Chhattisgarh UCC: छत्तीसगढ़ में समान नागरिक संहिता (UCC) को लेकर कवायद तेज हो गई है। राजधानी रायपुर के न्यू सर्किट हाउस में आयोजित राज्य स्तरीय बैठक में UCC के संभावित प्रावधानों और उनके सामाजिक प्रभावों पर चर्चा की जा रही है। बैठक में विवाह, तलाक, उत्तराधिकार और लिव-इन रिलेशनशिप जैसे अहम विषयों को लेकर सुझाव लिए जा रहे हैं।
UCC समिति के सदस्य और पूर्व IAS अधिकारी शत्रुघ्न सिंह ने बताया कि समिति अलग-अलग पहलुओं का अध्ययन कर रही है। बैठक में मिले सुझावों पर विचार करने के बाद प्रस्तावित प्रावधानों को लेकर आगे की प्रक्रिया तय की जाएगी।
विवाह से लिव-इन रिलेशन तक इन मुद्दों पर चर्चा
बैठक में पारिवारिक और व्यक्तिगत कानूनों से जुड़े कई महत्वपूर्ण विषयों पर मंथन किया जा रहा है। इनमें प्रमुख रूप से—
- विवाह से जुड़े कानूनी प्रावधान
- तलाक और उससे संबंधित नियम
- संपत्ति और उत्तराधिकार से जुड़े विषय
- लिव-इन रिलेशनशिप से जुड़े संभावित प्रावधान
- राज्य की सामाजिक और क्षेत्रीय परिस्थितियां
समिति इन विषयों पर मिलने वाले सुझावों का अध्ययन करेगी। इसके बाद यह देखा जाएगा कि छत्तीसगढ़ की परिस्थितियों के अनुरूप किस तरह का प्रारूप तैयार किया जा सकता है।
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छत्तीसगढ़ की परिस्थितियों पर रहेगा विशेष ध्यान
शत्रुघ्न सिंह ने कहा कि छत्तीसगढ़ की अपनी सामाजिक और क्षेत्रीय विशेषताएं हैं। ऐसे में दूसरे राज्यों के प्रावधानों को सीधे अपनाने के बजाय राज्य की परिस्थितियों को ध्यान में रखकर विचार किया जा रहा है। समिति का फोकस इस बात पर भी है कि प्रस्तावित व्यवस्था का विभिन्न समुदायों और क्षेत्रों पर क्या प्रभाव पड़ सकता है। बैठक में आए सुझावों को अंतिम रिपोर्ट तैयार करने से पहले विस्तार से देखा जाएगा।
5वीं अनुसूची के क्षेत्रों पर भी मंथन
UCC को लेकर हो रही चर्चा में संविधान की 5वीं अनुसूची के तहत आने वाले क्षेत्रों का विषय भी महत्वपूर्ण है। छत्तीसगढ़ में बड़ी आबादी अनुसूचित क्षेत्रों में रहती है, जहां सामाजिक परंपराओं और स्थानीय व्यवस्थाओं की अपनी विशेषताएं हैं। समिति इन क्षेत्रों की परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए संभावित कानूनी प्रावधानों और उनके प्रभावों का अध्ययन कर रही है।
कब तक सरकार को मिलेगी UCC रिपोर्ट ?
समिति फिलहाल चर्चा, सुझाव और अध्ययन के आधार पर अपनी रिपोर्ट का प्रारूप तैयार करने की दिशा में काम कर रही है। शत्रुघ्न सिंह के मुताबिक, कोशिश है कि रिपोर्ट अक्टूबर के आखिरी सप्ताह या नवंबर के पहले सप्ताह तक राज्य सरकार को सौंप दी जाए। रिपोर्ट मिलने के बाद राज्य सरकार आगे की प्रक्रिया और समयसीमा पर फैसला करेगी। फिलहाल UCC को लेकर चर्चा और सुझाव लेने की प्रक्रिया जारी है और अंतिम प्रावधान क्या होंगे, यह समिति की रिपोर्ट तथा उसके बाद सरकार के निर्णय से स्पष्ट होगा।
सरकार के फैसले पर रहेगी नजर
समिति की रिपोर्ट सामने आने के बाद यह स्पष्ट होगा कि छत्तीसगढ़ में UCC को लेकर किन सुझावों और प्रावधानों को प्राथमिकता दी गई है। इसके बाद राज्य सरकार रिपोर्ट का अध्ययन कर आगे की रणनीति तय करेगी। ऐसे में विवाह, तलाक, उत्तराधिकार, लिव-इन रिलेशनशिप और अनुसूचित क्षेत्रों से जुड़े मुद्दों पर सरकार के अंतिम रुख पर सभी की नजर रहेगी।
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