बस्तर जिले के करपावंड क्षेत्र में जमीन सीमांकन को लेकर हुए विवाद के बाद प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाया है। तहसीलदार न्यायालय के आदेश के तहत पांच आवेदकों की भूमि का सीमांकन करने के लिए 19 जून को राजस्व विभाग और पुलिस प्रशासन की संयुक्त टीम मौके पर पहुंची थी।
सीमांकन की प्रक्रिया विधिवत शुरू की गई थी, लेकिन इसी दौरान कुछ ग्रामीणों ने इसका विरोध करना शुरू कर दिया। क्षदर्शियों के अनुसार सीमांकन के दौरान कुछ लोगों ने प्रशासनिक कार्रवाई पर आपत्ति जताते हुए हंगामा किया।
विरोध कर रहे लोगों ने सीमांकन प्रक्रिया को रोकने की कोशिश की, जिससे कुछ समय के लिए मौके पर तनावपूर्ण स्थिति बन गई। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए मौजूद पुलिस बल को हस्तक्षेप करना पड़ा।
21 लोगों पर प्रतिबंधात्मक कार्रवाई
पुलिस कर रही विस्तृत जांच
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि पूरे घटनाक्रम की विस्तृत जांच की जा रही है। मौके पर मौजूद कर्मचारियों और प्रत्यक्षदर्शियों के बयान लिए जा रहे हैं। जांच के दौरान जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि न्यायालय के आदेशों का पालन सुनिश्चित करना उसकी जिम्मेदारी है। ऐसे में सरकारी कार्य में बाधा डालने या कानून-व्यवस्था प्रभावित करने वाले किसी भी व्यक्ति के खिलाफ नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी। अधिकारियों ने लोगों से अपील की है कि वे प्रशासनिक प्रक्रियाओं में सहयोग करें और विवादों का समाधान कानूनी माध्यमों से करें।