Monday, 19 Oct 2026 भारत
ब्रेकिंग
River Accident: नवरात्रि मेले में गुब्बारे बेचने आए 12 वर्षीय मासूम की कनहर नदी में डूबने से मौत Fee Scam: 3 प्राइवेट मेडिकल कॉलेजों पर लगा ज्यादा फीस वसूलने का आरोप, पुलिस कमिश्नर से FIR दर्ज करने की मांग Food Security: जीवित महिला को कागजों में मृत दिखाकर बंद किया राशन, निष्पक्ष जांच की उठी मांग Raipur Tyre Factory Fire: उरला औद्योगिक क्षेत्र में हड़कंप, टार रिसाव की आशंका CJP News: सौरभ दास और आशुतोष रांका की रिहाई अटकी, अब भी तिहाड़ में बंद Tiger Shroff Attack Case: मुंबई पुलिस को मिली बड़ी कामयाबी, कोटा रेलवे स्टेशन और बॉर्डर से 4 संदिग्ध दबोचे गए River Accident: नवरात्रि मेले में गुब्बारे बेचने आए 12 वर्षीय मासूम की कनहर नदी में डूबने से मौत Fee Scam: 3 प्राइवेट मेडिकल कॉलेजों पर लगा ज्यादा फीस वसूलने का आरोप, पुलिस कमिश्नर से FIR दर्ज करने की मांग Food Security: जीवित महिला को कागजों में मृत दिखाकर बंद किया राशन, निष्पक्ष जांच की उठी मांग Raipur Tyre Factory Fire: उरला औद्योगिक क्षेत्र में हड़कंप, टार रिसाव की आशंका CJP News: सौरभ दास और आशुतोष रांका की रिहाई अटकी, अब भी तिहाड़ में बंद Tiger Shroff Attack Case: मुंबई पुलिस को मिली बड़ी कामयाबी, कोटा रेलवे स्टेशन और बॉर्डर से 4 संदिग्ध दबोचे गए
W 𝕏 f
होम › यात्रा › बादलों को चीरती आस्था : चंद्रशीला ट्रेक पर उमड़ा …
चंद्रशीला
चंद्रशीला
यात्रा Featured

बादलों को चीरती आस्था : चंद्रशीला ट्रेक पर उमड़ा श्रद्धालुओं का सैलाब, इस सीजन अब तक 50 हजार से अधिक ने टेका मत्था

उत्तराखंड के प्रसिद्ध पर्यटन और धार्मिक स्थल चोपता, तुंगनाथ और चंद्रशीला में इन दिनों यात्रियों की भारी भीड़ उमड़ रही है। जून की गर्मी से राहत पाने और हिमालयी प्राकृतिक सौंदर्य का आनंद लेने के लिए देश-विदेश से हजारों ट्रैकर और शिवभक्त यहां पहुंच रहे हैं।

अप्पू धीवर |  कीर्तिमान न्यूज
प्रकाशित: 12 Jun 2026, 01:59 PM · अपडेट: 02 Oct 2026, 09:31 AM
रुद्रप्रयाग
AI द्वारा तैयार ~1 मिनट सारांश

उत्तराखंड के मिनी स्विट्जरलैंड कहे जाने वाले चोपता से होकर पवित्र तुंगनाथ धाम और उससे भी ऊंचाई पर स्थित चंद्रशीला चोटी (समुद्र तल से लगभग 13,123 फीट) की यात्रा इन दिनों अपने पूरे शबाब पर है। जून के इस महीने में भीषण गर्मी से राहत पाने और अध्यात्म का अनुभव करने के लिए देश-विदेश से भारी संख्या में ट्रैकर और शिवभक्त चंद्रशीला पहुँच रहे हैं।

मौसम का मिजाज: सुहावना सफर, लेकिन दोपहर बाद एहतियात जरूरी

वर्तमान में चंद्रशीला और चोपता क्षेत्र का मौसम बेहद सुहावना और रिझाने वाला बना हुआ है।

  • तापमान: दिन का तापमान 12°C से 18°C के बीच बना हुआ है, जो ट्रेकिंग के लिए एकदम मुफीद है। हालाँकि, रात के समय पारा लुढ़ककर 4°C से 6°C तक पहुँच रहा है, जिससे कड़ाके की ठंड का अहसास हो रहा है।

  • मौसम का बदलता रूप: सुबह के समय आसमान पूरी तरह साफ रहता है, जिससे चंद्रशीला चोटी से हिमालय की प्रसिद्ध चोटियों (नंदा देवी, त्रिशूल, चौखंबा) का भव्य नजारा साफ दिखाई दे रहा है। लेकिन दोपहर बाद ऊंचे इलाकों में हल्के बादल छाने और ठंडी हवाएं चलने का सिलसिला जारी है। प्रशासन ने यात्रियों को अपने साथ पर्याप्त ऊनी कपड़े और रेनकोट रखने की सलाह दी है।

आंकड़ों की जुबानी: अब तक टूटे रिकॉर्ड, आगे और बड़ी उम्मीद

इस साल चंद्रशीला जाने वाले यात्रियों की संख्या पिछले सभी रिकॉर्ड्स को पीछे छोड़ रही है।

विवरणयात्रियों का आंकड़ा
अब तक पहुँच चुके यात्री (इस सीजन)50,000+ (लगभग)
दैनिक औसत फुटफॉल1,500 से 2,000 यात्री प्रतिदिन
आगामी हफ्तों में अनुमानित संख्या70,000 से अधिक अतिरिक्त यात्री

प्रशासन का अनुमान: स्थानीय पर्यटन अधिकारियों और व्यापार मंडल के अनुसार, जून के उत्तरार्ध और आने वाले महीनों में वीकेंड पर भीड़ और बढ़ने वाली है। इस पूरे यात्रा सीजन में कुल यात्रियों का आंकड़ा 1.20 लाख के पार जाने की उम्मीद जताई जा रही है।

यात्रियों के लिए जरूरी गाइडलाइन और तैयारी

यदि आप भी आने वाले दिनों में चंद्रशीला फतह करने की सोच रहे हैं, तो इन बातों का विशेष ध्यान रखें:

  1. जल्दी शुरू करें चढ़ाई: चंद्रशीला चोटी के लिए चोपता से तुंगनाथ होते हुए लगभग 5 किलोमीटर की खड़ी चढ़ाई है। दोपहर के बाद मौसम बदलने के खतरे को देखते हुए सुबह 4 से 5 बजे के बीच चढ़ाई शुरू करना सबसे सुरक्षित है ताकि दोपहर तक आप वापस बेस कैंप आ सकें।

  2. फिटनेस और एक्यूट माउंटेन सिकनेस (AMS): अत्यधिक ऊंचाई होने के कारण हवा पतली हो जाती है। अपने साथ कपूर, ओआरएस (ORS) और पानी की बोतल जरूर रखें। सांस लेने में दिक्कत होने पर तुरंत नीचे आएं।

  3. प्लास्टिक मुक्त रखें ट्रैक: स्थानीय प्रशासन और पर्यावरण प्रेमियों ने अपील की है कि बुग्यालों (घास के मैदानों) की खूबसूरती बनाए रखने के लिए कचरा डस्टबिन में ही डालें।

क्या यह खबर उपयोगी लगी?
शेयर करें अपने दोस्तों तक पहुंचाएं
WhatsApp Telegram
इस लेख में कोई त्रुटि दिखी? सुधार का अनुरोध करें
हमारे WhatsApp ग्रुप से जुड़ें — ताज़ा खबरें सबसे पहले पाएं!
कीर्तिमान
छत्तीसगढ़ ▾
सभी छत्तीसगढ़ ›
रायपुर संभाग ▾
दुर्ग संभाग ▾
बिलासपुर संभाग ▾
सरगुजा संभाग ▾
बस्तर संभाग ▾
देश ▾
विदेश
सरकारी सूचना ▾
राजनीति ▾
खेल ▾
मनोरंजन ▾
कारोबार ▾
कीर्तिमान विशेष ▾
तकनीक शिक्षा सेहत धर्म यात्रा राशिफल डार्क/लाइट मोड डॉ. नीरज गजेंद्र डॉ. नीरज गजेंद्र
वीडियो
अभी कोई वीडियो उपलब्ध नहीं है
अभी कोई रील उपलब्ध नहीं है
टिप्पणियाँ
शेयर करें
Clip & Share

अगली खबर के लिए ऊपर और पिछली खबर के लिए नीचे स्वाइप करें

सावधान: संवेदनशील सामग्री
इस अनुभाग में अपराध, हिंसा, दुर्घटना या अन्य संवेदनशील विषयों से संबंधित समाचार हो सकते हैं। क्या आप इसे देखना चाहते हैं?
ताज़ा खबरें सबसे पहले पाएं!
पुश नोटिफिकेशन चालू करें