छत्तीसगढ़िया क्रांति सेना (CKS) की प्रदेश कार्यकारिणी में बड़ा बदलाव किया गया है। कोरबा के घंटाघर चौक स्थित सियान सदन में आयोजित प्रादेशिक बैठक में रायपुर के धीरेंद्र साहू को संगठन का नया प्रदेश अध्यक्ष घोषित किया गया। वहीं अधिवक्ता दिलीप मिरी को प्रदेश संयोजक और कोरबा के अतुल दास महंत को कार्यकारी प्रदेश अध्यक्ष की जिम्मेदारी सौंपी गई। उमगोपाल को प्रदेश उपाध्यक्ष चुना गया है।
संगठन की ओर से जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, प्रदेश स्तर पर दायित्व सौंपने की प्रक्रिया के बाद नई टीम की घोषणा की गई। बैठक में कोरबा, जांजगीर, रायगढ़, बिलासपुर और रायपुर सहित विभिन्न जिलों से बड़ी संख्या में पदाधिकारी और संगठन से जुड़े सेनानी पहुंचे थे।
भोजली महोत्सव की तैयारियों पर हुई चर्चा
बैठक में संगठन के वार्षिक भोजली महोत्सव की तैयारियों को लेकर भी विस्तार से चर्चा हुई। 29 अगस्त को होने वाले भोजली महोत्सव में प्रदेशभर से लोगों की भागीदारी बढ़ाने की रणनीति बनाई गई। इसके साथ ही छत्तीसगढ़ के पारंपरिक त्योहारों को जिलेवार मनाने और स्थानीय संस्कृति से अधिक से अधिक लोगों को जोड़ने पर सहमति बनी। बैठक में प्रदेश प्रभारी मोनी कठोत्रे, प्रदेश महामंत्री रूपेंद्र देवांगन और प्रदेश प्रवक्ता गजेंद्र रथ वर्मा सहित विभिन्न जिलों के पदाधिकारी उपस्थित रहे।
अधिवक्ताओं का पैनल देगा कानूनी सहायता
बैठक में संगठन ने विधिक मामलों के लिए अलग टीम तैयार करने का भी निर्णय लिया। अधिवक्ता सुनील मानिकपुरी को CKS की प्रदेश कार्यकारिणी में शामिल करते हुए उनकी लीगल टीम को संगठन से जोड़ा गया है। CKS का कहना है कि पिछले एक दशक के दौरान विभिन्न आंदोलनों और मामलों में संगठन से जुड़े कई कार्यकर्ताओं के खिलाफ प्रकरण दर्ज हुए हैं। ऐसे मामलों में कानूनी सलाह और न्यायालयीन सहायता उपलब्ध कराने के लिए अधिवक्ताओं का पैनल संगठन के साथ काम करेगा। आम छत्तीसगढ़ियों के अधिकारों से जुड़े मामलों में भी विधिक सहायता देने की बात कही गई है।
महिला टीम को मजबूत करने की बनी रणनीति
रायपुर से जिला पदाधिकारी नेहा वर्मा, जागेंद्र साहू, मनीष वर्मा और भामा साहू भी प्रादेशिक बैठक में शामिल हुए। इस दौरान 29 अगस्त के भोजली महोत्सव में महिलाओं की भूमिका और भागीदारी बढ़ाने को लेकर चर्चा की गई।
महिला टीम को संगठन में और मजबूत करने के लिए उपस्थित महिला सदस्यों के साथ कार्ययोजना पर विचार-विमर्श किया गया। आने वाले समय में संगठन की गतिविधियों में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने पर विशेष जोर देने की बात कही गई।
जल-जंगल-जमीन और प्राकृतिक संसाधनों पर चलेगा जनजागरण
बैठक में अलग-अलग जिलों से पहुंचे पदाधिकारियों और सेनानियों ने छत्तीसगढ़ियावाद, स्थानीय अधिकारों और प्रदेश के संसाधनों से जुड़े मुद्दों पर अपने विचार रखे। संगठन ने जल, जंगल, जमीन और प्राकृतिक संसाधनों को लेकर प्रदेशभर में जनजागरण अभियान चलाने का संकल्प लिया।
धीरेंद्र साहू बोले- छत्तीसगढ़ की प्रादेशिकता को करेंगे मजबूत
नवनियुक्त प्रदेश अध्यक्ष धीरेंद्र साहू ने कहा कि छत्तीसगढ़ की प्रादेशिकता और स्थानीय हितों को मजबूत करने के उद्देश्य से संगठन लगातार काम कर रहा है। उन्होंने प्रदेशभर के सदस्यों से एकजुट होकर स्थानीयता, संस्कृति और छत्तीसगढ़ के अधिकारों से जुड़े मुद्दों पर काम करने का आह्वान किया। प्रदेश संयोजक अधिवक्ता दिलीप मिरी ने कहा कि छत्तीसगढ़ियावाद और स्वाभिमान से जुड़े मुद्दों पर संगठन अपनी लड़ाई जारी रखेगा और इन विषयों पर किसी तरह का समझौता नहीं किया जाएगा।
युवाओं से सक्रिय भागीदारी की अपील
प्रदेश प्रवक्ता गजेंद्र रथ वर्मा ने कहा कि छत्तीसगढ़ की पारंपरिक पहचान, सांस्कृतिक प्रतीकों और भाषाई अस्मिता को लेकर लोगों में जागरूकता लगातार बढ़ रही है। उन्होंने युवाओं से प्रदेश और स्थानीय हितों से जुड़े विषयों में सक्रिय भूमिका निभाने की अपील की। बैठक के समापन पर प्रदेश प्रभारी मोनी कठोत्रे ने 29 अगस्त को आयोजित होने वाले भोजली महोत्सव में अधिक से अधिक प्रदेशवासियों से शामिल होने की अपील की।