पश्चिम एशिया (मिडिल ईस्ट) में गहराते भू-राजनीतिक तनाव और युद्ध के बादलों ने भारत के आम बजट को पूरी तरह से बिगाड़ कर रख दिया है। वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल की सप्लाई चेन टूटने और कच्चे तेल की आसमान छूती कीमतों के चलते देश में एक बार फिर पेट्रोल और डीजल की कीमतों में भारी उछाल आया है। आम जनता के लिए यह किसी बड़े झटके से कम नहीं है, क्योंकि बीते 10 दिनों के भीतर यह तीसरी बार है जब तेल कंपनियों ने ईंधन के दामों में बढ़ोतरी की है।
लगातार बढ़ती महंगाई ने अब मध्यम और निम्न वर्ग की चिंताएं बेहद बढ़ा दी हैं। ईंधन महंगा होने का सीधा असर अब रोजमर्रा की अन्य आवश्यक वस्तुओं और माल ढुलाई (Transportation) पर भी दिखने लगा है।
आज सुबह से लागू हुईं नई कीमतें
तेल कंपनियों द्वारा जारी अधिसूचना के मुताबिक, पेट्रोल और डीजल की बढ़ी हुई कीमतें आज सुबह 6 बजे से ही देश भर में लागू हो गई हैं। इससे पहले हाल ही में 16 मई और फिर 19 मई को भी ईंधन के दाम बढ़ाए गए थे।
आज की बढ़ोतरी के बाद देश की राजधानी दिल्ली में नए रेट इस प्रकार हैं:
पेट्रोल की नई कीमत: आज पेट्रोल के दाम में 87 पैसे प्रति लीटर का इजाफा किया गया है। इस बढ़ोतरी के बाद दिल्ली में पेट्रोल की कीमत ₹99.51 प्रति लीटर पर पहुंच गई है, जो ₹100 के मनोवैज्ञानिक आंकड़े से महज चंद पैसे दूर है।
डीजल की नई कीमत: डीजल की कीमतों में रिकॉर्ड 91 पैसे प्रति लीटर की बढ़ोतरी की गई है। इसके साथ ही दिल्ली में डीजल का नया भाव ₹92.49 प्रति लीटर हो गया है।
नोट: भारत के अन्य महानगरों (मुंबई, कोलकाता और चेन्नई) तथा स्थानीय राज्यों के वैट (VAT) के अंतर के कारण कई शहरों में पेट्रोल की कीमत पहले ही ₹105 से ₹110 प्रति लीटर के पार निकल चुकी है।
इंटरनेशनल मार्केट का हाल
ग्लोबल मार्केट में पिछले 24 घंटों के भीतर कच्चे तेल के ताजा आंकड़े बेहद डराने वाले हैं:
| क्रूड ऑयल का प्रकार | ताजा अंतरराष्ट्रीय कीमत (प्रति बैरल) |
| ब्रेंट क्रूड (Brent Crude) | $103.50 |
| डब्ल्यूटीआई (WTI Crude) | $96.60 |
| इंडियन बास्केट (Indian Basket) | ~$115.00 |
भारतीय रिफाइनरियों के लिए खरीदे जाने वाले कच्चे तेल (इंडियन बास्केट) की कीमत अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चल रहे ब्रेंट क्रूड से भी कहीं अधिक यानी 115 डॉलर प्रति बैरल के आसपास बनी हुई है। यही वजह है कि घरेलू तेल कंपनियां घाटे को कम करने के लिए लगातार कीमतों को रिवाइज कर रही हैं।
क्या और महंगे होंगे दाम?
बाजार विशेषज्ञों और आर्थिक विश्लेषकों का मानना है कि यदि मिडिल ईस्ट में जारी तनाव जल्द ही शांत नहीं हुआ, तो आने वाले दिनों में कच्चे तेल की कीमतें $120 प्रति बैरल का स्तर भी छू सकती हैं। ऐसी स्थिति में भारतीय उपभोक्ताओं को आने वाले हफ्ते में पेट्रोल-डीजल की कीमतों में ₹2 से ₹4 तक की और बढ़ोतरी झेलनी पड़ सकती है, जिससे चौतरफा महंगाई बढ़ने का खतरा मंडरा रहा है।
