नगर पालिका परिषद महासमुंद में भवन निर्माण अनुमति के लिए आवेदन करने वाले ललित कुमार लहरे को लंबे समय से कार्यालय के चक्कर लगाने पड़ रहे थे। आवेदक द्वारा आवश्यक दस्तावेज जमा करने के बाद भी नगर पालिका प्रशासन द्वारा भवन निर्माण अनुमति जारी नहीं की जा रही थी।
मामले की जानकारी मिलने पर आज पूर्व विधायक महासमुंद एवं प्रदेश कार्यसमिति सदस्य भाजपा डॉ. विमल चोपड़ा अपने समर्थकों के साथ नगर पालिका कार्यालय पहुंचे और मुख्य नगर पालिका अधिकारी (सीएमओ) से मुलाकात कर पूरे प्रकरण की जानकारी ली।
सीएमओ ने बताई अनुमति और शुल्क की स्थिति
चर्चा के दौरान सीएमओ ने बताया कि आवेदक को 16 जुलाई को भवन निर्माण की अनुमति स्वीकृत कर दी गई। परंतु सीएमओ ने आवेदक के नाम जारी किए गए पत्र (क्रमांक 1230/न.पा./लो.नि.शा./2026-27, दिनांक 16 जुलाई 2026) का हवाला देते हुए बताया कि भवन निर्माण अनुमति के लिए विकास शुल्क 54,790 रुपए, मंजूरी शुल्क 7,128 रुपए, सड़क बाधा शुल्क 1,500 रुपए निर्धारित किया गया है। इस प्रकार कुल 63,418 रुपए नगद जमा करने के बाद तथा कर्मकार उपकर 16,437 रुपए (आर टी जी एस) करने के बाद ही भवन निर्माण अनुमति जारी की जाएगी। सीएमओ ने यह भी बताया कि यह विकास शुल्क PIC द्वारा निर्धारित किया गया है तथा संबंधित भूमि को अविकसित क्षेत्र मानते हुए 40 रुपए प्रति वर्गफुट की दर से शुल्क लगाया गया है, जबकि उस क्षेत्र में सड़क एवं नाली जैसी मूलभूत सुविधाएं भी उपलब्ध नहीं हैं।पीआईसी के अधिकारों पर डॉ. चोपड़ा ने उठाए सवाल
इस पर डॉ. विमल चोपड़ा ने कड़ी आपत्ति जताते हुए कहा कि PIC किसी भी प्रकार का नया शुल्क निर्धारित नहीं कर सकती, जब तक कि वह नगर पालिका परिषद में विधिवत पारित होकर नियमों के अनुरूप लागू न किया गया हो। उन्होंने कहा कि यदि प्रति वर्गफुट 40 रुपए का शुल्क प्रत्येक मंजिल पर लिया जाएगा, तो दो मंजिला भवन पर 80 रुपए प्रति वर्गफुट तथा तीन मंजिला भवन पर 120 रुपए प्रति वर्गफुट के हिसाब से शुल्क देना पड़ेगा।
जबकि भवन के सामने सड़क की चौड़ाई और नगर पालिका द्वारा उपलब्ध कराई जाने वाली सुविधाओं में कोई वृद्धि नहीं होती। डॉ. चोपड़ा ने कहा कि जिस स्थान पर सड़क, नाली और अन्य मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध नहीं हैं, वहां इतना अधिक विकास शुल्क लेना आम नागरिकों के साथ अन्याय है। उन्होंने कहा कि ऐसी व्यवस्था में कई लोगों को अपनी जमीन खरीदने की कीमत से भी अधिक राशि भवन निर्माण अनुमति के शुल्क के रूप में जमा करनी पड़ सकती है, जो पूरी तरह अव्यावहारिक और जनविरोधी है।
आवेदन का तत्काल निराकरण करने की मांग
उन्होंने सीएमओ से कहा कि आवेदक ललित कुमार लहरे के प्रकरण का तत्काल निराकरण कर भवन निर्माण अनुमति जारी की जाए। साथ ही वर्तमान में लिए जा रहे विकास शुल्क की वैधानिकता की जांच कराई जाए तथा यदि शुल्क निर्धारण नियमों के अनुरूप नहीं है तो उसमें तत्काल सुधार किया जाए। डॉ. चोपड़ा ने कहा कि नगर पालिका का दायित्व नागरिकों को समयबद्ध और पारदर्शी सेवाएं उपलब्ध कराना है, न कि उन्हें महीनों तक कार्यालय के चक्कर लगाने के लिए मजबूर करना। उन्होंने यह भी कहा कि यदि इस प्रकार की शिकायतें लगातार मिलती रहीं तो इस विषय को उच्च स्तर पर उठाया जाएगा, ताकि आम जनता को राहत मिल सके।भाजपा कार्यकर्ता रहे मौजूद
इस अवसर पर पालिका उपाध्यक्ष देवीचंद राठी, भाजपा शहर मंडल अध्यक्ष महेन्द्र सिका,एल्डरमैन मोहन साहू, एल्डरमैन हनीश बग्गा, पार्षद हरबंश सिंग ढिल्लों नानू भाई, भाजपा नेता राजू चंद्राकर, भाजपा नेता पवन साहू, भाजपा नेता जितेंद्र साहू, मेघराज चन्द्रसेन, विक्की गुरुदत्ता, भारत खत्री, सुरेन्द्र यादव, सुरेन्द्र महाराज, पार्षद माखन पटेल, पार्षद पीयूष साहू, छन्नू साहू, धनी यादव, अशोक ध्रुव, सनी गिरी, सहित अन्य भाजपा कार्यकर्ता एवं समर्थक उपस्थित रहे।