छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले के मोहन नगर थाना क्षेत्र से एक रूह कँपा देने वाला मामला सामने आया है। यहाँ एक ही घर के भीतर चार जिंदगियाँ पल भर में खत्म हो गईं। एक दंपति और उनके दो मासूम बच्चों की लाशें घर के भीतर मिलने से इलाके में सनसनी फैल गई है। कमरे का मंजर ऐसा था जिसे देखकर पुलिस अफसरों के भी होश उड़ गए—पति-पत्नी फंदे पर लटके थे, जबकि उनके 11 और 13 साल के दो बच्चों की लाशें बिस्तर पर पड़ी हुई थीं।
लव मैरिज से शुरू हुई इस प्रेम कहानी का अंत इतना खौफनाक होगा, इसकी कल्पना किसी ने नहीं की थी। पुलिस को मौके से दो सुसाइड नोट मिले हैं, जो इस सामूहिक आत्महत्या या हत्या के पीछे छिपी कड़वी सच्चाई की परतें खोल रहे हैं।
सुसाइड नोट में रोंगटे खड़े कर देने वाला खुलासा
मृतका चंचल साहू (40) द्वारा लिखे गए सुसाइड नोट में जो बातें सामने आई हैं, वह किसी थ्रिलर फिल्म की स्क्रिप्ट जैसी भयावह हैं। चंचल ने नोट में विस्तार से लिखा है कि उसने अपने ही बच्चों को किस बेरहमी से मौत के घाट उतारा।
शराब और नींद का इंजेक्शन: चंचल ने पहले अपनी बेटी दृष्टि (13) और बेटे यशांत (11) को शराब पिलाई। इसके बाद उन्हें बेसुध करने के लिए नींद का हैवी इंजेक्शन दे दिया।
तड़पते बच्चों का घोंटा गला: जब सुसाइड नोट लिखने तक बच्चों की मौत कन्फर्म नहीं हुई, तो मां की ममता पूरी तरह मर चुकी थी। चंचल ने रस्सी उठाई और अपने ही दोनों बच्चों का गला घोंटकर उन्हें हमेशा के लिए सुला दिया।
पति को पिलाई अत्यधिक शराब: मृतका का पति गोविंद साहू (45) शराब का बुरी तरह आदी था। वारदात की रात उसे भी अत्यधिक मात्रा में शराब पिलाई गई थी।
गाल पर थप्पड़ के निशान और मौत का सीक्वेंस: मृतका चंचल के गाल पर थप्पड़ के गहरे निशान मिले हैं, जिससे साफ है कि आत्मघाती कदम उठाने से ठीक पहले दोनों के बीच हिंसक झड़प हुई थी। शुरुआती जांच के आधार पर आशंका जताई जा रही है कि पहले पति गोविंद फांसी के फंदे पर झूला, और उसे मरता देख चंचल ने भी फंदा लगा लिया।
एक्स्ट्रा मैरिटल अफेयर बना काल
जांच में सामने आया है कि गोविंद और चंचल ने सालों पहले समाज और अपने माता-पिता की मर्जी के खिलाफ जाकर लव मैरिज की थी। चंचल के मायके वाले (माता-पिता और भाई) इस शादी के खिलाफ थे। चंचल को लगा था कि वह अपनी पसंद की दुनिया बसा रही है, लेकिन शादी के कुछ साल बाद ही यह रिश्ता नर्क बन गया।
चंचल ने सुसाइड नोट में अपने पति गोविंद पर एक्स्ट्रा मैरिटल अफेयर (दूसरी लड़कियों से संबंध) का सीधा आरोप लगाया है। इसी वजह से दोनों के बीच रोज-रोज विवाद होता था। मरने से ठीक पहले चंचल को अपने परिवार की याद आई; उसने सुसाइड नोट में अपने माता-पिता और भाई के फैसले के खिलाफ जाने के लिए उनसे हाथ जोड़कर माफी मांगी है।
दो सुसाइड नोट और 'ज्वाइंट राइटिंग' ने पुलिस को उलझाया
इस पूरे मामले में सबसे बड़ा ट्विस्ट तब आया जब पुलिस को कमरे से 2 सुसाइड नोट बरामद हुए।
एक नोट पूरी तरह चंचल के नाम से है।
जबकि दूसरे सुसाइड नोट में पति गोविंद और पत्नी चंचल दोनों की हैंडराइटिंग है।
इस ज्वाइंट सुसाइड नोट के मिलने से पुलिस अब इस थ्योरी पर भी काम कर रही है कि भारी विवाद और नशे की हालत में, दोनों ने मिलकर पहले बच्चों को मारने का फैसला किया और फिर खुद जान दे दी। मौके से पुलिस को शराब की खाली बोतलें और सुसाइड नोट में जिक्र की गई सामग्रियां मिली हैं।
केपीएस के होनहार छात्र थे मासूम
इस खौफनाक कदम की बलि चढ़े दोनों बच्चे बेहद होनहार थे। दृष्टि और यशांत दोनों भिलाई के प्रतिष्ठित केपीएस (कृष्णा पब्लिक स्कूल) नेहरू नगर में पढ़ते थे।
बेटा यशांत (11): इसी साल 5वीं की परीक्षा पास कर छठवीं कक्षा में गया था।
बेटी दृष्टि (13): 8वीं पास कर इस साल 9वीं कक्षा में पहुंची थी।
बच्चों के उज्जवल भविष्य की शुरुआत होने ही वाली थी कि माता-पिता के आपसी झगड़े और सनक ने उनकी दुनिया उजाड़ दी।

शेयर ट्रेडिंग का काम करता था गोविंद
8 दिन पहले ही लौटा था बालाजी दर्शन से: यह परिवार ऊपरी तौर पर कितना खुशहाल था, इसका अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि पूरा परिवार एक ही चूल्हे पर बना खाना खाता था। गोविंद खुद महज 8 दिन पहले तिरुपति बालाजी के दर्शन करके दुर्ग लौटा था। उसके आने के बाद, परिवार के बाकी दो भाई अपने बच्चों के साथ पुरी (ओडिशा) घूमने गए थे। वे कल रात ही टूर से वापस लौटे थे और घर कदम रखते ही उन्हें भाइयों और बच्चों की लाशें मिलीं।
कॉल डिटेल्स और पीएम रिपोर्ट पर टिकी निगाहें
मामले की गंभीरता को देखते हुए दुर्ग पुलिस फूंक-फूंक कर कदम रख रही है। एएसपी सिटी सुखनंदन राठौर ने मीडिया को बताया:
"शवों को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया गया है। शॉर्ट पीएम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत की असली वजह और समय का सटीक खुलासा हो पाएगा। फिलहाल घर से मिले दोनों सुसाइड नोट, मोबाइल फोन और कॉल डिटेल्स (CDR) की बारीकी से जांच की जा रही है। परिजनों और पड़ोसियों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं।"
क्या यह पूरी तरह से एक सोची-समझी मर्डर-कम-सुसाइड मिस्ट्री है या इसके पीछे कोई और गहरा राज है? इसका खुलासा पुलिसिया जांच और फॉरेंसिक रिपोर्ट के बाद ही हो सकेगा।
