
कीर्तिमान
छत्तीसगढ़
सभी छत्तीसगढ़ ›
रायपुर संभाग
दुर्ग संभाग
बिलासपुर संभाग
सरगुजा संभाग
बस्तर संभाग
देश
विदेश
सरकारी सूचना
राजनीति
खेल
मनोरंजन
कारोबार
कीर्तिमान विशेष
तकनीक शिक्षा सेहत धर्म यात्रा राशिफल डार्क/लाइट मोड डॉ. नीरज गजेंद्र
वीडियो
अभी कोई वीडियो उपलब्ध नहीं है
अभी कोई रील उपलब्ध नहीं है
टिप्पणियाँ
शेयर करें
Clip & Share

अगली खबर के लिए ऊपर और पिछली खबर के लिए नीचे स्वाइप करें

सावधान: संवेदनशील सामग्री
इस अनुभाग में अपराध, हिंसा, दुर्घटना या अन्य संवेदनशील विषयों से संबंधित समाचार हो सकते हैं। क्या आप इसे देखना चाहते हैं?
ताज़ा खबरें सबसे पहले पाएं!
पुश नोटिफिकेशन चालू करें