Varanasi Tourism: घूमने का है मन, देव दीपावली पर वाराणसी का ये नजारा जीत लेगा आपका दिल, यादगार होगा सफर
Varanasi Tourism: वाराणसी में 24 नवंबर को देव दीपावली मनाई जाएगी। इस अवसर पर गंगा के घाट लाखों दीपों से जगमगाएंगे। भव्य गंगा आरती, दीपदान, नाव की सवारी और काशी विश्वनाथ मंदिर के दर्शन इस पर्व के प्रमुख आकर्षण रहेंगे।
प्रकाशित: 03 Nov 2026, 05:10 PM· 3 मिनट पढ़ने का समय
वाराणसी
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Varanasi Tourism: काशी सिर्फ एक शहर नहीं, बल्कि अध्यात्म और संस्कृति का एक ऐसा केंद्र है जो सदियों से दुनिया भर के लोगों को अपनी ओर खींचता आया है। गंगा के तट पर बसे इस प्राचीन शहर में वैसे तो हर दिन एक नया उत्सव जैसा महसूस होता है, लेकिन साल में एक ऐसा दिन आता है जब पूरी काशी रोशनी के अद्भुत समंदर में बदल जाती है। अगर आप इस मौसम में कहीं घूमने का मन बना रहे हैं, तो वाराणसी की देव दीपावली आपके जीवन के सबसे खूबसूरत अनुभवों में से एक बन सकती है।
क्या है देव दीपावली की धार्मिक मान्यता?
दीपावली के ठीक 15 दिन बाद कार्तिक पूर्णिमा को मनाई जाने वाली देव दीपावली को लेकर एक प्राचीन पौराणिक कथा प्रचलित है। मान्यता है कि इसी पावन तिथि पर भगवान शिव ने त्रिपुरासुर नाम के असुर का संहार कर तीनों लोकों को उसके अत्याचारों से मुक्त कराया था। इस महान विजय से प्रसन्न होकर सभी देवी-देवता स्वर्ग से उतरकर काशी आए थे और गंगा के घाटों पर दीप जलाकर खुशियां मनाई थीं। यही वजह है कि आज भी यह माना जाता है कि कार्तिक पूर्णिमा की रात खुद देवता पृथ्वी पर आकर काशी के घाटों पर दिवाली मनाते हैं।
इस बार कब मनाई जाएगी देव दीपावली?
इस साल देव दीपावली 24 नवंबर को मनाई जाएगी। कार्तिक पूर्णिमा के दिन पड़ने वाले इस उत्सव की तैयारियां कई हफ्ते पहले से ही शुरू हो जाती हैं। यदि आप इस भव्य नजारे को अपनी आंखों से देखना चाहते हैं, तो अभी से वाराणसी यात्रा की योजना बनाना समझदारी होगी।
इस दिन वाराणसी में क्या खास देखने को मिलता है?
लाखों दीपों से रोशन घाट: शाम होते ही वाराणसी के लगभग सभी 84 घाट मिट्टी के लाखों दीयों से जगमगा उठते हैं। गंगा किनारे दूर-दूर तक केवल रोशनी की एक चादर सी दिखाई देती है।
अलौकिक गंगा आरती: अस्सी घाट, दशाश्वमेध घाट और राजेंद्र प्रसाद घाट पर होने वाली दैनिक गंगा आरती देव दीपावली के दिन बेहद भव्य रूप ले लेती है। शंखनाद, डमरू की गूंज और वैदिक मंत्रोच्चार के बीच पंडित जब आरती करते हैं, तो पूरा वातावरण आध्यात्मिक ऊर्जा से भर जाता है।
नाव से घाटों का विहंगम दृश्य: इस दिन गंगा नदी में बजरे या नाव पर सवार होकर घाटों को देखना एक अद्भुत अनुभव होता है। पानी में उतरती दीपों की परछाईं नजारे को और भी जादुई बना देती है।
काशी विश्वनाथ मंदिर के दर्शन: देव दीपावली के अवसर पर काशी विश्वनाथ धाम में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ जुटती है। पूरे मंदिर परिसर को फूलों और विशेष लाइटों से सजाया जाता है।